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मिलें बंद होने लगीं, 270 करोड़ बकाया
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गन्ने से लदीं ट्रॉलियां।
- फोटो : BULANDSHAHR
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मिलें बंद होने लगीं, 270 करोड़ बकाया
बुलंदशहर। जनपद की चीनी मिलों में गन्ना पेराई सत्र अब अंतिम चरण में है। वेव शुगर मिल बंद हो चुकी है, जबकि अनूपशहर मिल इसी माह बंद हो जाएगी और अनामिका व साबितगढ़ मई माह के प्रथम सप्ताह तक चलेंगी। चीनी मिलों पर किसानों का अभी भी 270 करोड़ बकाया गन्ना भुगतान चल रहा है। गन्ना विभाग ने भुगतान के लिए मिलों को निर्देश जारी कर दिए हैं।
जनपद में इस बार 65 हजार से अधिक हेक्टेयर में गन्ने की फसल हुई। अब चीनी मिलों में गन्ना पेराई सत्र समाप्ति की ओर है। वेव शुगर मिल बंद हो चुकी है। इस मिल ने 34.47 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई की है। इसकी कीमत 108 करोड़ से अधिक है। इसमें मिल ने 47 करोड़ से अधिक की राशि का भुगतान भी कर दिया है, जबकि करीब 61 करोड़ की राशि अभी भी बकाया चल रही है। इस मिल ने सोमवार को भी 6.91 करोड़ की राशि का भुगतान किया। गन्ना विभाग के अनुसार अनूपशहर की दी सहकारी चीनी मिल भी इसी माह बंद हो जाएगी। यह मिल अब तक 22.82 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई कर चुकी है। अनामिका मिल ने 55.10 लाख क्विंटल और साबितगढ़ चीनी मिल ने सबसे ज्यादा 91.87 लाख कुंतल गन्ने की पेराई कर दी है। अनामिका और साबितगढ़ चीनी मिल मई माह के पहले सप्ताह तक चलेंगी। वहीं, दूसरी ओर विभागीय अफसरों का कहना है कि जनपद मेरठ मंडल में गन्ना भुगतान करने में प्रथम स्थान पर चल रहा है।
चीनी मिलों पर बकाया भुगतान
वेव शुगर मिल- 61 करोड़ रुपये
अनूपशहर मिल- 75 करोड़ रुपये
अनामिका मिल- 72.74 करोड़ रुपये
साबितगढ़ मिल- 61.77 करोड़ रुपये
गन्ना भुगतान में जनपद पहले स्थान पर
विभागीय अफसरों के अनुसार जनपद की चीनी मिल गन्ना भुगतान करने में मेरठ मंडल में प्रथम स्थान पर है। गन्ना भुगतान करने में गाजियाबाद की चीनी मिल फिसड्डी साबित हो रही हैं। साबितगढ़ चीनी मिल ने सबसे अधिक गन्ना खरीदा और भुगतान करने में भी प्रथम स्थान पर है। इसी तरह अनामिका मिल दूसरे नंबर पर, तीसरे नंबर पर अनूपशहर और वेव शुगर मिल चौथे स्थान पर चल रही है। मेरठ मंडल में शामिल जनपदों में किए गए गन्ना भुगतान फीसदी की स्थिति इस प्रकार से है।
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जनपद भुगतान फीसदी में
बुलंदशहर 65.65
मेरठ 44.69
बागपत 18.91
हापुड़ 13.47
गाजियाबाद 2.35
जनपद की वेव शुगर मिल बंद हो चुकी है। जबकि तीन चीनी मिल मई माह के प्रथम सप्ताह तक चलेंगी। अभी भी चीनी मिलों पर किसानाें का 270 करोड़ रुपये बकाया चल रहा है। इस राशि का भुगतान करने के लिए विभाग की ओर से निर्देश जारी किए गए हैं। गन्ना भुगतान में जनपद प्रथम स्थान पर चल रहा है। - डीके सैनी, जिला गन्ना अधिकारी
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बुलंदशहर। जनपद की चीनी मिलों में गन्ना पेराई सत्र अब अंतिम चरण में है। वेव शुगर मिल बंद हो चुकी है, जबकि अनूपशहर मिल इसी माह बंद हो जाएगी और अनामिका व साबितगढ़ मई माह के प्रथम सप्ताह तक चलेंगी। चीनी मिलों पर किसानों का अभी भी 270 करोड़ बकाया गन्ना भुगतान चल रहा है। गन्ना विभाग ने भुगतान के लिए मिलों को निर्देश जारी कर दिए हैं।
जनपद में इस बार 65 हजार से अधिक हेक्टेयर में गन्ने की फसल हुई। अब चीनी मिलों में गन्ना पेराई सत्र समाप्ति की ओर है। वेव शुगर मिल बंद हो चुकी है। इस मिल ने 34.47 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई की है। इसकी कीमत 108 करोड़ से अधिक है। इसमें मिल ने 47 करोड़ से अधिक की राशि का भुगतान भी कर दिया है, जबकि करीब 61 करोड़ की राशि अभी भी बकाया चल रही है। इस मिल ने सोमवार को भी 6.91 करोड़ की राशि का भुगतान किया। गन्ना विभाग के अनुसार अनूपशहर की दी सहकारी चीनी मिल भी इसी माह बंद हो जाएगी। यह मिल अब तक 22.82 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई कर चुकी है। अनामिका मिल ने 55.10 लाख क्विंटल और साबितगढ़ चीनी मिल ने सबसे ज्यादा 91.87 लाख कुंतल गन्ने की पेराई कर दी है। अनामिका और साबितगढ़ चीनी मिल मई माह के पहले सप्ताह तक चलेंगी। वहीं, दूसरी ओर विभागीय अफसरों का कहना है कि जनपद मेरठ मंडल में गन्ना भुगतान करने में प्रथम स्थान पर चल रहा है।
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चीनी मिलों पर बकाया भुगतान
वेव शुगर मिल- 61 करोड़ रुपये
अनूपशहर मिल- 75 करोड़ रुपये
अनामिका मिल- 72.74 करोड़ रुपये
साबितगढ़ मिल- 61.77 करोड़ रुपये
गन्ना भुगतान में जनपद पहले स्थान पर
विभागीय अफसरों के अनुसार जनपद की चीनी मिल गन्ना भुगतान करने में मेरठ मंडल में प्रथम स्थान पर है। गन्ना भुगतान करने में गाजियाबाद की चीनी मिल फिसड्डी साबित हो रही हैं। साबितगढ़ चीनी मिल ने सबसे अधिक गन्ना खरीदा और भुगतान करने में भी प्रथम स्थान पर है। इसी तरह अनामिका मिल दूसरे नंबर पर, तीसरे नंबर पर अनूपशहर और वेव शुगर मिल चौथे स्थान पर चल रही है। मेरठ मंडल में शामिल जनपदों में किए गए गन्ना भुगतान फीसदी की स्थिति इस प्रकार से है।
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जनपद भुगतान फीसदी में
बुलंदशहर 65.65
मेरठ 44.69
बागपत 18.91
हापुड़ 13.47
गाजियाबाद 2.35
जनपद की वेव शुगर मिल बंद हो चुकी है। जबकि तीन चीनी मिल मई माह के प्रथम सप्ताह तक चलेंगी। अभी भी चीनी मिलों पर किसानाें का 270 करोड़ रुपये बकाया चल रहा है। इस राशि का भुगतान करने के लिए विभाग की ओर से निर्देश जारी किए गए हैं। गन्ना भुगतान में जनपद प्रथम स्थान पर चल रहा है। - डीके सैनी, जिला गन्ना अधिकारी