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Bulandshahar News: स्कूल में गुटबाजी का गुणा-भाग... गुरुजी को पढ़ाया अनुशासन का पाठ
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बुलंदशहर/शिकारपुर। जिस स्कूल में 511 बच्चों का भविष्य संवारने की जिम्मेदारी है, वहां शिक्षक गुटबाजी में उलझे थे। पढ़ाने के बजाय वे एक-दूसरे पर आरोप लगाकर फोटो और वीडियो बना रहे थे। शिकारपुर क्षेत्र के पीएमश्री उच्च प्राथमिक विद्यालय रिवाड़ा में शिक्षकों की गुटबाजी से शिक्षा का मंदिर राजनीति का अखाड़ा बन गया था। ग्रामीणों की शिकायत पर हुई जांच के बाद शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) ने एक सहायक अध्यापक को निलंबित कर दिया है, जबकि इंचार्ज प्रधानाध्यापक समेत 13 लोगों को प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई है।
ग्रामवासियों ने 18 अगस्त को बेसिक शिक्षा विभाग से शिकायत की थी। उनका आरोप था कि पीएमश्री स्कूल रिवाड़ा में शिक्षक पढ़ाने के बजाय गुटबाजी में अधिक समय बिता रहे हैं। इससे विद्यालय का माहौल बिगड़ रहा है और बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। मामला पीएमश्री स्कूल से जुड़ा होने के कारण बीएसए वीरेंद्र कुमार सिंह ने इसे गंभीरता से लिया और सितंबर में जांच टीम गठित कर दी। खंड शिक्षा अधिकारी अनूपशहर और पहासू को जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई। टीम ने सात अक्तूबर को अपनी रिपोर्ट बीएसए को सौंप दी। रिपोर्ट में शिक्षकों के बीच गुटबाजी होने और शिक्षण कार्य में लापरवाही बरतने की बात सामने आई।
जांच में पाया गया कि शिक्षक एक-दूसरे के खिलाफ आरोप लगाकर फोटो और वीडियो बना रहे थे। जांच में सहायक अध्यापक भीमप्रकाश के खिलाफ नौ आरोप सही पाए गए। उन पर इंचार्ज प्रधानाध्यापक बनने के लिए अन्य शिक्षकों के साथ गुटबाजी करने का आरोप था। इसके अलावा, इंचार्ज प्रधानाध्यापक मनमोहन रोहिला के वीडियो बनाकर बाहरी लोगों से शिकायत कराने का भी मामला सामने आया। उन पर प्रभारी रहते हुए रसोइयों का चयन नियमानुसार नहीं करने और शिक्षण कार्य में लापरवाही बरतने के आरोप भी पाए गए। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद बीएसए ने सहायक अध्यापक भीमप्रकाश को निलंबित कर दिया। निलंबन अवधि में उन्हें शिकारपुर के प्राथमिक विद्यालय खलसिया से संबद्ध किया गया है।
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मामले की विस्तृत विभागीय जांच के लिए खंड शिक्षा अधिकारी बीबीनगर को जांच अधिकारी नामित किया गया है। विद्यालय में तैनात इंचार्ज प्रधानाध्यापक समेत 10 शिक्षक, दो शिक्षामित्र और एक ईसीसी एजुकेटर को प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई है। इस तरह कुल 13 लोगों के खिलाफ यह कार्रवाई की गई है। प्रतिकूल प्रविष्टि संबंधित कर्मचारियों की सेवा पंजिका में दर्ज कराने के लिए खंड शिक्षा अधिकारी शिकारपुर को निर्देश दिए गए हैं।
गुटबाजी बर्दाश्त नहीं- बीएसए
बीएसए वीरेंद्र कुमार सिंह ने शिक्षकों को स्पष्ट संदेश दिया है कि विद्यालयों में गुटबाजी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि शिक्षक विद्यालय में बच्चों को पढ़ाने के लिए जाते हैं, न कि आपसी राजनीति और गुटबाजी करने के लिए। किसी भी विद्यालय से इस तरह की शिकायत मिलने पर संबंधित शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी ब्लॉकों के खंड शिक्षा अधिकारियों को भी निर्देश दिए हैं कि वे विद्यालयों के शैक्षणिक माहौल और शिक्षा की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दें। यदि किसी विद्यालय में आपसी राजनीति या गुटबाजी की शिकायत सामने आती है, तो संबंधित विद्यालय और शिक्षकों की रिपोर्ट तैयार कर प्रस्तुत करें, ताकि नियमानुसार कार्रवाई की जा सके।
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ग्रामवासियों ने 18 अगस्त को बेसिक शिक्षा विभाग से शिकायत की थी। उनका आरोप था कि पीएमश्री स्कूल रिवाड़ा में शिक्षक पढ़ाने के बजाय गुटबाजी में अधिक समय बिता रहे हैं। इससे विद्यालय का माहौल बिगड़ रहा है और बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। मामला पीएमश्री स्कूल से जुड़ा होने के कारण बीएसए वीरेंद्र कुमार सिंह ने इसे गंभीरता से लिया और सितंबर में जांच टीम गठित कर दी। खंड शिक्षा अधिकारी अनूपशहर और पहासू को जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई। टीम ने सात अक्तूबर को अपनी रिपोर्ट बीएसए को सौंप दी। रिपोर्ट में शिक्षकों के बीच गुटबाजी होने और शिक्षण कार्य में लापरवाही बरतने की बात सामने आई।
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जांच में पाया गया कि शिक्षक एक-दूसरे के खिलाफ आरोप लगाकर फोटो और वीडियो बना रहे थे। जांच में सहायक अध्यापक भीमप्रकाश के खिलाफ नौ आरोप सही पाए गए। उन पर इंचार्ज प्रधानाध्यापक बनने के लिए अन्य शिक्षकों के साथ गुटबाजी करने का आरोप था। इसके अलावा, इंचार्ज प्रधानाध्यापक मनमोहन रोहिला के वीडियो बनाकर बाहरी लोगों से शिकायत कराने का भी मामला सामने आया। उन पर प्रभारी रहते हुए रसोइयों का चयन नियमानुसार नहीं करने और शिक्षण कार्य में लापरवाही बरतने के आरोप भी पाए गए। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद बीएसए ने सहायक अध्यापक भीमप्रकाश को निलंबित कर दिया। निलंबन अवधि में उन्हें शिकारपुर के प्राथमिक विद्यालय खलसिया से संबद्ध किया गया है।
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मामले की विस्तृत विभागीय जांच के लिए खंड शिक्षा अधिकारी बीबीनगर को जांच अधिकारी नामित किया गया है। विद्यालय में तैनात इंचार्ज प्रधानाध्यापक समेत 10 शिक्षक, दो शिक्षामित्र और एक ईसीसी एजुकेटर को प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई है। इस तरह कुल 13 लोगों के खिलाफ यह कार्रवाई की गई है। प्रतिकूल प्रविष्टि संबंधित कर्मचारियों की सेवा पंजिका में दर्ज कराने के लिए खंड शिक्षा अधिकारी शिकारपुर को निर्देश दिए गए हैं।
गुटबाजी बर्दाश्त नहीं- बीएसए
बीएसए वीरेंद्र कुमार सिंह ने शिक्षकों को स्पष्ट संदेश दिया है कि विद्यालयों में गुटबाजी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि शिक्षक विद्यालय में बच्चों को पढ़ाने के लिए जाते हैं, न कि आपसी राजनीति और गुटबाजी करने के लिए। किसी भी विद्यालय से इस तरह की शिकायत मिलने पर संबंधित शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी ब्लॉकों के खंड शिक्षा अधिकारियों को भी निर्देश दिए हैं कि वे विद्यालयों के शैक्षणिक माहौल और शिक्षा की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दें। यदि किसी विद्यालय में आपसी राजनीति या गुटबाजी की शिकायत सामने आती है, तो संबंधित विद्यालय और शिक्षकों की रिपोर्ट तैयार कर प्रस्तुत करें, ताकि नियमानुसार कार्रवाई की जा सके।