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Bulandshahar News: अनूपशहर से नरौरा तक पर्यटन कॉरिडोर को मिली मंजूरी
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बुलंदशहर। अनूपशहर से नरौरा तक पर्यटन कॉरिडोर के लिए डीपीआर तैयार हो चुकी है। अब अधिकारियों ने इसे पर्यटन विभाग को भेजा है। पर्यटन विभाग की ओर से कॉरिडोर बनाने के लिए सकारात्मक जवाब मिला है। संभावना है कि चुनाव खत्म होने के बाद कॉरिडोर बनाने के लिए काम शुरू हो जाएगा।
जिले में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए अनूपशहर से कर्णवास होते हुए नरौरा के रामघाट, राजघाट तक पर्यटन कॉरिडोर बनाने की योजना तैयार की जा रही है। कॉरिडोर बनाने के लिए सीडीओ कुलदीप मीना के निर्देशन में डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार करते हुए पर्यटन विभाग को स्वीकृति के लिए भेजी है। बताया जा रहा है कि पर्यटन विभाग के मंडल अधिकारियों ने इसे शासन को भेजा है। शासन की ओर से स्वीकृति और बजट जारी होने के बाद कॉरिडोर बनाने के लिए प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
अनूपशहर में प्रतिवर्ष त्योहार के अवसर पर गंगा स्नान के लिए 20 लाख से अधिक लोग पहुंचते हैं। इसके अलावा डिबाई के कर्णवास, नरौरा के रामघाट और राजघाट में भी 20 लाख से अधिक श्रद्धालु मेले में हिस्सा लेने और गंगा स्नान के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में इन श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए कॉरिडोर में पार्क, वाहनों की पार्किंग, रेस्टोरेंट, मंदिरों का सौंदर्यीकरण, दानवीर कर्ण की तपोस्थली कर्णवास के सौंदर्यीकरण समेत अन्य कार्य किए जाएंगे।
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अवंतिका कॉरिडोर के लिए उठ रही है मांग
जिले में अहार के पौराणिक महत्व को देखते हुए अवंतिका कॉरिडोर बनाने की मांग की जा रही है। जिले में मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री समेत अन्य बड़े मंत्रियों को लोगों और भाजपा पदाधिकारियों की ओर से अवंतिका कॉरिडोर बनाने के लिए ज्ञापन सौंपा गया, लेकिन अभी तक इसके लिए शासन की ओर से सहमति नहीं दी गई है।
जिले में धार्मिक स्थलों का हो चुका है सौंदर्यीकरण
जिले में विभिन्न गांवों में बने सात धार्मिक स्थानों का सौंदर्यीकरण कार्य पूरा हो चुका है। इसमें नगर के वलीपुरा नहर के घाट के साथ सिकंदराबाद में बूढ़ा बाबू मंदिर, सिद्ध बाबा मंदिर, अवंतिका देवी मंदिर, खुर्जा के सिद्धेश्वर बाबा मंदिर, शिकारपुर के मौनी बाबा मंदिर का सौंदर्यीकरण हो चुका है। बताया जा रहा है कि प्रतिदिन इन स्थानों पर 500 से अधिक लोग पूजा अर्चना के लिए पहुंचते हैं। जबकि त्योहारों के समय यहां पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की संख्या 10 हजार को भी पार कर जाती है।
अनूपशहर से नरौरा के रामघाट और राजघाट तक कॉरिडोर के लिए डीपीआर तैयार की गई है। डीपीआर को पर्यटन विभाग को भेजा है। स्वीकृति और धनराशि जारी होने के बाद कॉरिडोर बनाने का काम शुरू कराया जाएगा। - कुलदीप मीना, सीडीओ
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जिले में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए अनूपशहर से कर्णवास होते हुए नरौरा के रामघाट, राजघाट तक पर्यटन कॉरिडोर बनाने की योजना तैयार की जा रही है। कॉरिडोर बनाने के लिए सीडीओ कुलदीप मीना के निर्देशन में डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार करते हुए पर्यटन विभाग को स्वीकृति के लिए भेजी है। बताया जा रहा है कि पर्यटन विभाग के मंडल अधिकारियों ने इसे शासन को भेजा है। शासन की ओर से स्वीकृति और बजट जारी होने के बाद कॉरिडोर बनाने के लिए प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
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अनूपशहर में प्रतिवर्ष त्योहार के अवसर पर गंगा स्नान के लिए 20 लाख से अधिक लोग पहुंचते हैं। इसके अलावा डिबाई के कर्णवास, नरौरा के रामघाट और राजघाट में भी 20 लाख से अधिक श्रद्धालु मेले में हिस्सा लेने और गंगा स्नान के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में इन श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए कॉरिडोर में पार्क, वाहनों की पार्किंग, रेस्टोरेंट, मंदिरों का सौंदर्यीकरण, दानवीर कर्ण की तपोस्थली कर्णवास के सौंदर्यीकरण समेत अन्य कार्य किए जाएंगे।
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अवंतिका कॉरिडोर के लिए उठ रही है मांग
जिले में अहार के पौराणिक महत्व को देखते हुए अवंतिका कॉरिडोर बनाने की मांग की जा रही है। जिले में मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री समेत अन्य बड़े मंत्रियों को लोगों और भाजपा पदाधिकारियों की ओर से अवंतिका कॉरिडोर बनाने के लिए ज्ञापन सौंपा गया, लेकिन अभी तक इसके लिए शासन की ओर से सहमति नहीं दी गई है।
जिले में धार्मिक स्थलों का हो चुका है सौंदर्यीकरण
जिले में विभिन्न गांवों में बने सात धार्मिक स्थानों का सौंदर्यीकरण कार्य पूरा हो चुका है। इसमें नगर के वलीपुरा नहर के घाट के साथ सिकंदराबाद में बूढ़ा बाबू मंदिर, सिद्ध बाबा मंदिर, अवंतिका देवी मंदिर, खुर्जा के सिद्धेश्वर बाबा मंदिर, शिकारपुर के मौनी बाबा मंदिर का सौंदर्यीकरण हो चुका है। बताया जा रहा है कि प्रतिदिन इन स्थानों पर 500 से अधिक लोग पूजा अर्चना के लिए पहुंचते हैं। जबकि त्योहारों के समय यहां पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की संख्या 10 हजार को भी पार कर जाती है।
अनूपशहर से नरौरा के रामघाट और राजघाट तक कॉरिडोर के लिए डीपीआर तैयार की गई है। डीपीआर को पर्यटन विभाग को भेजा है। स्वीकृति और धनराशि जारी होने के बाद कॉरिडोर बनाने का काम शुरू कराया जाएगा। - कुलदीप मीना, सीडीओ