12 साल की बेटी और 3 साल के बेटे को लेकर भागा नौकर
होटल मालिक के घर से उसकी 12 साल की बेटी और 3 साल के बेटे को लेकर एक पूर्व नौकर भाग गया। घर से बाइक लेकर वह बच्चों को घुमाने के लिए निकला था। पीड़ित ने जंक्शन चौकी पुलिस को आरोपी के खिलाफ तहरीर दी है। पुलिस घटना की जांच में जुट गई है। बताया जा रहा है कि आरोपी धर्म बदलकर यहां रह रहा था।
चौकी क्षेत्र निवासी पीड़ित पिता ने बताया कि खुर्जा जंक्शन के पास वह एक होटल चलाता था। होटल करीब छह माह पूर्व बंद हो गया था। होटल में बुलंदशहर निवासी एक युवक ने लगभग साल भर काम किया था। नौकर दूसरे समुदाय का था और उसने धर्म परिवर्तन कर लिया था। होटल बंद होने के बाद भी नौकर का उनके घर पर आना जाना था।
आरोप है कि 16 जुलाई को नौकर 3 साल के बेटे और 12 साल की बेटी को अपने साथ उसी की बाइक पर बैठा कर ले गया। काफी देर तक घर में बच्चों को न देख परिजनों को चिंता हुई। घर में रखी बाइक भी गायब थी। पहले तो लोगों ने सोचा कि नौकर अपने साथ कहीं घुमाने ले गया होगा और आ जाएगा।
वेरीफिकेशन के नियम का नहीं किया जाता पालन
जब देर रात तक बच्चे वापस नहीं आए तो परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की। लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। पीड़ित परिजनों ने अनहोनी की आशंका जताते हुए चौकी पुलिस को तहरीर दी है। होटल मालिक ने नौकर के साथ किसी विवाद या देनदारी से भी इंकार किया है। होटल में रखने के दौरान नौकर का वेरीफिकेशन नहीं कराया गया था। ऐसे में आरोपी नौकर के संबंध में सहीं जानकारी नहीं मिल पा रही है।
घरों तथा प्रतिष्ठानों में नौकर रखने से पूर्व उसका आईडेंटिटी वेरीफिकेशन कराने का नियम है। आए दिन हो रहे आपराधिक घटनाओं को लेकर पुलिस और प्रशासन वेरीफिकेशन कराने की सख्त हिदायत देता रहता है। यहां तक कि घर में रखे गए किराएदार का भी वेरीफिकेशन कराना अनिवार्य है।
बावजूद इसके लोग लापरवाही बरतते हुए वेरीफिकेशन नहीं करवाते। एसपीआरए पीके तिवारी ने बताया कि समय समय पर नौकरों के पहचान के लिए अभियान चलाया जाता है। उन्होंने बताया कि चाहें घरेलू नौकर हो या किसी प्रतिष्ठान में काम करने वाले नौकर सभी का वेरीफिकेशन कराना अनिवार्य है।