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Bulandshahar News: जिला अस्पताल की रिपोर्ट में शून्य मिला महिला का हीमोग्लोबिन
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बुलंदशहर। जिला अस्पताल की पैथोलॉजी लैब की एक ऐसी हैरान कर देने वाली रिपोर्ट सामने आई है, जिसने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अस्पताल की हाईटेक मशीन ने महिला मरीज के खून की जांच में हीमोग्लोबिन का स्तर शून्य (0.0) बता दिया। गुरुवार को जब यह रिपोर्ट तीमारदारों के हाथ लगी तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई।
शहर निवासी आरती की तबीयत बिगड़ने पर बुधवार को उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों के परामर्श पर उनके खून के नमूने जांच के लिए लैब भेजे गए। बृहस्पतिवार को जब परिजनों ने रिपोर्ट देखी, तो उसमें हीमोग्लोबिन के कॉलम में 0.0 अंकित था। चिकित्सा विज्ञान के अनुसार, शून्य हीमोग्लोबिन का अर्थ व्यक्ति की मृत्यु होता है, जबकि मरीज आरती अस्पताल में जीवित और उपचाराधीन थीं।
इस बड़ी लापरवाही पर मरीज के परिजनों ने कड़ा रोष व्यक्त किया है। उनका कहना है कि यदि इस गलत रिपोर्ट के आधार पर डॉक्टर कोई गंभीर उपचार या गलत दवा शुरू कर देते, तो अनहोनी की जिम्मेदारी किसकी होती। पैथोलॉजी विभाग में आए दिन मशीनों की खराबी और कर्मचारियों की लापरवाही से मरीजों की जान जोखिम में पड़ रही है।
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- मशीन में किसी तकनीकी खामी के चलते रिपोर्ट में यह त्रुटि हुई होगी। लैब में मरीजों की जांच पूरी सावधानी से की जाती है। इस विशेष मामले की जांच कराई जाएगी और भविष्य में ऐसी गलती न हो, इसके लिए सुधार किया जाएगा। - डॉ. प्रदीप राणा, सीएमएस, जिला अस्पताल
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शहर निवासी आरती की तबीयत बिगड़ने पर बुधवार को उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों के परामर्श पर उनके खून के नमूने जांच के लिए लैब भेजे गए। बृहस्पतिवार को जब परिजनों ने रिपोर्ट देखी, तो उसमें हीमोग्लोबिन के कॉलम में 0.0 अंकित था। चिकित्सा विज्ञान के अनुसार, शून्य हीमोग्लोबिन का अर्थ व्यक्ति की मृत्यु होता है, जबकि मरीज आरती अस्पताल में जीवित और उपचाराधीन थीं।
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इस बड़ी लापरवाही पर मरीज के परिजनों ने कड़ा रोष व्यक्त किया है। उनका कहना है कि यदि इस गलत रिपोर्ट के आधार पर डॉक्टर कोई गंभीर उपचार या गलत दवा शुरू कर देते, तो अनहोनी की जिम्मेदारी किसकी होती। पैथोलॉजी विभाग में आए दिन मशीनों की खराबी और कर्मचारियों की लापरवाही से मरीजों की जान जोखिम में पड़ रही है।
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- मशीन में किसी तकनीकी खामी के चलते रिपोर्ट में यह त्रुटि हुई होगी। लैब में मरीजों की जांच पूरी सावधानी से की जाती है। इस विशेष मामले की जांच कराई जाएगी और भविष्य में ऐसी गलती न हो, इसके लिए सुधार किया जाएगा। - डॉ. प्रदीप राणा, सीएमएस, जिला अस्पताल