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दांव पर दिग्गजों की प्रतिष्ठा
अमर उजाला ब्यूरो, सिकंदराबाद
Updated Mon, 30 Jan 2017 12:21 AM IST
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UP Election
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विधानसभा चुनाव में इस बार सिकंदराबाद सीट पर दिग्गजों की प्रतिष्ठा दांव पर होगी। इस सीट के लिए सपा के टिकट पर बिहार के मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव के दामाद राहुल यादव पहली बार खम ठोंक रहे हैं।
वहीं पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष आशा यादव भी रालोद के टिकट पर मैदान में हैं। उनके पति हरेंद्र यादव वर्तमान में जिला पंचायत अध्यक्ष हैं। इसके अलावा बसपा के मोहम्मद इमरान भी मुस्लिम वोटबैंक के बल पर मजबूत दावेदारी पेश कर रहे हैं। वहीं इस सीट से विधायक रहीं विमला सोलंकी भी भाजपा के टिकट पर फिर से जोर आजमाइश करेंगीं।
मुस्लिम, दलित, यादव और ठाकुर बाहुल्य विधानसभा सीट होने के कारण तमाम राजनीतिक पार्टियों ने सिकंदराबाद में जातिगत आंकड़ों के हिसाब से दांव खेला है। सपा प्रत्याशी राहुल यादव के पिता जितेंद्र यादव भी मौजूदा सरकार में गाजियाबाद से एमएलसी हैं।
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कुल मिलाकर इस सीट पर लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, एमएलसी जितेंद्र यादव और मुलायम सिंह यादव की प्रतिष्ठा दंाव पर होगी। उनके मुकाबले आशा यादव की प्रतिष्ठा भी इस सीट से जुड़ी हुई है। आशा जिला पंचायत अध्यक्ष रह चुकी हैं। उनके पति हरेंद्र यादव मौजूदा जिला पंचायत अध्यक्ष हैं। आशा चौबीसा क्षेत्र की बहू हैं। इसलिए भी आशा यादव और हरेंद्र यादव के लिए जीत मायने रखती है।
बसपा के इमरान सियासी अखाड़े के नए योद्धा हैं। सपा से इकलौते मुस्लिम उम्मीदवार अब्दुल रब का टिकट कट जाने के बाद मो. इमरान मुस्लिम वोटों को अपनी ओर किस हद तक साध पाते हैं ये वक्त ही बताएगा। भाजपा की विमला सोलंकी मौजूदा विधायक हैं और दूसरी बार चुनाव मैदान में उतरी है। विधानसभा 2012 के चुनाव में भी विमला सोलंकी महज 123 मतों से ही जीती थी।
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वहीं पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष आशा यादव भी रालोद के टिकट पर मैदान में हैं। उनके पति हरेंद्र यादव वर्तमान में जिला पंचायत अध्यक्ष हैं। इसके अलावा बसपा के मोहम्मद इमरान भी मुस्लिम वोटबैंक के बल पर मजबूत दावेदारी पेश कर रहे हैं। वहीं इस सीट से विधायक रहीं विमला सोलंकी भी भाजपा के टिकट पर फिर से जोर आजमाइश करेंगीं।
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मुस्लिम, दलित, यादव और ठाकुर बाहुल्य विधानसभा सीट होने के कारण तमाम राजनीतिक पार्टियों ने सिकंदराबाद में जातिगत आंकड़ों के हिसाब से दांव खेला है। सपा प्रत्याशी राहुल यादव के पिता जितेंद्र यादव भी मौजूदा सरकार में गाजियाबाद से एमएलसी हैं।
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कुल मिलाकर इस सीट पर लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, एमएलसी जितेंद्र यादव और मुलायम सिंह यादव की प्रतिष्ठा दंाव पर होगी। उनके मुकाबले आशा यादव की प्रतिष्ठा भी इस सीट से जुड़ी हुई है। आशा जिला पंचायत अध्यक्ष रह चुकी हैं। उनके पति हरेंद्र यादव मौजूदा जिला पंचायत अध्यक्ष हैं। आशा चौबीसा क्षेत्र की बहू हैं। इसलिए भी आशा यादव और हरेंद्र यादव के लिए जीत मायने रखती है।
बसपा के इमरान सियासी अखाड़े के नए योद्धा हैं। सपा से इकलौते मुस्लिम उम्मीदवार अब्दुल रब का टिकट कट जाने के बाद मो. इमरान मुस्लिम वोटों को अपनी ओर किस हद तक साध पाते हैं ये वक्त ही बताएगा। भाजपा की विमला सोलंकी मौजूदा विधायक हैं और दूसरी बार चुनाव मैदान में उतरी है। विधानसभा 2012 के चुनाव में भी विमला सोलंकी महज 123 मतों से ही जीती थी।