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Bulandshahar News: नरौरा परमाणु केंद्र में बनेंगी दो नई यूनिट, 440 मेगावाट बढ़ेगी बिजली उत्पादन क्षमता
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बुलंदशहर। नरौरा परमाणु केंद्र में दो नई यूनिट लगेंगी। बिजली उत्पादन की क्षमता 440 से बढ़ाकर 880 मेगावाट करने के लिए एटॉमिक एनर्जी विभाग मुंबई मुख्यालय की टीम ने सर्वे किया है। सर्वे के बाद टीम उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट सौंपेगी। इसके बाद नई यूनिट लगाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। नई यूनिट लगने से दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, जम्मू कश्मीर और मध्य प्रदेश सहित अन्य राज्यों को इसका लाभ मिलेगा।
देश में कुल सात परमाणु केंद्रों से बिजली उत्पादन कर विभिन्न राज्यों में सप्लाई दी जाती है। प्रदेश के एक मात्र नरौरा परमाणु केंद्र में फिलहाल 220-220 मेगावाट की दो यूनिट से बिजली उत्पादन किया जा रहा है। अब केंद्र सरकार ने परमाणु केंद्र में 220-220 मेगावाट की दो नई यूनिट लगाकर बिजली उत्पादन की क्षमता को दोगुना करने का निर्णय लिया है। नई यूनिट लगाने के लिए एटॉमिक एनर्जी विभाग की ओर से अधिकारियों की टीम ने नरौरा परमाणु केंद्र परिसर में पहुंचकर सर्वे पूरा कर लिया है। मुख्यालय से आए अधिकारियों के मुताबिक अभी तक इस कार्य के लिए डीपीआर तैयार नहीं की जा सकी है। डीपीआर तैयार होने के बाद ही इस प्रस्ताव पर खर्च होने वाली धनराशि का आकलन हो सकेगा।
13 जनवरी को स्थापित हुई थी पहली यूनिट
13 जनवरी 1974 को 700 एकड़ जमीन पर नरौरा परमाणु केंद्र में प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने पहली यूनिट की स्थापना की थी, जिससे 12 मार्च 1989 को बिजली उत्पादन शुरू किया गया था। इसके दो साल बाद 24 अक्तूबर 1991 को दूसरी यूनिट से बिजली उत्पादन शुरू किया गया था। परमाणु केंद्र से उत्पादित बिजली दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, जम्मू कश्मीर, मध्य प्रदेश समेत अन्य राज्यों में सप्लाई की जा रहा है। परमाणु केंद्र में दो नई यूनिट के संचालन से जिले में एक हजार से अधिक लोगों को रोजगार मिलेगा। इसमें इंजीनियरों के साथ प्रशासनिक अधिकारी, क्लर्क, मजदूर समेत अन्य पदों पर नए स्तर से केंद्र सरकार की ओर से भर्ती की जाएगी।
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करीब पांच साल में पूरा होगा कार्य
बिजली की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए केंद्र सरकार की ओर से नरौरा परमाणु केंद्र की क्षमता बढ़ाने के लिए विचार किया गया। अगले करीब पांच सालों में नई यूनिट लगाने का काम पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद दिल्ली, हरियाणा, मुंबई, पंजाब, जम्मू कश्मीर व साथ उत्तर प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में बिजली की किल्लत को दूर किया जाएगा।
परिसर में दो नई यूनिट लगाने के लिए मुख्यालय स्तर से प्रक्रिया चल रही है। मुख्यालय की टीम ने सर्वे किया था। सर्वे के बाद क्या रिपोर्ट दी है, इसकी जानकारी नहीं है। - प्रतीक अग्रवाल, स्टेशन निदेशक, नरौरा परमाणु केंद्र
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देश में कुल सात परमाणु केंद्रों से बिजली उत्पादन कर विभिन्न राज्यों में सप्लाई दी जाती है। प्रदेश के एक मात्र नरौरा परमाणु केंद्र में फिलहाल 220-220 मेगावाट की दो यूनिट से बिजली उत्पादन किया जा रहा है। अब केंद्र सरकार ने परमाणु केंद्र में 220-220 मेगावाट की दो नई यूनिट लगाकर बिजली उत्पादन की क्षमता को दोगुना करने का निर्णय लिया है। नई यूनिट लगाने के लिए एटॉमिक एनर्जी विभाग की ओर से अधिकारियों की टीम ने नरौरा परमाणु केंद्र परिसर में पहुंचकर सर्वे पूरा कर लिया है। मुख्यालय से आए अधिकारियों के मुताबिक अभी तक इस कार्य के लिए डीपीआर तैयार नहीं की जा सकी है। डीपीआर तैयार होने के बाद ही इस प्रस्ताव पर खर्च होने वाली धनराशि का आकलन हो सकेगा।
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13 जनवरी को स्थापित हुई थी पहली यूनिट
13 जनवरी 1974 को 700 एकड़ जमीन पर नरौरा परमाणु केंद्र में प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने पहली यूनिट की स्थापना की थी, जिससे 12 मार्च 1989 को बिजली उत्पादन शुरू किया गया था। इसके दो साल बाद 24 अक्तूबर 1991 को दूसरी यूनिट से बिजली उत्पादन शुरू किया गया था। परमाणु केंद्र से उत्पादित बिजली दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, जम्मू कश्मीर, मध्य प्रदेश समेत अन्य राज्यों में सप्लाई की जा रहा है। परमाणु केंद्र में दो नई यूनिट के संचालन से जिले में एक हजार से अधिक लोगों को रोजगार मिलेगा। इसमें इंजीनियरों के साथ प्रशासनिक अधिकारी, क्लर्क, मजदूर समेत अन्य पदों पर नए स्तर से केंद्र सरकार की ओर से भर्ती की जाएगी।
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करीब पांच साल में पूरा होगा कार्य
बिजली की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए केंद्र सरकार की ओर से नरौरा परमाणु केंद्र की क्षमता बढ़ाने के लिए विचार किया गया। अगले करीब पांच सालों में नई यूनिट लगाने का काम पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद दिल्ली, हरियाणा, मुंबई, पंजाब, जम्मू कश्मीर व साथ उत्तर प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में बिजली की किल्लत को दूर किया जाएगा।
परिसर में दो नई यूनिट लगाने के लिए मुख्यालय स्तर से प्रक्रिया चल रही है। मुख्यालय की टीम ने सर्वे किया था। सर्वे के बाद क्या रिपोर्ट दी है, इसकी जानकारी नहीं है। - प्रतीक अग्रवाल, स्टेशन निदेशक, नरौरा परमाणु केंद्र