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सौभाग्य योग में होगी सावन की शुरुआत, 26 को पहला सोमवार
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आचार्य मंजीत धर्मध्वज।
- फोटो : BULANDSHAHR
सौभाग्य योग में होगी सावन की शुरुआत, 26 को पहला सोमवार
बुलंदशहर। सावन (श्रावण) माह 25 जुलाई से शुरू हो रहा है। जो 25 जुलाई रविवार को सौभाग्य और आयुष्मान योग में शुरू होगा। यह योग शिवभक्तों के लिए विशेष फलदायी होगा। 26 जुलाई को सावन का पहला सोमवार होगा। भगवान आशुतोष का माह इस बार 25 जुलाई से शुरू होगा और 29 दिन में यानी 22 अगस्त को समापन होगा। इसी दिन रक्षाबंधन का त्योहार मनाया जाएगा।
सनातन धर्म में सावन का विशेष महत्व होता है। यह पावन महीना भगवान शिव को समर्पित है। इस माह में शिवभक्त/श्रद्धालु जल, दूध और गंगाजल आदि से महादेव का जलाभिषेक करते हैं। शिवालयों में भी तैयारियां शुरू हो गई हैं।
कोविड-19 गाइड लाइन का करना होगा पालन
कोरोना संक्रमण के चलते शिवभक्तों को इस बार भी कोविड-19 गाइड लाइन का पालन कर जलाभिषेक करना होगा। वहीं अभी तक शासन की ओर से शिवालयों को खोलने या बंद रखने को लेकर कोई दिशानिर्देश जारी नहीं किए गए है।
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घर में पूजा करने का फल मंदिर में करने के बराबर
पंडित शिवदत्त शास्त्री ने बताया कि इस साल सावन शुभारंभ आयुष्मान/ सौभाग्य योग में है। पवित्र माह में चार सोमवार और दो प्रदोष पड़ेंगे। साथ ही पूजा अनुष्ठान के लिए कई योग भी होंगे। बताया कि कोरोना संक्रमण के चलते शिवालय बंद रहने पर भक्त घर पर ही पूजा करें। घर पर की गई पूजा का फल मंदिर में की गई पूजा के बराबर मिलता है।
नहीं मिला कोई निर्देश
सावन में मंदिर को बंद रखने या खोलने को लेकर शासन की ओर से कोई निर्देश नहीं मिला है। ऐसे में मंदिर प्रबंधन की ओर से सावन माह को लेकर तैयारियां कर ली गई हैं। शासन या प्रशासन का जो भी आदेश होगा, उसका पालन किया जाएगा।
- आचार्य मंजीत धर्मध्वज, संस्थापक (श्री द्वादश महालिंगेश्वर सिद्धमहापीठ)
सावन में प्रत्येक दिन आशुतोष भगवान की पूजा करने का विशेष महत्व रखता है। इस बार कांवड़ यात्रा न होने से शिवभक्त मंदिरों में जलाभिषेक करने के लिए पहुंचेंगे। कोविड को देख भक्तों को भी गाइड लाइन का पालन करना होगा।
पंडित राज शर्मा
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बुलंदशहर। सावन (श्रावण) माह 25 जुलाई से शुरू हो रहा है। जो 25 जुलाई रविवार को सौभाग्य और आयुष्मान योग में शुरू होगा। यह योग शिवभक्तों के लिए विशेष फलदायी होगा। 26 जुलाई को सावन का पहला सोमवार होगा। भगवान आशुतोष का माह इस बार 25 जुलाई से शुरू होगा और 29 दिन में यानी 22 अगस्त को समापन होगा। इसी दिन रक्षाबंधन का त्योहार मनाया जाएगा।
सनातन धर्म में सावन का विशेष महत्व होता है। यह पावन महीना भगवान शिव को समर्पित है। इस माह में शिवभक्त/श्रद्धालु जल, दूध और गंगाजल आदि से महादेव का जलाभिषेक करते हैं। शिवालयों में भी तैयारियां शुरू हो गई हैं।
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कोविड-19 गाइड लाइन का करना होगा पालन
कोरोना संक्रमण के चलते शिवभक्तों को इस बार भी कोविड-19 गाइड लाइन का पालन कर जलाभिषेक करना होगा। वहीं अभी तक शासन की ओर से शिवालयों को खोलने या बंद रखने को लेकर कोई दिशानिर्देश जारी नहीं किए गए है।
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घर में पूजा करने का फल मंदिर में करने के बराबर
पंडित शिवदत्त शास्त्री ने बताया कि इस साल सावन शुभारंभ आयुष्मान/ सौभाग्य योग में है। पवित्र माह में चार सोमवार और दो प्रदोष पड़ेंगे। साथ ही पूजा अनुष्ठान के लिए कई योग भी होंगे। बताया कि कोरोना संक्रमण के चलते शिवालय बंद रहने पर भक्त घर पर ही पूजा करें। घर पर की गई पूजा का फल मंदिर में की गई पूजा के बराबर मिलता है।
नहीं मिला कोई निर्देश
सावन में मंदिर को बंद रखने या खोलने को लेकर शासन की ओर से कोई निर्देश नहीं मिला है। ऐसे में मंदिर प्रबंधन की ओर से सावन माह को लेकर तैयारियां कर ली गई हैं। शासन या प्रशासन का जो भी आदेश होगा, उसका पालन किया जाएगा।
- आचार्य मंजीत धर्मध्वज, संस्थापक (श्री द्वादश महालिंगेश्वर सिद्धमहापीठ)
सावन में प्रत्येक दिन आशुतोष भगवान की पूजा करने का विशेष महत्व रखता है। इस बार कांवड़ यात्रा न होने से शिवभक्त मंदिरों में जलाभिषेक करने के लिए पहुंचेंगे। कोविड को देख भक्तों को भी गाइड लाइन का पालन करना होगा।
पंडित राज शर्मा