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Bulandshahar News: मरीज भर्ती करने पर बाल रोग विशेषज्ञ और ईएमओ के बीच हुई नोकझोंक
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जिला चिकित्सालय के इमरजेंसी वार्ड में डेढ़ वर्षीय बच्चे के साथ बैठी मां व दादी। संवाद
बुलंदशहर। जिला चिकित्सालय की इमरजेंसी से डेढ़ साल के मासूम को वार्ड में भर्ती करने पर बाल रोग विशेषज्ञ व ईएमओ के बीच शुक्रवार रात नोकझोंक हो गई। बाल रोग विशेषज्ञ ने बिना परामर्श के बच्चे को वार्ड में भर्ती न करने की बात कही। ईएमओ ने नियमानुसार बच्चे को भर्ती करने की बात कही। शनिवार को इस मामले में मेडिकल कॉलेज के कार्यवाहक प्राचार्य ने बाल रोग विशेषज्ञ को समय से इमरजेंसी पहुंचने की चेतावनी दी है।
मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला चिकित्सालय की इमरजेंसी में शुक्रवार रात करीब 8:25 पर दोस्तपुर निवासी मनोज एनीमिया से पीड़ित डेढ़ वर्षीय भतीजे लव को लेकर इलाज के लिए पहुंचा। इमरजेंसी में मौजूद स्टाफ ने बाल रोग विशेषज्ञ बुलाने के लिए कॉल की, लेकिन 30 मिनट बाद भी न आने पर बच्चे को इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कर दिया।
रात करीब 9:20 पर बाल रोग विशेषज्ञ इमरजेंसी पहुंचे तो बच्चे को भर्ती करने की बात सुनकर नोकझोंक शुरू कर दी और इलाज न करने की बात कह वापस लौट गए।
इसके पांच मिनट बाद दो अन्य बाल रोग विशेषज्ञ ने पहुंचकर ईएमओ व स्टाफ से बच्चे को बिना परमिशन भर्ती करने का कारण पूछा। कहा कि बिना परमिशन के किसी भी बच्चे को भर्ती न किया जाए, नहीं तो हम जिम्मेदारी नहीं लेगें।
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मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला चिकित्सालय की इमरजेंसी में शुक्रवार रात करीब 8:25 पर दोस्तपुर निवासी मनोज एनीमिया से पीड़ित डेढ़ वर्षीय भतीजे लव को लेकर इलाज के लिए पहुंचा। इमरजेंसी में मौजूद स्टाफ ने बाल रोग विशेषज्ञ बुलाने के लिए कॉल की, लेकिन 30 मिनट बाद भी न आने पर बच्चे को इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कर दिया।
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रात करीब 9:20 पर बाल रोग विशेषज्ञ इमरजेंसी पहुंचे तो बच्चे को भर्ती करने की बात सुनकर नोकझोंक शुरू कर दी और इलाज न करने की बात कह वापस लौट गए।
इसके पांच मिनट बाद दो अन्य बाल रोग विशेषज्ञ ने पहुंचकर ईएमओ व स्टाफ से बच्चे को बिना परमिशन भर्ती करने का कारण पूछा। कहा कि बिना परमिशन के किसी भी बच्चे को भर्ती न किया जाए, नहीं तो हम जिम्मेदारी नहीं लेगें।
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