{"_id":"64ab10653910434627057b25","slug":"the-government-did-not-approve-the-development-works-of-300-crores-bulandshahr-news-c-133-1-bul1006-1298-2023-07-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bulandshahar News: 300 करोड़ के विकास कार्यों को शासन ने नहीं दी स्वीकृति","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bulandshahar News: 300 करोड़ के विकास कार्यों को शासन ने नहीं दी स्वीकृति
विज्ञापन
बुलंदशहर। 300 करोड़ से अधिक धनराशि से सड़कों के निर्माण, चौड़ीकरण, नवीनीकरण को स्वीकृति का इंतजार है। स्थिति यह है कि शासन की ओर से स्वीकृति न मिलने के कारण लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। बताया जा रहा है कि लोक निर्माण विभाग की ओर से दो बार प्रस्ताव बनाकर भेजा गया है, लेकिन अभी तक स्वीकृति नहीं मिली है।
शिकारपुर बाईपास के साथ जिले की कई अन्य सड़कों की हालत काफी खस्ता है। कहीं सड़कें जर्जर हो गई हैं, तो कहीं वाहनों का दबाव अधिक और सड़क कम चौड़ी होने से वाहन चालकों को परेशानी हो रही है। लोक निर्माण विभाग के तीनों खंडों की ओर से करीब 300 करोड़ रुपये के कार्यों के लिए प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजे हैं, लेकिन अभी तक स्वीकृति नहीं मिली है। वहीं मिर्जापुर से डिबाई तक स्टेट हाईवे को सात से दस मीटर चौड़ा करने के लिए करीब 120 करोड़ रुपये का बजट जारी करने के बाद भी अभी तक न तो बिजली की लाइन शिफ्ट की गई है और न ही चौड़ीकरण का काम शुरू किया है। इसके चलते वाहन चालकों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। हालात यह हैं कि शिकारपुर बाईपास को फोरलेन करने के लिए विभाग की ओर से तीन बार प्रस्ताव भेजा गया, लेकिन शासन की ओर से इसे स्वीकृति ही नहीं दी गई है।
इन प्रमुख प्रस्तावों को स्वीकृति का इंतजार
60 करोड़ से डीएवी तिराहे से मिर्जापुर तक फोर लेन और काली नदी पर पुल निर्माण
21 करोड़ से मऊखेड़ा से जैनपुर तक सड़क चौड़ीकरण
17 करोड़ से अनूपशहर-शिकारपुर मार्ग का चौड़ीकरण
19 करोड़ से जहांगीराबाद-औरंगाबाद रोड का नवीनीकरण
26 करो से लखावटी-खानपुर-गेसूपुर-बसी घाट रोड की चौड़ीकरण
कोट-- -
शासन को सड़कों के चौड़ीकरण और नवीनीकरण के प्रस्ताव तीनों खंडों की ओर से भेजे गए हैं, लेकिन अभी तक स्वीकृति नहीं मिली है। स्वीकृति मिलने पर टेंडर जारी कर कार्य शुरू कराया जाएगा। - जेके शर्मा, एक्सईएन, लोक निर्माण विभाग
विज्ञापन
विज्ञापन
शिकारपुर बाईपास के साथ जिले की कई अन्य सड़कों की हालत काफी खस्ता है। कहीं सड़कें जर्जर हो गई हैं, तो कहीं वाहनों का दबाव अधिक और सड़क कम चौड़ी होने से वाहन चालकों को परेशानी हो रही है। लोक निर्माण विभाग के तीनों खंडों की ओर से करीब 300 करोड़ रुपये के कार्यों के लिए प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजे हैं, लेकिन अभी तक स्वीकृति नहीं मिली है। वहीं मिर्जापुर से डिबाई तक स्टेट हाईवे को सात से दस मीटर चौड़ा करने के लिए करीब 120 करोड़ रुपये का बजट जारी करने के बाद भी अभी तक न तो बिजली की लाइन शिफ्ट की गई है और न ही चौड़ीकरण का काम शुरू किया है। इसके चलते वाहन चालकों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। हालात यह हैं कि शिकारपुर बाईपास को फोरलेन करने के लिए विभाग की ओर से तीन बार प्रस्ताव भेजा गया, लेकिन शासन की ओर से इसे स्वीकृति ही नहीं दी गई है।
विज्ञापन
इन प्रमुख प्रस्तावों को स्वीकृति का इंतजार
60 करोड़ से डीएवी तिराहे से मिर्जापुर तक फोर लेन और काली नदी पर पुल निर्माण
21 करोड़ से मऊखेड़ा से जैनपुर तक सड़क चौड़ीकरण
17 करोड़ से अनूपशहर-शिकारपुर मार्ग का चौड़ीकरण
19 करोड़ से जहांगीराबाद-औरंगाबाद रोड का नवीनीकरण
26 करो से लखावटी-खानपुर-गेसूपुर-बसी घाट रोड की चौड़ीकरण
कोट
शासन को सड़कों के चौड़ीकरण और नवीनीकरण के प्रस्ताव तीनों खंडों की ओर से भेजे गए हैं, लेकिन अभी तक स्वीकृति नहीं मिली है। स्वीकृति मिलने पर टेंडर जारी कर कार्य शुरू कराया जाएगा। - जेके शर्मा, एक्सईएन, लोक निर्माण विभाग
विज्ञापन