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‘आज उधार, कल नगद’ के आधार पर चला बाजार

Wed, 09 Nov 2016 11:05 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/बुलंदशहर
अमर उजाला ब्यूरो/बुलंदशहर Updated Wed, 09 Nov 2016 11:05 PM IST
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"Today, credit, cash tomorrow 'came on the market
अन्य - फोटो : अमर उजाला
पांच सौ और हजार के नोट का चलन बंद होने का एलान के साथ ही मोदी ने एक झटके में मार्केट का ट्रेंड बदल दिया। कल तक जहां कारोबार ‘आज नगद, कल उधार’ के सूत्र पर चलता था, वहीं आज दुकानों पर कैश पेमेंट के बजाय उधार पर कारोबार हुआ।
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हालांकि ऐसा परिचित ग्राहकों के साथ हुआ । अलबत्ता ऑनलाइन पेमेंट ने कुछ हद तक राहत दी लेकिन निम्न मध्यम वर्ग के खरीददार और  छोटे दुकानदार दिनभर परेशान ही रहे। न उनके बिल जमा हुए और न दवा ही खरीद पाए। रोजमर्रा की जरूरी वस्तुओं की खरीदारी भी थम सी गई। हर जगह सौ-पचास के नोटों की ही पूछताछ होती रही।
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500 और 1000 के नोटों का चलन बंद होने से मंगलवार को बाजार औंधे मुंह गिर गया। सरकारी खजाना भी खाली हो गया। लोगों की जेब में 500-1000 के नोट थे मगर उनको बाजार में पूछने वाला कोई नहीं था। पेट्रोल पंप, सरकारी और गैर सरकारी अस्पतालों में भी हजार-पांच सौ के नोट स्वीकार नहीं किए गए।
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ऐसे में आम आदमी पूरी तरह बेबस नजर आया। उन लोगों को परेशानी का अधिक सामना करना पड़ा जिनके घर में जल्द ही वैवाहिक या अन्य समारोह का आयोजन होना है।
जनपद में हर रोज 30 से 40 करोड़ रुपये का फुटकर व्यापार होता है।

500-1000 के नोट का चलन बंद होने से करोड़ों का बाजार चंद लाखों में सिमट गया। ग्राहक बाजार में पहुंचे जरूर लेकिन दुकानदारों ने बड़े नोट लेने से इनकार कर दिया। अंसारी रोड पर मिठाई, कपड़ा और कास्मेटिक की दुकानों पर दुकानदार और ग्राहकों के बीच नोकझोंक होती दिखाई दी।

कुल मिलाकर बात नहीं बनने पर आम आदमी को मायूस लौटना पड़ा। 10, 20, 50 और 100 रुपये को छोड़कर बाकी स्टांप की बिक्री नहीं होने से प्रापर्टी की रजिस्ट्री नहीं हुई। स्टांप एवं रजिस्ट्री विभाग के मुताबिक जनपद में जिले की सभी सातों तहसीलों में एक भी रजिस्ट्री नहीं हो पाई।

रजिस्ट्री के लिए विभाग में नगद धनराशि जमा करानी होती है। बिजली एवं टेलीफोन का बिल जमा नहीं किए गए। हाइड्रिल कालोनी में बिजली जमा नहीं होने से खफा उपभोक्ताओं की बिजली कर्मचारियों से झड़प हुई। अस्पताल और मेडिकल स्टोरों पर से भी मरीज और तीमारदारों को मायूस लौटना पड़ा।

बंद हुए नोटों को लेकर अस्पताल में हंगामा
खुर्जा(ब्यूरो)। पांच सौ और एक हजार के नोटों को लेकर अस्पताल प्रबंधन और महिला के परिजनों में घंटों तक तकरार होती रही। इस दौरान महिला दर्द से तड़पती रही। महिला के गर्भ में ही बच्चे की मौत हो जाने पर उसका आपरेशन किया जाना था। आसपास के लोगों के समझाने पर अस्पताल प्रबंधन ने महिला को एडमिट करके आपरेशन किया।

एक निजी अस्पताल में 500 और हजार रुपये के नोट न लेने पर प्रसव कराने आई महिला के परिजनों ने जमकर हंगामा किया। उन्होंने अस्पताल प्रशासन पर मरीज का इलाज करने में देरी का आरोप लगाया। गांव अटेरना निवासी अभिषेक की पत्नी एकता को बुधवार दोपहर प्रसव पीड़ा हुई।

हालत बिगड़ने पर परिजन उसे लेकर एक निजी अस्पताल में पहुंचे। वहां पर चिकित्सकों ने चेकअप के बाद बताया कि पेट में नवजात की मौत हो चुकी है और उसका आपरेशन किया जाएगा। आपरेशन के लिए रुपये जमा करने के दौरान जब परिजनों ने 500 और हजार रुपये के नोट दिए तो अस्पताल प्रशासन ने उन्हें लेने से इनकार कर दिया।

इसे लेकर परिजनों ने हंगामा करना शुरू कर दिया। इस दौरान महिला प्रसव पीड़ा से तड़पती रही। हांलाकि बाद में कुछ लोगों के समझाने पर परिजन शांत हुए। वहीं चिकित्सकों ने महिला को भर्ती  कर उसका इलाज शुरू कर दिया। इस मामले की शिकायत नहीं की गई है।

मरीज न देखने पर अस्पताल में हंगामा
बुलंदशहर। नगर के एक अस्पताल में मरीज न देखने पर जमकर हंगामा हुआ। मरीज के तीमारदारों ने काफी देर तक हंगामा किया। बाद में किसी तरह मामला शांत हुआ। दरअसल क्षेत्र के गांव अकबरपुर रैना निवासी धर्मेन्द्र चौधरी अपनी पत्नी सपना चौधरी को दिखाने नगर के एक निजी अस्पताल आए थे। 

यहां धर्मेन्द्र ने चिकित्सक की फीस के लिए 500 रुपये का नोट दिया, जिसे काउंटर पर बैठे व्यक्ति ने लेने से इंकार कर दिया। उसने धर्मेन्द्र से 100 या 50 के नोट देने को कहा। इसको लेकर धर्मेन्द्र और अस्पताल स्टाफ के बीच जमकर नोंकझोंक हुई।

परिजनों ने अस्पताल में हंगामा करना शुरू कर दिया, इसके बावजूद मरीज को नहीं देखा गया। बाद में किसी तरह मामला शांत हुआ। क्षेत्र में डॉक्टरों के इस रवैये का तीखा विरोध देखने को मिला है। लोगों का कहना है कि सरकार का निर्णय तो ठीक है लेकिन करेंसी को कैंसिल नहीं किया गया है। इसे बैंक में जमा कराया जा सकता है।

पांच दिन तक बिल पर कोई पेनाल्टी नहींः डीएम
डीएम ने नोट बंदी को लेकर अफरातफरी का माहौल क्रिएट न हो इसलिए परिवहन संभाग, बिजली, लीड बैंक अफसर, बीएलएनएल और बैंक अफसरों के साथ मीटिंग की। डीएम ने संबंधित अफसरों से कहा कि पांच दिन तक बिल पर कोई पेनाल्टी नहीं लगाई जाएगा।

बैठक में एआईजी स्टांप जेएन सिंह ने डीएम को शासन का आदेश भी दिखाया। आदेश में 500-1000 के नोट लेने को मनाही की गई थी।

जहांगीराबाद मंडी पांच दिन के लिए बंद
बड़े नोटों के चलन पर रोक का असर देखते हुए मंडी व्यापार मंडल अध्यक्ष जयप्रकाश गर्ग ने जहांगीराबाद धान मंडी को पांच दिन तक बंद रखने का एलान किया है। व्यापार मंडल ने अपनी इस बंदी की घोषणा को लेकर बाकायदा मुनादी तक कराई है।

अध्यक्ष जयप्रकाश गर्ग ने बताया कि पहले ही दिन किसानों को उनकी फसल का भुगतान करने मे दिक्कत हुई,जिसके चलते मंडी बंद रखने का निर्णय लेना पड़ा। जहांगीराबाद मंडी अब मंगलवार को खुलेगी।

जितना बड़ा नोट, उतना डलवाना पड़ा तेल
पेट्रोल पंपों पर ‘जितना बड़ा नोट, उतना तेल’ फार्मूला चला। सचिन ने काला आम स्थित पेट्रोल पंप से 100 रुपये का तेल डलवाया और सेल्समेन को 500 का नोट थमा दिया। कुछ देर की नोकझोंक के बाद में सेल्समैन ने सचिन की बाइक में 400 रुपये का तेल और डाला।


बाकी ग्राहकों को भी जितने का नोट उतना तेल दिया गया। रोडवेज बस के काउंटर और रेलवे स्टेशन के काउंटर पर भी यात्री और कर्मचारियों में नोकझोंक हुई। शराब के ठेकों पर भी सेल्समैन और पियक्कड़ों में तू मैं हुई।

 
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