फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bulandshahar News ›   swachata sarvechan

पिछले साल 91 स्थान गिरे, फिर भी समस्याओं का नहीं हुआ समाधान

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Sun, 13 Mar 2022 10:35 PM IST
विज्ञापन
swachata sarvechan
पिछले साल 91 स्थान गिरे, फिर भी समस्याओं का नहीं हुआ समाधान
विज्ञापन

शिकारपुर। सफाई और पानी की निकासी के लिए भले ही नगर पालिका लाखों का बजट खर्च कर रही है लेकिन इसका असर देखने को नहीं मिल रहा है। पिछले स्वच्छता सर्वेक्षण में रैंकिंग गिरने के बाद भी खुले में फैली गंदगी और पानी निकासी के लिए बनाए गए नाले कूड़े से अटे पड़े हैं। पानी की निकासी ठीक न होने के कारण इस बार भी सर्वेक्षण में नगर पालिका को नुकसान हो सकता है।
2021 में हुए स्वच्छता सर्वेक्षण के दौरान नगर पालिका की रैंकिंग 44 वें स्थान से गिरकर 135 वें स्थान पर पहुंच गई थी। रैंकिंग गिरने के बाद भी नगर पालिका अधिकारियों ने शहर की सफाई व्यवस्था को सुधारने और लोगों को बेहतर सुविधा देने की ओर कोई ध्यान नहीं दिया। वर्तमान में भी जगह-जगह लगे कूड़े के ढेर पालिका अधिकारियों की मेहनत को बयान करने के लिए काफी है। इसके अलावा घर-घर से कूड़ा उठान, नालों से पानी की निकासी के लिए उचित व्यवस्था भी नहीं की गई है। जिसके चलते सुबह और शाम के समय नाले ओवरफ्लो हो जाते हैं और सड़क पर गंदा पानी भर जाता है। स्थिति यह है कि मोहल्ला नौगंज, काजीवाड़ा, मंडी, ठाकुरान में सडक़ पर, मुफ्तीवाड़ा, बड़ा महादेव समेत अन्य मोहल्लों में खाली पड़े प्लॉट में लोग कूड़ा डालने के लिए मजबूर हैं। करीब एक वर्ष से कूड़ा उठान के लिए कर्मचारी घर-घर नहीं पहुंच रहे हैं। जिससे लोगों को निजी कर्मचारियों के माध्यम से कूड़ा उठान के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। सभासद कपिल आर्य का कहना है कि नगर में सफाई न होने से गंदगी का अंबर लगा है। नाले चोक हो रहे हैं, लेकिन शिकायत के बाद भी इस ओर कोई कदम नहीं उठाया जा रहा है।
विज्ञापन

करीब एक वर्ष से कूड़ा उठान नहीं हो रहा है। जिसके चलते लोग घर के आसपास के प्लॉट में ही कूड़ा फेंक रहे हैं। समस्या का समाधान आवश्यक है। - बाबू मलिक
नगर पालिका द्वारा सिर्फ कागजों में ही नालों की सफाई करवा दी जाती है। नाले चोक हो रहे हैं। आवरफ्लो होने पर सड़कों और गलियों में गंदा पानी फैल जाता है। - तौकीर अहमद, पूर्व सभासद
विज्ञापन
विज्ञापन

सार्वजनिक शौचालय में दरवाजे तक नहीं हैं और शौचालय की सीट तक टूटी पड़ी है। इससे काफी असुविधा होती है। इनकी ओर अफसरों का कोई ध्यान नहीं है। - प्रमोद कुमार शर्मा

शहर की सफाई व्यवस्था खराब है। घरों से कूड़ा नहीं उठाया जा रहा है। जगह-जगह नाले चोक हैं, जिसके चलते पानी की निकासी नहीं हो रही है। - किशनपाल
स्वच्छता सर्वेक्षण की तैयारी की जा रही है। डोर टू डोर कूड़ा उठाने के लिए कर्मचारियों को लगाया जाएगा। वहीं वार्ड वार जनता के साथ बैठक कर स्वच्छता सर्वेक्षण में सहयोग की अपील की जाएगी। चोक हुए नालों की सफाई भी करवाई जाएगी। -राजीव कुमार, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed