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Bulandshahar News: दंत विभाग में नहीं जांच की सुविधा, करानी पड़ रही बाहर
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बुलंदशहर। मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल के दंत विभाग में मरीजों को दांत निकालने व सफाई करने आदि का उपचार मिल रहा है। रूट केनाल ट्रीटमेंट (आरसीटी) और ओपीजी एक्सरे जांच के लिए मरीजों को बाहर जाना पड़ रहा है। ऐसे में मरीजों को निजी अस्पतालों का सहारा लेना पड़ रहा हैं।
जिला अस्पताल की ओपीडी में दंत विभाग की ओपीडी संचालित हो रही है। यहां पर प्रतिदिन 50 से 70 मरीज दंत रोग की समस्या लेकर पहुंच रहे हैं। इनमें कुछ ऐसे भी मरीज होते हैं जिनकी नस खराब, टूटे हुए दांत की जगह दूसरे लगवाने की समस्या के होते हैं। लेकिन मरीजों को यह सुविधा नहीं मिल पाती है। ऐसे में संबंधित को जांच व ट्रीटमेंट के लिए निजी अस्पतालों का सहारा लेना पड़ जाता है। मरीज राजाराम ने बताया कि मुंह के सभी दांत टूट चुके हैं। चिकित्सक को दिखाया तो पहले एक्सरे कराने को कहा। जो बाहर निजी लैब पर होता है। इसके बाद ट्रीटमेंट के लिए अलीगढ़ या मेरठ जाने की सलाह दी। मरीज सोनम ने बताया कि दांत की सफाई के लिए गई तो चिकित्सक ने कर दी। टेढ़े दांत को सीधा करने के लिए अलीगढ़ या मेरठ जाने को कहा है। यहीं स्थिति अन्य मरीजों की है।
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ओपीडी में अभी प्राथमिक उपचार की सुविधा है। अन्य सुविधाएं भी धीरे-धीरे बढ़नी शुरू होगी। - डॉ. राजीव प्रसाद, सीएमएस जिला अस्पताल
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जिला अस्पताल की ओपीडी में दंत विभाग की ओपीडी संचालित हो रही है। यहां पर प्रतिदिन 50 से 70 मरीज दंत रोग की समस्या लेकर पहुंच रहे हैं। इनमें कुछ ऐसे भी मरीज होते हैं जिनकी नस खराब, टूटे हुए दांत की जगह दूसरे लगवाने की समस्या के होते हैं। लेकिन मरीजों को यह सुविधा नहीं मिल पाती है। ऐसे में संबंधित को जांच व ट्रीटमेंट के लिए निजी अस्पतालों का सहारा लेना पड़ जाता है। मरीज राजाराम ने बताया कि मुंह के सभी दांत टूट चुके हैं। चिकित्सक को दिखाया तो पहले एक्सरे कराने को कहा। जो बाहर निजी लैब पर होता है। इसके बाद ट्रीटमेंट के लिए अलीगढ़ या मेरठ जाने की सलाह दी। मरीज सोनम ने बताया कि दांत की सफाई के लिए गई तो चिकित्सक ने कर दी। टेढ़े दांत को सीधा करने के लिए अलीगढ़ या मेरठ जाने को कहा है। यहीं स्थिति अन्य मरीजों की है।
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ओपीडी में अभी प्राथमिक उपचार की सुविधा है। अन्य सुविधाएं भी धीरे-धीरे बढ़नी शुरू होगी। - डॉ. राजीव प्रसाद, सीएमएस जिला अस्पताल