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Bulandshahar News: दो दुष्कर्म पीड़िताओं को मेडिकोलीगल के लिए करना पड़ा 28 घंटे इंतजार, हंगामा

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Tue, 25 Nov 2025 10:30 PM IST
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Two rape victims had to wait 28 hours for medicolegal, uproar ensued
जिला चिकित्सालय में मेडिकोलीगल न होने पर जमा पुलिस। संवाद
बुलंदशहर। दो नाबालिग दुष्कर्म पीड़िताओं को मेडिकोलीगल के लिए अस्पताल लेकर आए परिजनों ने हंगामा कर दिया। आरोप लगाया कि चिकित्सकों ने 28 घंटे इंतजार कराने के बाद भी जांच नहीं की। हंगामे के बाद सीएमओ के आदेश पर आनन-फानन पीड़िताओं की जांच की गई। वहीं, हंगामे के दौरान एक पीड़िता की मां बेहोश होकर गिर पड़ीं। उनका उपचार चल रहा है।
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डिबाई क्षेत्र की एक किशाेरी को दो माह पूर्व गांव के ही दो युवक बहला-फुसलाकर ले गए थे, परिजनों ने उनमें से एक पर दुष्कर्म करने का आरोप लगाया है। वहीं, सलेमपुर क्षेत्र निवासी एक किशोरी ने गांव के तीन युवकों पर सामूहिक दुष्कर्म का आरोप लगाया है। इसकी एफआईआर कोर्ट के आदेश पर करीब छह माह बाद 20 नवंबर को दर्ज हुई।
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सोमवार सुबह करीब 11 बजे पुलिसकर्मी दोनों पीड़िताओं को लेकर मेडिकोलीगल कराने जिला चिकित्सालय पहुंचे। वहां शाम तक इंतजार करने के बाद भी मेडिकोलीगल करने वाली चिकित्सक नहीं आईं। पुलिसकर्मियों ने कई बार जांच के बारे में पूछा, लेकिन सही जानकारी नहीं मिली और बाद में मंगलवार को फिर से आने के लिए कहा गया।
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सुबह करीब आठ बजे परिजन और पुलिसकर्मी पीड़िताओं को लेकर दोबारा अस्पताल पहुंचे। आरोप है कि मेडिकोलीगल करने वाली चिकित्सक दोपहर करीब एक बजे अस्पताल पहुंचीं। दोनों किशोरियां भूखी-प्यासी इंतजार करती रहीं, लेकिन पुलिसकर्मियों ने जब चिकित्सक से मेडिकोलीगल कराने की मांग की तो उन्होंने दस्तावेज देखने के बाद जांच करने से इन्कार कर दिया। कहा कि सोमवार को जिस चिकित्सक की ड्यूटी थी, उसी से मेडिकोलीगल कराएं।
इसके बाद दोनों पीड़िताओं के परिजन हंगामा करने लगे। इसी दौरान सलेमपुर निवासी दुष्कर्म पीड़िता की मां बेहोश होकर गिर पड़ीं। परिजन उन्हें इमरजेंसी वार्ड में ले गए, जहां करीब 30 मिनट बाद उनको होश आया। इस बीच पुलिसकर्मियों ने मामले की जानकारी उच्च अधिकारियों को दी। वहां से सूचना सीएमओ के पास पहुंची, तब जाकर शाम चार बजे के बाद किशोरियों का मेडिकल किया गया।


आए दिन चिकित्सकों के न आने की समस्या
सीएमओ कार्यालय से जिलेभर के सरकारी चिकित्सालयों में तैनात स्त्री रोग विशेषज्ञ की एक-एक दिन के लिए मेडिकोलीगल की ड्यूटी लगाई गई है, जो 24 घंटे की होती है। अगले दिन संबंधित चिकित्सक को एक दिन का अवकाश मिलता है। आरोप लगते हैं कि आए दिन चिकित्सक देरी से ड्यूटी स्थल पर पहुंचती हैं और समय से पहले चली जाती हैं। सीएमओ समेत अन्य अफसरों से शिकायत की जा चुकी है, लेकिन कार्रवाई नहीं हो रही।

हंगामे के बाद मामले की जानकारी हुई। प्रकरण की जांच कर संबंधित चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। दोनों पीड़िताओं का मेडिकोलीगल करा दिया गया है।
-डॉ. सुनील कुमार दोहरे, सीएमओ
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