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अस्पताल में तड़पती रही प्रसूता, नवजात की मौत
अमर उजाला ब्यूरो /बुलंदशहर
Updated Tue, 05 Jul 2016 11:05 PM IST
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जिला महिला अस्पताल में जननी सुरक्षा योजना एक बार फिर तार-तार हो गई। प्रसूता प्रसव पीड़ा से कराहती रही, लेकिन न किसी डॉक्टर को और न कोई स्टाफ को प्रसूता का दर्द सुनाई दिया। करीब पांच घंटे तक तड़पने के बाद अस्पताल स्टाफ को प्रसूता की सुध आई। डिलीवरी हुई तो नवजात ने दम तोड़ दिया। नवजात की मौत के बाद परिजनों ने जमकर हंगामा किया। हालांकि परिजनों का आरोप है कि नवजात की मौत नर्स के हाथ छूटकर गिर जाने से हुई थी। उधर, नवजात की मौत पर अफसरों ने चुप्पी साध ली है।
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कोतवाली देहात के खेतलपुर भैंसोली गांव निवासी सावित्री पत्नी मोनू को मंगलवार सुबह करीब तीन बजे प्रसव पीड़ा हुई। प्रसव पीड़ा के बाद प्रसूता को सुबह करीब पांच बजे जिला महिला अस्पताल लाया गया। परिजनों ने प्रसूता के प्रसव पीड़ा की सूचना डॉक्टरों और स्टाफ को दी, लेकिन किसी को प्रसूता का दर्द नहीं दिखाई दिया। करीब पांच घंटे तक प्रसूता दर्द से तड़पती रही। सुबह 10 बजे महिला अस्पताल के स्टाफ को प्रसूता का दर्द सुनाई दिया। प्रसूता के पति मोनू का आरोप है कि काफी हो-हल्ला के बाद प्रसूता की डिलीवरी की गई। डिलीवरी के बाद स्टाफ नर्स ने बताया कि नवजात की मौत हो गई। स्टाफ ने नवजात की मौत का कारण नहीं बताया।
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परिजनों ने महिला अस्पताल स्टाफ पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। करीब दो घंटे तक अस्पताल में हंगामा होता रहा। अन्य मरीजों और तीमारदारों द्वारा समझाने के बाद परिजन नवजात के शव और प्रसूता को लेकर वापस चले गए। वहीं परिजनों का आरोप है कि नवजात की मौत नर्स के हाथ से छूटकर गिर जाने से हुई है।
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ऐसे कैसे रुके शिशु-मातृत्व मृत्यु दर
शिशु-मातृत्व शिशु दर रोकने को लेकर शासन के सख्त दिशा निर्देश हैं। शासन की तरफ से दिशानिर्देश दिए गए हैं कि शिशु-मातृत्व मृत्यु दर का आंकड़ा शून्य हो। इसको लेकर सीएमओ को सख्त दिशानिर्देश दिए गए हैं। लेकिन शासन की मंशा जिले में ध्वस्त होती दिखाई दे रही है।
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मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। मैं अभी जरूरी काम से बाहर हूं। मैं डॉक्टरों से पूरी रिपोर्ट ले रही हूं, जिसके बाद कुछ कह पाना संभव होगा।
डॉ. बीना रानी, सीएमएस, जिला महिला अस्पताल
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महिला अस्पताल अलग यूनिट है। नवजात की मौत का मामला उनके संज्ञान में नहीं है। वह मामले की रिपोर्ट सीएमएस से लेंगे। - डॉ. दीपक ओहरी, सीएमओ