{"_id":"68dac0b854c5e0cf27020822","slug":"ten-year-sentence-for-firing-at-police-team-bulandshahr-news-c-133-1-bul1007-141398-2025-09-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bulandshahar News: पुलिस टीम पर फायरिंग करने वाले को दस साल की सजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bulandshahar News: पुलिस टीम पर फायरिंग करने वाले को दस साल की सजा
विज्ञापन
बुलंदशहर। सिकंदराबाद थाना क्षेत्र में वर्ष 2015 में पुलिस टीम पर फायरिंग करने वाले को अदालत ने दोषी करार देते हुए 10 वर्ष का सश्रम कारावास और 50 हजार रुपये अर्थदंड सुनाया है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार शिकारपुर कोतवाली क्षेत्र के गांव ढूसरी निवासी जीतपाल ने तीन मई 2015 को सिकंदराबाद थाना क्षेत्र में पुलिस टीम पर फायरिंग की थी। घटना में कोई पुलिसकर्मी घायल नहीं हुआ था। फायरिंग के बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए जीतपाल को गिरफ्तार कर लिया और उसके पास से अवैध असलहा भी बरामद किया था।
घटना की रिपोर्ट सिकंदराबाद थाने में उसी दिन दर्ज कर ली गई थी। इसके बाद 25 मई 2015 को पुलिस ने मामले में आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने पुख्ता सबूत और गवाह पेश किए। सोमवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश स्पेशल ईसी धीरेंद्र कुमार की अदालत ने सभी साक्ष्यों और तर्कों को सुनने के बाद जीतपाल को दोषी मानते हुए उसे 10 वर्ष का सश्रम कारावास और 50 हजार रुपये का अर्थदंड दिया। जुर्माने की धनराशि अदा न करने की स्थिति में दोषी को अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
अभियोजन पक्ष के अनुसार शिकारपुर कोतवाली क्षेत्र के गांव ढूसरी निवासी जीतपाल ने तीन मई 2015 को सिकंदराबाद थाना क्षेत्र में पुलिस टीम पर फायरिंग की थी। घटना में कोई पुलिसकर्मी घायल नहीं हुआ था। फायरिंग के बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए जीतपाल को गिरफ्तार कर लिया और उसके पास से अवैध असलहा भी बरामद किया था।
विज्ञापन
घटना की रिपोर्ट सिकंदराबाद थाने में उसी दिन दर्ज कर ली गई थी। इसके बाद 25 मई 2015 को पुलिस ने मामले में आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने पुख्ता सबूत और गवाह पेश किए। सोमवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश स्पेशल ईसी धीरेंद्र कुमार की अदालत ने सभी साक्ष्यों और तर्कों को सुनने के बाद जीतपाल को दोषी मानते हुए उसे 10 वर्ष का सश्रम कारावास और 50 हजार रुपये का अर्थदंड दिया। जुर्माने की धनराशि अदा न करने की स्थिति में दोषी को अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
विज्ञापन