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दूषित पानी पीने के लिए मजबूर हजारों लोग

Sat, 25 Jun 2016 10:34 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/बुलंदशहर
अमर उजाला ब्यूरो/बुलंदशहर Updated Sat, 25 Jun 2016 10:34 PM IST
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Thousands of people forced to drink contaminated water
हैंडपंप - फोटो : अमर उजाला

शहर से गांव तक आम आदमी दूषित पानी पीने को मजबूर हैं। जल निगम ने लाल निशान लगाकर जिन 1676 हैंडपंपों को चिन्हित किया था। उन हैंडपंपों को अभी तक रीबोर नहीं कराया गया है। ऐसे में आम आदमी लाल निशान वाले प्रतिबंधित हैंडपंप के पानी पीने को मजबूर हैं।

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शहरी और ग्रामीण इलाकों में विभिन्न सरकारी योजनाओं के तहत 33858 हैंडपंप लगे हुए हैं। इनमें 32182 हैंडपंप चालू हालत में है। पिछले दिनों 1676 हैंडपंपों पर जल निगम ने लाल निशान लगा चेतावनी जारी की थी कि इन हैंडपंपों का पानी पीने योग्य नहीं हैं।
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मगर, जनपद के लोग लाल निशान वाले 1676 हैंडपंपों से निकला दूषित पानी ही पी रहे हैं। नियम के मुताबिक लाल निशान वाले हैंडपंपों को समय रहते रीबोर किया जाना चाहिए। मगर अब तक सरकारी मशीनरी ने ऐसा नहीं किया। इसी कारण आम आदमी दूषित पानी पीकर अपनी प्यास बुझाने को मजबूर है।
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वहीं, अब गांव-गांव पानी की जांच की जाएगी। जिस गांव में आर्सेनिक और फ्लोराइड तत्व मिलेगा, वहां पेयजल परियोजना लागू की जाएगी।

इन क्षेत्रों में ज्यादा खराब है स्थिति
सिकंदराबाद, खुर्जा समेत गांव हृदयपुर, सांवली, शेरपुर, मुरादाबाद, समेलपुर, छतारी, पहासू, शिकारपुर, कैलावन, करैना, खुरतरा, पूठरी, भटवारा, अनोना, चांदौक, चिटटा, बरवारीपुर, याकूबपुर, मुकीमपुर, असावरी, मिटठेपुर, सुरजावली आदि।

विधायक निधि से लगेंगे 700 हैंडपंप
सीडीओ जसजीत कौर ने बताया कि जनपद की सातों विधानसभा क्षेत्रों में 700 नए हैंडपंप लगवाए जाएंगे। 700 खराब हैंडपंपों को रीबोर भी कराया जाना प्रस्तावित है। विधायक निधि से नए हैंडपंप लगवाने और पुराने हैंडपंपों की रिबोरिंग का लक्ष्य मिला है।


आड़े आ रही पैसे की कमी
सीडीओ जसजीत कौर का है कि ऐसे हैंडपंपों के रीबोर के संबंध में शासन से धनराशि प्राप्त नहीं हुई है। व्यक्तिगत रूचि लेकर जल निगम से 100 हैंडपंप रीबोर करवा लिए गए हैं। इन 100 हैंडपंपों का पैसा भी शासन से नहीं मिला है। शासन से धनराशि एक सप्ताह में मिलने की उम्मीद है।

 

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