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Bulandshahar News: सबसे ठंडा दिन रहा बृहस्पतिवार, 12 साल का टूटा रिकॉर्ड
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संवाद न्यूज एजेंसी
बुलंदशहर। हाड़ कंपकंपा देने वाली ठंड ने लोगों का हाल बेहाल कर दिया है। शाम होने से पहले ही लोग घरों में कैद हो जाने को मजबूर हैं। पूरे दिन लोगों को सूर्य के दर्शन नहीं हुए। रात में पाला, कोहरा और दिन में शीतलहर के कारण पारा लगातार गिर रहा है।। पिछले 12 सालों में बृहस्पतिवार दिन का तापमान सबसे कम दर्ज किया गया। आने वाले कई दिनों तक ऐसी ही ठंड पड़ने की उम्मीद है।
बृहस्पतिवार सुबह से ही शीतलहर ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए। शाम तक शहरवासी हाड़ कंपा देने वाली सर्दी की मार झेलते रहे। दिनभर सूरज के दर्शन नहीं हुए। शाम के बाद कोहरे की चादर बिछ गई और गलन भी बढ़ गई। ऐसे मौसम के बीच सुबह के समय सबसे अधिक परेशानी वाहन चालकों को उठानी पड़ी। सर्दी के चलते लोग घरों में ही दुबके रहे। बाजारों में भीड़ कम रही। जरूरतमंद लोग ही बाहर निकले। इसका असर गांव से लेकर ग्रामीण क्षेत्र तक देखने को मिला। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार पहाड़ों में बर्फबारी होने से मैदानी क्षेत्रों में शीत लहर का असर दिखाई दे रहा है। पिछले कुछ दिन से मौसम का मिजाज पूरी तरह बदला हुआ है। जनवरी के शुरूआत में पारा लगातार सामान्य से ऊपर बना हुआ था, अब एकाएक गिर रहा है। बृहस्पतिवार को दिन का अधिकतम तापमान 10.8 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 4 डिग्री सेल्सियस पर टिका रहा। आद्रता 96 फीसदी और हवा की गति 6 से 7 प्रति घंटे के बीच रही। कृषि विज्ञान केंद्र के मौसम वैज्ञानिक डॉ. विवेकराज का कहना है कि रात में पाला गिरने से तापमान में गिरावट हो रही है। पाला व पहाड़ों पर बर्फबारी से चल रही शीतलहर के असर से शरीर में गलन का अहसास बना हुआ है। अभी रात में पाला गिरने का दौर जारी रहेगा। आने वालों दिनों में अभी इससे निजात नहीं मिलने वाली है। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 13 और न्यूनतम 4 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है।
पिछले 12 सालों में 18 जनवरी का तापमान
वर्ष - अधिकतम - न्यूनतम तापमान
2024 - 10.8 - 4 डिग्री सेल्सियस
2023 - 13.2 - 4.4 डिग्री सेल्सियस
2022 - 13.1 - 4.8 डिग्री सेल्सियस
2021 - 14.1 - 5 डिग्री सेल्सियस
2020 - 13.8 - 4.7 डिग्री सेल्सियस
2019 - 13.3 - 4.5 डिग्री सेल्सियस
2018 - 14.2 - 5.1 डिग्री सेल्सियस
2017 - 15.1 - 5.5 डिग्री सेल्सियस
2016 - 13.7 - 4.8 डिग्री सेल्सियस
2015 - 12.8 - 4.1 डिग्री सेल्सियस
2014 - 12.9 - 4.8 डिग्री सेल्सियस
2013 - 11.8 - 4.3 डिग्री सेल्सियस
2012 - 11.4 - 4.0 डिग्री सेल्सियस
प्रदूषण घटा, एक्यूआई 178
कड़ाके की ठंड के बीच एक अच्छी खबर यह है। बृहस्पतिवार को एक्यूआई कम होकर 178 पर पहुंच गया है। बुधवार को शहर का एक्यूआई 235 के पार पहुंच गया था। ऐसे मौसम के बीच एक्यूआई में भी लगातार उतार-चढ़ाव हो रहा है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार इस समय एक्यूआई सही चल रहा है।
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गेहूं की फसल के लिए वरदान
कृषि विज्ञान केंद्र की वैज्ञानिक रेशू सिंह के अनुसार लगातार कोहरा पड़ने के कारण क्षेत्र में गेहूं की फसल रिकार्ड तोड़ होने की संभावना है। गेहूं की फसल के लिए कोहरा और सर्दी पड़ना अच्छा है। इस समय बारिश की भी जरूरत महसूस की जा रही है। इस बार खास बात यह भी देखने को मिल रही है बारिश न होने के बावजूद भी ठंड का असर अधिक है। लगातार पड़ रहे कोहरे को देखते हुए किसानों को आलू व सरसों समेत सब्जी की फसलों पर ध्यान देने की जरूरत है।
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बुलंदशहर। हाड़ कंपकंपा देने वाली ठंड ने लोगों का हाल बेहाल कर दिया है। शाम होने से पहले ही लोग घरों में कैद हो जाने को मजबूर हैं। पूरे दिन लोगों को सूर्य के दर्शन नहीं हुए। रात में पाला, कोहरा और दिन में शीतलहर के कारण पारा लगातार गिर रहा है।। पिछले 12 सालों में बृहस्पतिवार दिन का तापमान सबसे कम दर्ज किया गया। आने वाले कई दिनों तक ऐसी ही ठंड पड़ने की उम्मीद है।
बृहस्पतिवार सुबह से ही शीतलहर ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए। शाम तक शहरवासी हाड़ कंपा देने वाली सर्दी की मार झेलते रहे। दिनभर सूरज के दर्शन नहीं हुए। शाम के बाद कोहरे की चादर बिछ गई और गलन भी बढ़ गई। ऐसे मौसम के बीच सुबह के समय सबसे अधिक परेशानी वाहन चालकों को उठानी पड़ी। सर्दी के चलते लोग घरों में ही दुबके रहे। बाजारों में भीड़ कम रही। जरूरतमंद लोग ही बाहर निकले। इसका असर गांव से लेकर ग्रामीण क्षेत्र तक देखने को मिला। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार पहाड़ों में बर्फबारी होने से मैदानी क्षेत्रों में शीत लहर का असर दिखाई दे रहा है। पिछले कुछ दिन से मौसम का मिजाज पूरी तरह बदला हुआ है। जनवरी के शुरूआत में पारा लगातार सामान्य से ऊपर बना हुआ था, अब एकाएक गिर रहा है। बृहस्पतिवार को दिन का अधिकतम तापमान 10.8 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 4 डिग्री सेल्सियस पर टिका रहा। आद्रता 96 फीसदी और हवा की गति 6 से 7 प्रति घंटे के बीच रही। कृषि विज्ञान केंद्र के मौसम वैज्ञानिक डॉ. विवेकराज का कहना है कि रात में पाला गिरने से तापमान में गिरावट हो रही है। पाला व पहाड़ों पर बर्फबारी से चल रही शीतलहर के असर से शरीर में गलन का अहसास बना हुआ है। अभी रात में पाला गिरने का दौर जारी रहेगा। आने वालों दिनों में अभी इससे निजात नहीं मिलने वाली है। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 13 और न्यूनतम 4 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है।
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पिछले 12 सालों में 18 जनवरी का तापमान
वर्ष - अधिकतम - न्यूनतम तापमान
2024 - 10.8 - 4 डिग्री सेल्सियस
2023 - 13.2 - 4.4 डिग्री सेल्सियस
2022 - 13.1 - 4.8 डिग्री सेल्सियस
2021 - 14.1 - 5 डिग्री सेल्सियस
2020 - 13.8 - 4.7 डिग्री सेल्सियस
2019 - 13.3 - 4.5 डिग्री सेल्सियस
2018 - 14.2 - 5.1 डिग्री सेल्सियस
2017 - 15.1 - 5.5 डिग्री सेल्सियस
2016 - 13.7 - 4.8 डिग्री सेल्सियस
2015 - 12.8 - 4.1 डिग्री सेल्सियस
2014 - 12.9 - 4.8 डिग्री सेल्सियस
2013 - 11.8 - 4.3 डिग्री सेल्सियस
2012 - 11.4 - 4.0 डिग्री सेल्सियस
प्रदूषण घटा, एक्यूआई 178
कड़ाके की ठंड के बीच एक अच्छी खबर यह है। बृहस्पतिवार को एक्यूआई कम होकर 178 पर पहुंच गया है। बुधवार को शहर का एक्यूआई 235 के पार पहुंच गया था। ऐसे मौसम के बीच एक्यूआई में भी लगातार उतार-चढ़ाव हो रहा है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार इस समय एक्यूआई सही चल रहा है।
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गेहूं की फसल के लिए वरदान
कृषि विज्ञान केंद्र की वैज्ञानिक रेशू सिंह के अनुसार लगातार कोहरा पड़ने के कारण क्षेत्र में गेहूं की फसल रिकार्ड तोड़ होने की संभावना है। गेहूं की फसल के लिए कोहरा और सर्दी पड़ना अच्छा है। इस समय बारिश की भी जरूरत महसूस की जा रही है। इस बार खास बात यह भी देखने को मिल रही है बारिश न होने के बावजूद भी ठंड का असर अधिक है। लगातार पड़ रहे कोहरे को देखते हुए किसानों को आलू व सरसों समेत सब्जी की फसलों पर ध्यान देने की जरूरत है।