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Bulandshahar News: नहीं सुधरी व्यवस्था, दुष्कर्म पीड़िताओं को जांच के लिए फिर करना पड़ा घंटों इंतजार
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बुलंदशहर। जिला चिकित्सालय में मेडिकोलीगल की व्यवस्था सुधर नहीं रही। लगातार तीसरे दिन दुष्कर्म पीड़िताओं को जांच के लिए भटकना पड़ा। सीएमओ कार्यालय से फोन किए जाने के बाद ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक दोपहर दो बजे कक्ष में पहुंचीं। इसके बाद पीड़िताओं की जांच हो पाई।
चिकित्सालय में यह स्थिति तब है, जब मंगलवार को जांच में देरी को लेकर हंगामा हो चुका है। इस मामले में मेडिकोलीगल ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक से देरी से आने व जांच से मना करने पर स्पष्टीकरण मांगा गया है। इसके बाद मामले में कार्रवाई की जाएगी।
जिलेभर से दुष्कर्म के मामलों में पीड़िताओं को मेडिकल के लिए जिला चिकित्सालय लाया जाता है। इसके लिए सीएमओ कार्यालय से जिलेभर के सरकारी चिकित्सालयों में तैनात स्त्री रोग विशेषज्ञों की एक-एक दिन यहां मेडिकोलीगल ड्यूटी लगाई गई है। अक्सर चिकित्सकों के देरी से आने की शिकायत मिलती है।
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बुधवार को तीन स्थानों से दुष्कर्म पीड़िताओं को लेकर पुलिस और परिजन सुबह आठ बजे पहुंच गए। पीड़िता व पुलिसकर्मी चिकित्सक के कक्ष के बाहर इंतजार करते रहे, लेकिन वह दोपहर दो बजे तक नहीं पहुंचीं। इस पर किसी ने सीएमओ कार्यालय को सूचना दे दी। इसके बाद चिकित्सक कक्ष में पहुंचीं और पीड़िताओं का मेडिकोलीगल किया।
28 घंटे तक जांच नहीं होने पर हुआ था हंगामा
सोमवार को मेडिकोलीगल ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक ने अचानक अवकाश ले लिया। उनकी जगह दूसरे चिकित्सक की व्यवस्था नहीं हो पाई। ऐसे में दो दुष्कर्म पीड़िताओं को घंटों इंतजार के बाद लौटना पड़ा। मंगलवार को दूसरी चिकित्सक दोपहर करीब एक बजे पहुंचीं। उन्होंने मेडिकोलीगल करने से इन्कार कर दिया। फरियाद के बाद भी चिकित्सक नहीं मानीं तो पीड़िताओं के परिजनों ने हंगामा किया। तब जाकर सीएमओ के हस्तक्षेप पर शाम चार बजे के बाद मेडिकल की प्रक्रिया शुरू हुई।
इमरजेंसी में मेडिकल कराने के लिए नोकझोंक
जिला चिकित्सालय की इमरजेंसी में मंगलवार सुबह करीब 6:30 बजे कोतवाली देहात पुलिस एक युवक का मेडिकल कराने पहुंची। इस दौरान ईएमओ और एसआई में किसी बात को लेकर नोकझोंक हो गई। इस पर ईएमओ ने मेडिकल करने से इन्कार कर दिया। मामला उच्च अफसरों तक पहुंचा, तब चार घंटे बाद मेडिकल की रिपोर्ट दी गई। ईएमओ का कहना है कि एसआई अपने हिसाब से मेडिकल बनवाना चाह रहे थे। इस पर मना किया गया। मेडिकल में कोई देरी नहीं की गई।
इमरजेंसी में मेडिकल के लिए नोकझोंक की जानकारी नहीं है। मेडिकल में देरी होने के मामले की जानकारी की जाएगी।
- डॉ. प्रदीप राणा, प्रभारी सीएमएस जिला चिकित्सालय
मंगलवार को मेडिकोलीगल से मना करने व देरी से आने पर चिकित्सक से स्पष्टीकरण मांगा है। जवाब संतोषजनक न होने पर कार्रवाई की जाएगी। बुधवार को देरी से पहुंची चिकित्सक को चेतावनी दी गई है।
- डॉ. सुनील कुमार दोहरे, सीएमओ
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चिकित्सालय में यह स्थिति तब है, जब मंगलवार को जांच में देरी को लेकर हंगामा हो चुका है। इस मामले में मेडिकोलीगल ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक से देरी से आने व जांच से मना करने पर स्पष्टीकरण मांगा गया है। इसके बाद मामले में कार्रवाई की जाएगी।
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जिलेभर से दुष्कर्म के मामलों में पीड़िताओं को मेडिकल के लिए जिला चिकित्सालय लाया जाता है। इसके लिए सीएमओ कार्यालय से जिलेभर के सरकारी चिकित्सालयों में तैनात स्त्री रोग विशेषज्ञों की एक-एक दिन यहां मेडिकोलीगल ड्यूटी लगाई गई है। अक्सर चिकित्सकों के देरी से आने की शिकायत मिलती है।
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बुधवार को तीन स्थानों से दुष्कर्म पीड़िताओं को लेकर पुलिस और परिजन सुबह आठ बजे पहुंच गए। पीड़िता व पुलिसकर्मी चिकित्सक के कक्ष के बाहर इंतजार करते रहे, लेकिन वह दोपहर दो बजे तक नहीं पहुंचीं। इस पर किसी ने सीएमओ कार्यालय को सूचना दे दी। इसके बाद चिकित्सक कक्ष में पहुंचीं और पीड़िताओं का मेडिकोलीगल किया।
28 घंटे तक जांच नहीं होने पर हुआ था हंगामा
सोमवार को मेडिकोलीगल ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक ने अचानक अवकाश ले लिया। उनकी जगह दूसरे चिकित्सक की व्यवस्था नहीं हो पाई। ऐसे में दो दुष्कर्म पीड़िताओं को घंटों इंतजार के बाद लौटना पड़ा। मंगलवार को दूसरी चिकित्सक दोपहर करीब एक बजे पहुंचीं। उन्होंने मेडिकोलीगल करने से इन्कार कर दिया। फरियाद के बाद भी चिकित्सक नहीं मानीं तो पीड़िताओं के परिजनों ने हंगामा किया। तब जाकर सीएमओ के हस्तक्षेप पर शाम चार बजे के बाद मेडिकल की प्रक्रिया शुरू हुई।
इमरजेंसी में मेडिकल कराने के लिए नोकझोंक
जिला चिकित्सालय की इमरजेंसी में मंगलवार सुबह करीब 6:30 बजे कोतवाली देहात पुलिस एक युवक का मेडिकल कराने पहुंची। इस दौरान ईएमओ और एसआई में किसी बात को लेकर नोकझोंक हो गई। इस पर ईएमओ ने मेडिकल करने से इन्कार कर दिया। मामला उच्च अफसरों तक पहुंचा, तब चार घंटे बाद मेडिकल की रिपोर्ट दी गई। ईएमओ का कहना है कि एसआई अपने हिसाब से मेडिकल बनवाना चाह रहे थे। इस पर मना किया गया। मेडिकल में कोई देरी नहीं की गई।
इमरजेंसी में मेडिकल के लिए नोकझोंक की जानकारी नहीं है। मेडिकल में देरी होने के मामले की जानकारी की जाएगी।
- डॉ. प्रदीप राणा, प्रभारी सीएमएस जिला चिकित्सालय
मंगलवार को मेडिकोलीगल से मना करने व देरी से आने पर चिकित्सक से स्पष्टीकरण मांगा है। जवाब संतोषजनक न होने पर कार्रवाई की जाएगी। बुधवार को देरी से पहुंची चिकित्सक को चेतावनी दी गई है।
- डॉ. सुनील कुमार दोहरे, सीएमओ