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Bulandshahar News: गर्मी ने छुड़ाया पसीना, 41 डिग्री रहा तापमान

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Mon, 06 May 2024 10:45 PM IST
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The temperature was 41 degrees
कालाआम के निकट धूप व लू से अपने बच्चे और खुद को बचाकर जाती स्कूटी सवार। संवाद
बुलंदशहर। गर्मी और लू की वजह से सोमवार को लोग बेहाल रहे। अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस रहा। 12 से 15 किलोमीटर की रफ्तार से हवा चली। मौसम वैज्ञानिक अभी तापमान और बढ़ने की संभावना जता रहे हैं।
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मई माह की शुरूआत होते ही तापमान में इजाफा होने लगा है। रविवार को अधिकतम तापमान 42 डिग्री दर्ज किया गया था। जबकि सोमवार को एक डिग्री कम होकर 41 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। आर्द्रता 16 फीसदी और हवा की गति 12 से 15 किलोमीटर प्रति घंटे के आसपास रही। कृषि विज्ञान केंद्र के मौसम वैज्ञानिक डाॅ. विवेकराज का कहना है कि इस समय तापमान में उतार-चढ़ाव जारी है। वहीं, भीषण गर्मी और लू का प्रकोप भी बढ़ गया है। भीषण गर्मी से जल्द निजात मिलने की संभावना नहीं दिखाई दे रही है। मंगलवार को फिर अधिकतम तापमान फिर एक डिग्री बढ़कर 42 तक पहुंचने की संभावना है। जबकि न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस पर ही टिका रहेगा।
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लू के लक्षण

शरीर का तापमान बढ़ना
पसीना आना बंद होना
मांसपेशियों में ऐंठन
जी मिचलना, उल्टी होना
चक्कर आना, सिर भारी होना
सांसें तेज होना और धड़कन बढ़ना

मरीज को तत्काल अस्पताल पहुंचाएं : सीएमओ
सीएमओ डॉ. विनय कुमार ने कहा कि लू लगने पर मरीज को तुरंत नजदीक के स्वास्थ्य केंद्र पर ले जाना चाहिए। व्यक्ति के कपड़ों को ढीला करें। तुरंत पंखे के नीचे या छायादार ठंडे स्थान पर ले जाएं। शरीर को गीले कपड़े से गीला करें। अगर मरीज कुछ पीने की अवस्था में हो तो पानी या शीतल पेय पिलाएं। घर में ओआरएस जरूर रखें। नींबू पानी पिलाएं। मांसपेशियों पर दबाव डालें और हल्की मालिश करें।
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मटके का पानी पीएं : डॉ. आदित्य कुमार
डाॅ. आदित्य कुमार वर्मा ने बताया मिट्टी के बर्तन में पानी स्वच्छ और ठंडा हो जाता है। जिसके पीने से लोग स्वस्थ रहते हैं। फ्रिज का पानी पीने से ज्यादातर लोग बीमार होते रहते हैं। इसलिए मटके का पानी ही पीएं।


बढ़ने लगी मटकों की मांग
नरसेना। गांव नगलामदारीपुर में बनने वाले मटको की मांग बढ़ने लगी है। नगलामदारीपुर निवासी मलखान सिंह बताते हैं कि यहां से मटकों की सप्लाई बुलंदशहर, गाजियाबाद, हापुड़, मेरठ आदि स्थानों के लिए की जा रही है। ऊंचागांव स्थित किले में आने वाले विदेशी पर्यटक भी यहां बनने वाले कच्चे बर्तनों को खूब पसंद करते हैं।
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