{"_id":"61ed882f0bd05260352d4ec5","slug":"tet-bulandshahr-news-gbd233120662","type":"story","status":"publish","title_hn":"टीईटी: प्रवेश नहीं मिलने पर 500 अभ्यर्थियों की छूटी परीक्षा, हंगामा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
टीईटी: प्रवेश नहीं मिलने पर 500 अभ्यर्थियों की छूटी परीक्षा, हंगामा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
टीईटी: प्रवेश नहीं मिलने पर 500 अभ्यर्थियों की छूटी परीक्षा, हंगामा
बुलंदशहर। यूपी टीईटी देने के लिए कई केंद्रों पर देरी से पहुंचे करीब 500 अभ्यर्थियों को प्रवेश नहीं मिल सका। इस पर उन्होंने हंगामा करते हुए विरोध जताया। अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि परीक्षा केंद्र 9:30 बजे पहुंचने के बाद भी प्रवेश नहीं दिया गया। जबकि, परीक्षा 10 बजे से शुरू होनी थी। वहीं, अफसरों ने परीक्षा में शासन से जारी नियमों के पालन का हवाला दिया है।
जिले में यूपी टीईटी की परीक्षा शुरू होने से पूर्व बारिश हो रही थी। परीक्षा के लिए नगर समेत जिले भर में 23 परीक्षा केंद्र बनाए गए। बारिश के कारण कई स्थानों पर पहुंचने में अभ्यर्थियों को देरी हो गई। नगर के राजकीय इंटर कॉलेज अभ्यर्थियों को साढ़े नौ बजे के बाद केंद्र में प्रवेश नहीं दिया गया। परीक्षा देने आए अभ्यर्थी अमित शर्मा, सोमपाल सिंह, कृष्णकांत, छाया चौधरी ने बताया कि हम सुबह 9.30 बजे परीक्षा केंद्र पर पहुंच गए थे। जबकि, परीक्षा 10 बजे से शुरू होनी थी। बावजूद हमें प्रवेश नहीं दिया गया। परीक्षा के लिए कठिन परिश्रम कर तैयारी की थी। इसी तरह नगर के डीएवी इंटर कॉलेज और मुस्लिम इंटर कॉलेज, किसान आदर्श इंटर कॉलेज रौंडा व खुर्जा और सिकंदराबाद के भी कुछ केंद्रों पर देरी से पहुंचने पर अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं मिला। इससे अभ्यर्थियों में खासा रोष दिखाई दिया और उन्हें बिना परीक्षा दिए ही मायूस होकर लौटना पड़ा।
नियमानुसार केंद्र में दिया गया प्रवेश: डीआईओएस
जिला विद्यालय निरीक्षक शिव कुमार ओझा का कहना है कि परीक्षा में शासन की ओर से जारी गाइड लाइन का पालन किया गया है। आदेश था कि कोरोना संक्रमण की वजह से परीक्षा केंद्र पर 9.30 बजे तक ही अभ्यर्थियों को एंट्री दी जाएगी। बाजूवद इसके अभ्यर्थियों की परेशानी को देखते हुए कुछ अतिरिक्त समय भी दिया गया। जो अभ्यर्थी यह कह रहे हैं कि हम 9.30 बजे पहुंच गए थे, यह बात पूरी तरह से गलत है। कई अभ्यर्थियों ने मुझसे 10 बजे के बाद फोन कर अवगत करवाया कि हमें परीक्षा केंद्र में एंट्री नहीं दी जा रही है, जबकि उस समय किसी को एंट्री देना शासन के आदेश की अवहेलना करना था। शासन के आदेश अनुसार ही सभी परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों को एंट्री दी गई।
विज्ञापन
वीरों का कैसा हो बसंत, कविता किसकी लिखी है...
बुलंदशहर। जिले में यूपी टीईटी की परीक्षा रविवार को शांतिपूवर्वक संपन्न हो गई। दो पालियों में चली परीक्षा में 2322 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। वहीं, दूसरी ओर अभ्यर्थियों ने परीक्षा को आसान बताया। परीक्षा में वीरों का कैसा हो बसंत, कविता किसकी लिखी है जैसे सरीखे सवाल आए और अभ्यर्थियों ने अधिकतर सवालों का जवाब सही देने की बात कही। डीएम और एसएसपी ने परीक्षा केंद्रों का जायजा लिया।
परीक्षा सुबह और दोपहर बाद की पाली में नियत समय पर शुरू हुई। खराब मौसम के बावजूद दूर दराज से अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल होने पहुंचे। पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों सहित अफसरों ने भी परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया। वहीं, परीक्षा सामग्री को कोषागार से निकालकर केंद्रों तक पहुंचाने की वीडियोग्राफी कराई गई। केंद्र के भीतर भी खोलने और सील करने की वीडियोग्राफी कराई गई। डीएम चंद्र प्रकाश सिंह और एसएसपी संतोष कुमार सिंह ने आईपी डिग्री कॉलेज स्याना अड्डा, मुस्लिम इंटर कॉलेज और डीएवी इंटर कॉलेज में बनाए गए परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण करते हुए सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया।
यह रही परीक्षा की स्थिति
दो पालियों में होने वाली परीक्षा में ़19939 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। इनमें से 17617 परीक्षार्थी शामिल हुए और 2322 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। पहली पाली में प्राथमिक स्तर की परीक्षा हुई। इस पाली में 11,403 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। परीक्षा में 10,068 अभ्यर्थी शामिल हुए और 1335 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। यह परीक्षा 23 परीक्षा केंद्रों पर हुई। दूसरी पाली की परीक्षा में 8536 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। इसमें 7549 अभ्यर्थी शामिल हुए और 987 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। यह परीक्षा 18 केंद्रों पर हुई। परीक्षा के दौरान महिला अभ्यर्थी अपने छोटे बच्चों के साथ पहुंची। उनके साथ उनके परिजन भी भी आए थे, जिन्हें बच्चों को ठंड में संभालना मुश्किल हो गया। दिव्यांग अभ्यर्थियों को उनके परिजन पीठ पर लेकर परीक्षा केंद्र तक पहुंचे।
कोविड गाइड लाइन का नहीं हुआ पालन
टीईटी के दौरान परीक्षा केंद्र पर तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों से लेकर अभ्यर्थियों को कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए कोविड गाइड लाइन का पालन करना था। इसके लिए पहले ही सख्त आदेश जारी कर दिए गए थे, लेकिन परीक्षा के दौरान गाइड लाइन का असर नहीं दिखाई दिया। अभ्यर्थी परीक्षा देने के चक्कर में सामाजिक दूरी को भी भूल गए। इस पर किसी अफसर और पुलिसकर्मी ने भी ध्यान नहीं दिया।
बोले अभ्यर्थी
परीक्षा में पांच विषय से संबंधित प्रश्न आए। पूर्व में परीक्षा रद्द होने पर तैयारी का और समय मिल गया था, जिसके चलते परीक्षा देने में कोई खास दिक्कत नहीं आई। पास होने की पूरी संभावना है। - राजकुमार
परीक्षा में सामान्य ज्ञान से लेकर हिंदी व्याकरण और अंग्रेजी ग्रामर तक के प्रश्न शामिल रहे। पूर्व में परीक्षा रद्द होने पर लग रहा था कि इस बार परीक्षा कठिन होगी, लेकिन ऐसा नहीं रहा और परीक्षा अच्छी तरह से दी है। - अविनाश
नवंबर माह में परीक्षा रद्द होने पर यह चिंता बनी हुई थी कि अब कब परीक्षा होगी। इस समय कोरोना के चलते परीक्षा पर संशय बना हुआ था। परीक्षा देने के बाद ही अब लग रहा है कि मेरा शिक्षक बनने का सपना पूरा हो जाएगा। - संदीप
परीक्षा में अधिकतर प्रश्न आसान रहे। साइकोलॉजी के अलावा कुछ सवाल कठिन रहे और उनका उत्तर देने में देरी भी हुई। सभी प्रश्नों का उत्तर सही दिए हैं और पास होने की पूरी आस है। - शिवानी यादव
विज्ञापन
बुलंदशहर। यूपी टीईटी देने के लिए कई केंद्रों पर देरी से पहुंचे करीब 500 अभ्यर्थियों को प्रवेश नहीं मिल सका। इस पर उन्होंने हंगामा करते हुए विरोध जताया। अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि परीक्षा केंद्र 9:30 बजे पहुंचने के बाद भी प्रवेश नहीं दिया गया। जबकि, परीक्षा 10 बजे से शुरू होनी थी। वहीं, अफसरों ने परीक्षा में शासन से जारी नियमों के पालन का हवाला दिया है।
जिले में यूपी टीईटी की परीक्षा शुरू होने से पूर्व बारिश हो रही थी। परीक्षा के लिए नगर समेत जिले भर में 23 परीक्षा केंद्र बनाए गए। बारिश के कारण कई स्थानों पर पहुंचने में अभ्यर्थियों को देरी हो गई। नगर के राजकीय इंटर कॉलेज अभ्यर्थियों को साढ़े नौ बजे के बाद केंद्र में प्रवेश नहीं दिया गया। परीक्षा देने आए अभ्यर्थी अमित शर्मा, सोमपाल सिंह, कृष्णकांत, छाया चौधरी ने बताया कि हम सुबह 9.30 बजे परीक्षा केंद्र पर पहुंच गए थे। जबकि, परीक्षा 10 बजे से शुरू होनी थी। बावजूद हमें प्रवेश नहीं दिया गया। परीक्षा के लिए कठिन परिश्रम कर तैयारी की थी। इसी तरह नगर के डीएवी इंटर कॉलेज और मुस्लिम इंटर कॉलेज, किसान आदर्श इंटर कॉलेज रौंडा व खुर्जा और सिकंदराबाद के भी कुछ केंद्रों पर देरी से पहुंचने पर अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं मिला। इससे अभ्यर्थियों में खासा रोष दिखाई दिया और उन्हें बिना परीक्षा दिए ही मायूस होकर लौटना पड़ा।
विज्ञापन
नियमानुसार केंद्र में दिया गया प्रवेश: डीआईओएस
जिला विद्यालय निरीक्षक शिव कुमार ओझा का कहना है कि परीक्षा में शासन की ओर से जारी गाइड लाइन का पालन किया गया है। आदेश था कि कोरोना संक्रमण की वजह से परीक्षा केंद्र पर 9.30 बजे तक ही अभ्यर्थियों को एंट्री दी जाएगी। बाजूवद इसके अभ्यर्थियों की परेशानी को देखते हुए कुछ अतिरिक्त समय भी दिया गया। जो अभ्यर्थी यह कह रहे हैं कि हम 9.30 बजे पहुंच गए थे, यह बात पूरी तरह से गलत है। कई अभ्यर्थियों ने मुझसे 10 बजे के बाद फोन कर अवगत करवाया कि हमें परीक्षा केंद्र में एंट्री नहीं दी जा रही है, जबकि उस समय किसी को एंट्री देना शासन के आदेश की अवहेलना करना था। शासन के आदेश अनुसार ही सभी परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों को एंट्री दी गई।
विज्ञापन
वीरों का कैसा हो बसंत, कविता किसकी लिखी है...
बुलंदशहर। जिले में यूपी टीईटी की परीक्षा रविवार को शांतिपूवर्वक संपन्न हो गई। दो पालियों में चली परीक्षा में 2322 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। वहीं, दूसरी ओर अभ्यर्थियों ने परीक्षा को आसान बताया। परीक्षा में वीरों का कैसा हो बसंत, कविता किसकी लिखी है जैसे सरीखे सवाल आए और अभ्यर्थियों ने अधिकतर सवालों का जवाब सही देने की बात कही। डीएम और एसएसपी ने परीक्षा केंद्रों का जायजा लिया।
परीक्षा सुबह और दोपहर बाद की पाली में नियत समय पर शुरू हुई। खराब मौसम के बावजूद दूर दराज से अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल होने पहुंचे। पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों सहित अफसरों ने भी परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया। वहीं, परीक्षा सामग्री को कोषागार से निकालकर केंद्रों तक पहुंचाने की वीडियोग्राफी कराई गई। केंद्र के भीतर भी खोलने और सील करने की वीडियोग्राफी कराई गई। डीएम चंद्र प्रकाश सिंह और एसएसपी संतोष कुमार सिंह ने आईपी डिग्री कॉलेज स्याना अड्डा, मुस्लिम इंटर कॉलेज और डीएवी इंटर कॉलेज में बनाए गए परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण करते हुए सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया।
यह रही परीक्षा की स्थिति
दो पालियों में होने वाली परीक्षा में ़19939 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। इनमें से 17617 परीक्षार्थी शामिल हुए और 2322 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। पहली पाली में प्राथमिक स्तर की परीक्षा हुई। इस पाली में 11,403 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। परीक्षा में 10,068 अभ्यर्थी शामिल हुए और 1335 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। यह परीक्षा 23 परीक्षा केंद्रों पर हुई। दूसरी पाली की परीक्षा में 8536 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। इसमें 7549 अभ्यर्थी शामिल हुए और 987 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। यह परीक्षा 18 केंद्रों पर हुई। परीक्षा के दौरान महिला अभ्यर्थी अपने छोटे बच्चों के साथ पहुंची। उनके साथ उनके परिजन भी भी आए थे, जिन्हें बच्चों को ठंड में संभालना मुश्किल हो गया। दिव्यांग अभ्यर्थियों को उनके परिजन पीठ पर लेकर परीक्षा केंद्र तक पहुंचे।
कोविड गाइड लाइन का नहीं हुआ पालन
टीईटी के दौरान परीक्षा केंद्र पर तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों से लेकर अभ्यर्थियों को कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए कोविड गाइड लाइन का पालन करना था। इसके लिए पहले ही सख्त आदेश जारी कर दिए गए थे, लेकिन परीक्षा के दौरान गाइड लाइन का असर नहीं दिखाई दिया। अभ्यर्थी परीक्षा देने के चक्कर में सामाजिक दूरी को भी भूल गए। इस पर किसी अफसर और पुलिसकर्मी ने भी ध्यान नहीं दिया।
बोले अभ्यर्थी
परीक्षा में पांच विषय से संबंधित प्रश्न आए। पूर्व में परीक्षा रद्द होने पर तैयारी का और समय मिल गया था, जिसके चलते परीक्षा देने में कोई खास दिक्कत नहीं आई। पास होने की पूरी संभावना है। - राजकुमार
परीक्षा में सामान्य ज्ञान से लेकर हिंदी व्याकरण और अंग्रेजी ग्रामर तक के प्रश्न शामिल रहे। पूर्व में परीक्षा रद्द होने पर लग रहा था कि इस बार परीक्षा कठिन होगी, लेकिन ऐसा नहीं रहा और परीक्षा अच्छी तरह से दी है। - अविनाश
नवंबर माह में परीक्षा रद्द होने पर यह चिंता बनी हुई थी कि अब कब परीक्षा होगी। इस समय कोरोना के चलते परीक्षा पर संशय बना हुआ था। परीक्षा देने के बाद ही अब लग रहा है कि मेरा शिक्षक बनने का सपना पूरा हो जाएगा। - संदीप
परीक्षा में अधिकतर प्रश्न आसान रहे। साइकोलॉजी के अलावा कुछ सवाल कठिन रहे और उनका उत्तर देने में देरी भी हुई। सभी प्रश्नों का उत्तर सही दिए हैं और पास होने की पूरी आस है। - शिवानी यादव