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सोशल मीडिया पर 25 हजार फाॅलोअर...मिल सकता है टिकट
अमर उजाला ब्यूरो, बुलंदशहर
Updated Thu, 17 Mar 2016 10:12 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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लोकसभा चुनाव में सोशल मीडिया के सहारे युवा दिलों में अपनी छाप छोड़कर केंद्र तक पहुंचने में कामयाब हुई भारतीय जनता पार्टी यूपी में भी वहीं फार्मूला आजमाने की रणनीति पर चल निकली है।
पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने संदेश दे दिया है कि विधानसभा टिकट के लिए दावेदार का भाजपा और जनता के प्रति समर्पण, आस्था, स्वीकार्यता, संपर्क के साथ सोशल मीडिया पर सक्रियता बड़ा आधार बनेगी।
दावेदार के कम से कम 25 हजार फालोअर होने चाहिए। इस आकंड़े को छूने में जिले के ज्यादातर दावेदारों की सांसे फूलने लगी है। सूबे से सांसदों और संगठन पदाधिकारियों के जरिए अमित शाह का यह संदेश जिलों में पुहंचा है।
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तीन दिन पहले खुर्जा-नोएडा लोकसभा सीट से सांसद केंद्रीय मंत्री डाक्टर महेश शर्मा के आवास पर पीएम नरेंद्र मोदी और राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने मीटिंग में मिशन यूपी की रणनीति पर विचार किया था।
भरोसा दिलाया था कि जल्द प्रदेशाध्यक्ष के नाम के तुरंत बाद विधानसभा चुनाव में टिकट के दावेदारों के नाम का ऐलान कर दिया जाएगा। दावेदारी में सोशल मीडिया से जुड़े नेताओं को वरीयता दी जाएगी।
शाह की सोशल मीडिया की गुंगली पर जिले की सातों विधानसभा सीटों के ज्यादातर दावेदार बोल्ड हो रहे हैं। ज्यादातर नेता ट्वीटर पर नहीं हैं। फेसबुक और व्हाट्सएप जरूर चला रहे हैं। लेकिन फालोअर सिर्फ सैकड़ों तक ही सीमित है। 25 हजार का आकंड़ा कोई दावेदार नहीं छू रहा है।
सभी सात सीटों पर करीब 20 नाम प्रमुख हैं। अब लोग युवाओं को जोड़ने की मुहिम पर जुटेंगे। एमपी डाॅ. भोला सिंह, जिलाध्यक्ष डीके शर्मा, संजय शर्मा, रविंद्र राजौरा, वीरेंद्र सिरोही, सुनील रामा, संजू भैया, मीनाक्षी सिंह आदि काफी नेता वाट्सअप और फेसबुक पर लोगों से संपर्क में हैं।
दुखड़ा रो रहे हैं बुजुर्ग नेता
सोशल मीडिया से जुड़ने की मुहिम में बुजुर्ग नेता और पुराने विधायक ज्यादा परेशान हैं। कई पदों पर रहकर भाजपा की मुख्यधारा में रहने के साथ इस बार भी टिकट के दावदार अभी तक एक बूथ-दस यूथ और सेक्टर कमेटी आदि के सहारे चुनावी मैदान में फतह करते रहे हैं, उनको सोशल मीडिया संचालित करने की पूरी जानकारी भी नही हैं।
कल दिल्ली में भी यूपी से जुड़े पार्टी के एक बड़े नेता के सामने भी काफी बुजुर्ग नेताओं ने सोशल मीडिया में अपना हाथ तंग होने का दुखड़ा रोया।
लोकसभा चुनाव में सोशल मीडिया के जरिए हर वर्ग को पार्टी ने जोड़ा था। यूपी चुनाव में मुहिम को और तेज किया जाएगा। यह माध्यम आज सशक्त है। पार्टी की इस नीति पर गंभीरता से अमल होगा। - आलोक सिसौदिया, प्रवक्ता, भाजपा पश्चिमी क्षेत्र
मैं खुद फेसबुक और व्हाट्स एप से जुड़ा हूं। कार्यकर्ताओं से संपर्क में रहता हूं। सभी को आमजन से जुड़ने के लिए सोशन मीडिया अपनाना चाहिए। संवाद करने का यह आज बड़ा माध्यम हैं। - डीके शर्मा, जिलाध्यक्ष, भाजपा
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पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने संदेश दे दिया है कि विधानसभा टिकट के लिए दावेदार का भाजपा और जनता के प्रति समर्पण, आस्था, स्वीकार्यता, संपर्क के साथ सोशल मीडिया पर सक्रियता बड़ा आधार बनेगी।
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दावेदार के कम से कम 25 हजार फालोअर होने चाहिए। इस आकंड़े को छूने में जिले के ज्यादातर दावेदारों की सांसे फूलने लगी है। सूबे से सांसदों और संगठन पदाधिकारियों के जरिए अमित शाह का यह संदेश जिलों में पुहंचा है।
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तीन दिन पहले खुर्जा-नोएडा लोकसभा सीट से सांसद केंद्रीय मंत्री डाक्टर महेश शर्मा के आवास पर पीएम नरेंद्र मोदी और राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने मीटिंग में मिशन यूपी की रणनीति पर विचार किया था।
भरोसा दिलाया था कि जल्द प्रदेशाध्यक्ष के नाम के तुरंत बाद विधानसभा चुनाव में टिकट के दावेदारों के नाम का ऐलान कर दिया जाएगा। दावेदारी में सोशल मीडिया से जुड़े नेताओं को वरीयता दी जाएगी।
शाह की सोशल मीडिया की गुंगली पर जिले की सातों विधानसभा सीटों के ज्यादातर दावेदार बोल्ड हो रहे हैं। ज्यादातर नेता ट्वीटर पर नहीं हैं। फेसबुक और व्हाट्सएप जरूर चला रहे हैं। लेकिन फालोअर सिर्फ सैकड़ों तक ही सीमित है। 25 हजार का आकंड़ा कोई दावेदार नहीं छू रहा है।
सभी सात सीटों पर करीब 20 नाम प्रमुख हैं। अब लोग युवाओं को जोड़ने की मुहिम पर जुटेंगे। एमपी डाॅ. भोला सिंह, जिलाध्यक्ष डीके शर्मा, संजय शर्मा, रविंद्र राजौरा, वीरेंद्र सिरोही, सुनील रामा, संजू भैया, मीनाक्षी सिंह आदि काफी नेता वाट्सअप और फेसबुक पर लोगों से संपर्क में हैं।
दुखड़ा रो रहे हैं बुजुर्ग नेता
सोशल मीडिया से जुड़ने की मुहिम में बुजुर्ग नेता और पुराने विधायक ज्यादा परेशान हैं। कई पदों पर रहकर भाजपा की मुख्यधारा में रहने के साथ इस बार भी टिकट के दावदार अभी तक एक बूथ-दस यूथ और सेक्टर कमेटी आदि के सहारे चुनावी मैदान में फतह करते रहे हैं, उनको सोशल मीडिया संचालित करने की पूरी जानकारी भी नही हैं।
कल दिल्ली में भी यूपी से जुड़े पार्टी के एक बड़े नेता के सामने भी काफी बुजुर्ग नेताओं ने सोशल मीडिया में अपना हाथ तंग होने का दुखड़ा रोया।
लोकसभा चुनाव में सोशल मीडिया के जरिए हर वर्ग को पार्टी ने जोड़ा था। यूपी चुनाव में मुहिम को और तेज किया जाएगा। यह माध्यम आज सशक्त है। पार्टी की इस नीति पर गंभीरता से अमल होगा। - आलोक सिसौदिया, प्रवक्ता, भाजपा पश्चिमी क्षेत्र
मैं खुद फेसबुक और व्हाट्स एप से जुड़ा हूं। कार्यकर्ताओं से संपर्क में रहता हूं। सभी को आमजन से जुड़ने के लिए सोशन मीडिया अपनाना चाहिए। संवाद करने का यह आज बड़ा माध्यम हैं। - डीके शर्मा, जिलाध्यक्ष, भाजपा