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Bulandshahar News: एसटीएफ को मिली प्रबंध समिति के फर्जीवाड़े की जांच

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Thu, 28 Dec 2023 01:39 AM IST
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STF got investigation into fraud of management committee
गाजियाबाद। एमएमएचवी इंटर कॉलेज व एमएमएच बालिका इंटर कॉलेज की प्रबंध समिति के फर्जीवाड़े व वित्तीय अनिमितताओं के प्रकरण की जांच मेरठ एसटीएफ को मिली है। एसटीएफ मेरठ के निरीक्षक रविंद्र कुमार ने कॉलेजों के निवर्तमान सचिव अभिनव कृष्णा को अपना पक्ष रखने के लिए 21 नवंबर को बुलाया था लेकिन वह अपना पक्ष स्पष्ट करने में नाकाम रहे। एसटीएफ ने उनको समिति के सभी दस्तावेजों के साथ अपना पक्ष रखने के लिए दोबारा बुलाया है।
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राजनगर एक्सटेंशन निवासी निशांत ने एमएमएच कॉलेजों की प्रबंध समिति फर्जी होने का आरोप लगाते हुए 2020 में राज्यपाल को शिकायत दी थी। प्राथमिक जांच कराने के बाद सीसीएसयू के तत्कालीन वीसी ने जून 2021 को प्रबंध समिति को निलंबित कर दिया था। निशांत ने फरवरी 2023 में डीजीपी को शिकायत देकर आरोप लगाया था कि एमएमएच की प्रबंध समिति की मातृ संस्था कोलकाता के पते पर पंजीकृत है। प्रदेश या जिले में कहीं पर भी इस नाम से दूसरी कोई संस्था नहीं है। जबकि, प्रबंध समिति के अध्यक्ष, सचिव पिछले चार दशक से फर्जी तरीके से पदों पर बने हुए हैं। उन्होंने समिति के नाम पर करोड़ों रुपये की मदद ली और करोड़ों रुपये निजी लाभ के लिए समिति के खाते से निकाल लिए। खाते से निकाली गई रकम समेत तमाम साक्ष्य भी शिकायतीपत्र के साथ दिए गए।
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आरोप है कि ऐसे काम के लिए धनराशि निकाली गई, जो कभी कॉलेजों में हुए ही नहीं और तमाम सांस्कृतिक और खेल गतिविधियों के आयोजन के लिए भी मोटी धनराशि खर्च होना दिखाया गया। एसटीएफ निरीक्षक रविंद्र कुमार ने बताया कि प्रकरण की जांच अभी चल रही है। सभी साक्ष्यों का संकलन होने के बाद सही निर्णय पर पहुंचा जाएगा। इसमें कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी।
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सीडीओ के पास हैं प्रबंध समिति के अधिकार
तीन जून 2021 के बाद से एमएमएच कॉलेज की प्रबंध समिति के सभी अधिकार सीडीओ के पास हैं। राज्यपाल ने समिति के चुनाव के लिए पर्यवेक्षक की नियुक्ति का वीसी को आदेश भी दिया था, लेकिन इसके बाद भी अभी तक पर्यवेक्षक नियुक्त नहीं हो सका है। अभिनव कृष्णा ने बताया कि तीन सदस्यीय जो कमेटी वीसी ने नियुक्त की है, उसके समक्ष सभी साक्ष्य प्रस्तुत किए हैं लेकिन अभी तक इसमें कोई निर्णय नहीं हो पाया है।

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निराधार हैं सभी आरोप
फर्जीवाड़े के आरोप पूरी तरह निराधार हैं। जो भी धनराशि निकाली गई है, उसका सदुपयोग हुआ है। हमने अधिकारियों को सभी साक्ष्य उपलब्ध कराए हैं। कोलकाता में जो संस्था पंजीकृत है, वहां उसके तहत पूजन आदि का काम होता है और प्रशासनिक काम गाजियाबाद में होता है। कुछ लोग हमें ब्लैकमेल कर रहे हैं और हमारे काम में बाधा उत्पन्न कर रहे हैं।
- अभिनव कृष्णा, निवर्तमान सचिव, एमएमएच कॉलेज प्रबंध समिति
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