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Bulandshahar News: बाहर से मंगवाई सिरिंज, फिर भी नहीं लगाई एंटी रेबीज वैक्सीन
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डिबाई में एआरवी लगवाने पहुंची महिला बच्चों के साथ। संवाद
डिबाई। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर एंटी रेबीज वैक्सीन लगवाने पहुंच रहे मरीजों को बाहर से सिरिंज खरीदनी पड़ रही है। सोमवार को बच्ची को लेकर पहुंची महिला से सिरिंज मंगवाई गई। सिरिंज लेकर महिला पहुंची तो समय समाप्त हो जाने की बात कहकर उन्हें वापस भेज दिया गया।
जिले के अधिकांश सरकारी चिकित्सालयों में एंटी रेबीज वैक्सीन नहीं है। जिन चिकित्सालयों में एआरवी मौजूद है, वहां पर अधिकांश जगह सिरिंज के नाम पर मरीजों को 10 रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं। डिबाई सीएचसी से 15 किमी दूर गांव तलवार निवासी महिला रेखा ने बताया कि रविवार को छह वर्षीय पुत्री को कुत्ते ने काट लिया। सोमवार को सीएचसी पर एआरवी लगवाने के लिए आईं तो चिकित्सक ने बाजार से सिरिंज खरीदकर लाने को कहा।
बाजार से सिरिंज लाने में थोड़ा समय लग गया। करीब डेढ़ बजे वह सीएचसी पहुंचीं तो चिकित्सक ने अस्पताल बंद होने की बात कहकर मंगलवार को बुलाया। उन्होंने चिकित्सक से काफी फरियाद की लेकिन उन्होंने एक नहीं सुनी। मजबूरन उन्हें लौटना पड़।
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जिले के अधिकांश सरकारी चिकित्सालयों में एंटी रेबीज वैक्सीन नहीं है। जिन चिकित्सालयों में एआरवी मौजूद है, वहां पर अधिकांश जगह सिरिंज के नाम पर मरीजों को 10 रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं। डिबाई सीएचसी से 15 किमी दूर गांव तलवार निवासी महिला रेखा ने बताया कि रविवार को छह वर्षीय पुत्री को कुत्ते ने काट लिया। सोमवार को सीएचसी पर एआरवी लगवाने के लिए आईं तो चिकित्सक ने बाजार से सिरिंज खरीदकर लाने को कहा।
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बाजार से सिरिंज लाने में थोड़ा समय लग गया। करीब डेढ़ बजे वह सीएचसी पहुंचीं तो चिकित्सक ने अस्पताल बंद होने की बात कहकर मंगलवार को बुलाया। उन्होंने चिकित्सक से काफी फरियाद की लेकिन उन्होंने एक नहीं सुनी। मजबूरन उन्हें लौटना पड़।
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