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दस लाख लोगों को मिलेगी बिजली
अमर उजाला ब्यूरो/बुलंदशहर
Updated Thu, 14 Jul 2016 11:23 PM IST
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बिजली
- फोटो : ब्यूरो
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नरौरा परमाणु बिजली घर से इमरजेंसी प्लानिंग जोन (ईपीजेड) में सीधी बिजली आपूर्ति किए जाने की सालों की मांग पूरी हो गई है। अब नरौरा परमाणु बिजली घर डिबाई को सीधे बिजली आपूर्ति शुरू हो गई है। विभिन्न टेस्टिंग के बाद विधिवत सप्लाई चालू हुई। इससे क्षेत्र के 10 लाख लोगों को लाभ मिलेगा।
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नरौरा विद्युत घर से जा रही लाइन को पहले डिबाई 220 केवीए के उपकेंद्र से होते हुए खुर्जा से जोड़ा गया है। डिबाई सहित आसपास के गांवों में 24 घंटे बिजली आपूर्ति के साथ लो वोल्टेज की समस्या दूर हो जाएगी।
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पूरी कवायद के लिए पावर कॉरपोरेशन ने भीमपुर पर 132 केवीए सब स्टेशन की 40 करोड़ की लागत से क्षमता बढ़ाकर 220 केवीए की गई। फिर इसे नरौरा परमाणु केंद्र से सीधा जोड़ा गया। लाइन जोड़ने से पहले हुए प्रशिक्षण में कॉरपोरेशन की ओर से नियुक्त बंगलूरू की कंपनी एल्सटोम के विशेषज्ञों की टीम ने 15 दिन पूरे पैनल की बारीकी से जांच की।
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एसडीओ अमित कुमार ने बताया कि पावर हाउस से 300 मीटर दूर तक लाइन बिछाई गई। शटडाउन के बाद इसे जोड़ने में एक दिन का समय लगा। लाइन जुड़ने के बाद डिबाई पावर हाउस पर अब हर समय हमेशा फुल वोल्टेज में 24 घंटे बिजली उपलब्ध रहेगी। क्षेत्र के लोगों को वर्तमान में 41 किलो मीटर दूर धरपा से आपूर्ति होती थी।
लंबे संघर्ष के बाद मिली कामयाबी
नरौरा से 16 किलो मीटर क्षेत्र के लिए प्रदेश सरकार की ओर से बनाई गई ईपीजेड कोर कमेटी के अध्यक्ष ओम प्रकाश माहेश्वरी ने नरौरा परमाणु बिजली घर से क्षेत्र के आपूर्ति केंद्र को बिजली मिलना बड़ी कामयाबी है।
उन्होंने बताया कि इस कवायद से क्षेत्र में फुल वोल्टेज में 24 घंटे बिजली आपूर्ति का रास्ता साफ हो गया गया। बता दें कि माहेश्वरी ने इसके लिए हाईकोर्ट में जनहित याचिका भी दायर की हुई है। जिसका केंद्र व प्रदेश सरकार बीते दो सालों में अब तक उत्तर नहीं दे पाई है।