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Bulandshahar News: पांच किलोमीटर लंबी गंगेरुआ रजवाहा पटरी बनेगी मिनी बाईपास
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बुलंदशहर। पीडब्ल्यूडी की धर्मार्थ योजना के तहत बुलंदशहर-चोला मार्ग को सीधे बुलंदशहर-गाजियाबाद एनएच-34 नेशनल हाईवे से जोड़ने के लिए गंगेरूआ-रजवाहा पटरी मार्ग के चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण के लिए 10.25 करोड़ का एस्टीमेट स्वीकृत कर दिया गया है। करीब 5.04 किलोमीटर लंबे इस मार्ग का चौड़ीकरण होने से यह शहर के लिए मिनी बाईपास की तरह काम करेगा, जिससे कांवड़ यात्रा के दौरान रूट डायवर्जन में भी बड़ी राहत मिलेगी।
केंद्र और प्रदेश सरकार द्वारा सड़कों के जाल को मजबूत करने के प्रयासों के क्रम में, प्रांतीय खंड ने दरियापुर-दोस्तपुर-गंगेरूआ रजवाहा पटरी सड़क के चौड़ीकरण का प्रस्ताव शासन को भेजा था। शासन ने इस महत्वपूर्ण परियोजना को धर्मार्थ योजना के तहत स्वीकृति प्रदान कर दी है और 1025.75 लाख के एस्टीमेट के मुकाबले शुरुआती तौर पर 307.72 लाख की धनराशि जारी भी कर दी गई है। वर्तमान में यह रजवाहा पटरी सड़क महज तीन मीटर चौड़ी है, लेकिन अब गंगेरूआ में जेवर रोड से शुरू होने वाले इस हिस्से को साढ़े पांच मीटर चौड़ा किया जाएगा। यह चौड़ीकरण लगभग 5.04 किलोमीटर की दूरी पर जाकर बुलंदशहर-गाजियाबाद एनएच-34 को सीधे जोड़ेगा।
इससे गंगेरूआ में स्थित प्रमुख द्वादश महालिंगेश्वर महादेव मंदिर पर कांवड़ यात्रा के दौरान दूर-दूर से कांवड़िए और श्रद्धालु जलाभिषेक के लिए आते हैं। सड़क संकरी होने के कारण यहां अक्सर जाम और आवागमन में बड़ी परेशानी होती थी। साढ़े पांच मीटर चौड़ी सड़क हो जाने से कांवड़ियों और राहगीरों दोनों को मंदिर तक पहुंचने में अत्यधिक सुविधा मिलेगी। यह धार्मिक पर्यटन और आवागमन दोनों के लिए एक बड़ी सौगात है।
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शहर को मिलेगा मिनी बाईपास का विकल्प
इस रजवाहा पटरी का सबसे बड़ा रणनीतिक लाभ यह होगा कि यह मार्ग बुलंदशहर-चोला रोड को दरियापुर में सीध नेशनल हाईवे-34 से जोड़ देगा। इससे खुर्जा की ओर से आने वाले ट्रैफिक को शहर के बीच से गुजरे बिना ही सीधे अलीगढ़-गाजियाबाद हाईवे पर निकलने का एक आसान विकल्प मिल जाएगा। खासकर कांवड़ यात्रा या अन्य बड़े आयोजनों के दौरान, जब अलीगढ़-गाजियाबाद हाईवे को शहर में वन-वे किया जाता है या रूट डायवर्जन किया जाता है, तब यह मार्ग मिनी बाईपास के रूप में बेहद उपयोगी साबित होगा। यह भारी वाहनों के दबाव को शहर से बाहर रखकर यातायात को सुगम बनाएगा।
जल्द शुरू होगी टेंडर प्रक्रिया
एक्सईएन राहुल शर्मा ने बताया कि शासन से 10.25 करोड़ के एस्टीमेट को स्वीकृति मिलने और धनराशि जारी होने के बाद विभाग अब जल्द ही टेंडर प्रक्रिया पूरी करेगा। इसके तुरंत बाद ही चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण का कार्य शुरू करा दिया जाएगा। इस परियोजना से बुलंदशहर की यातायात व्यवस्था में एक सकारात्मक बदलाव आएगा।
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केंद्र और प्रदेश सरकार द्वारा सड़कों के जाल को मजबूत करने के प्रयासों के क्रम में, प्रांतीय खंड ने दरियापुर-दोस्तपुर-गंगेरूआ रजवाहा पटरी सड़क के चौड़ीकरण का प्रस्ताव शासन को भेजा था। शासन ने इस महत्वपूर्ण परियोजना को धर्मार्थ योजना के तहत स्वीकृति प्रदान कर दी है और 1025.75 लाख के एस्टीमेट के मुकाबले शुरुआती तौर पर 307.72 लाख की धनराशि जारी भी कर दी गई है। वर्तमान में यह रजवाहा पटरी सड़क महज तीन मीटर चौड़ी है, लेकिन अब गंगेरूआ में जेवर रोड से शुरू होने वाले इस हिस्से को साढ़े पांच मीटर चौड़ा किया जाएगा। यह चौड़ीकरण लगभग 5.04 किलोमीटर की दूरी पर जाकर बुलंदशहर-गाजियाबाद एनएच-34 को सीधे जोड़ेगा।
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इससे गंगेरूआ में स्थित प्रमुख द्वादश महालिंगेश्वर महादेव मंदिर पर कांवड़ यात्रा के दौरान दूर-दूर से कांवड़िए और श्रद्धालु जलाभिषेक के लिए आते हैं। सड़क संकरी होने के कारण यहां अक्सर जाम और आवागमन में बड़ी परेशानी होती थी। साढ़े पांच मीटर चौड़ी सड़क हो जाने से कांवड़ियों और राहगीरों दोनों को मंदिर तक पहुंचने में अत्यधिक सुविधा मिलेगी। यह धार्मिक पर्यटन और आवागमन दोनों के लिए एक बड़ी सौगात है।
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शहर को मिलेगा मिनी बाईपास का विकल्प
इस रजवाहा पटरी का सबसे बड़ा रणनीतिक लाभ यह होगा कि यह मार्ग बुलंदशहर-चोला रोड को दरियापुर में सीध नेशनल हाईवे-34 से जोड़ देगा। इससे खुर्जा की ओर से आने वाले ट्रैफिक को शहर के बीच से गुजरे बिना ही सीधे अलीगढ़-गाजियाबाद हाईवे पर निकलने का एक आसान विकल्प मिल जाएगा। खासकर कांवड़ यात्रा या अन्य बड़े आयोजनों के दौरान, जब अलीगढ़-गाजियाबाद हाईवे को शहर में वन-वे किया जाता है या रूट डायवर्जन किया जाता है, तब यह मार्ग मिनी बाईपास के रूप में बेहद उपयोगी साबित होगा। यह भारी वाहनों के दबाव को शहर से बाहर रखकर यातायात को सुगम बनाएगा।
जल्द शुरू होगी टेंडर प्रक्रिया
एक्सईएन राहुल शर्मा ने बताया कि शासन से 10.25 करोड़ के एस्टीमेट को स्वीकृति मिलने और धनराशि जारी होने के बाद विभाग अब जल्द ही टेंडर प्रक्रिया पूरी करेगा। इसके तुरंत बाद ही चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण का कार्य शुरू करा दिया जाएगा। इस परियोजना से बुलंदशहर की यातायात व्यवस्था में एक सकारात्मक बदलाव आएगा।