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संगीता ने दिया 10 महिलाओं को रोजगार
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गांव अगौता में मसालों की पैकिंग करती नारी शक्ति स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाएं।
- फोटो : BULANDSHAHR
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संगीता ने दिया 10 महिलाओं को रोजगार
बुलंदशहर। गांव अगौता निवासी संगीता चौहान ने नारी शक्ति स्वयं सहायता समूह बनाकर गांव की महिलाओं को स्वावलंबी बनाने का बीड़ा उठाया है। उन्होंने संस्था से 10 महिलाओं को जोड़ कर मसालों की पैकिंग कर बेचने की शुरूआत करवाई है। इससे उनकी अच्छी कमाई होने लगी है। संगीता का कहना है कि वह संस्था से करीब 50 महिलाओं को जोड़कर रोजगार देंगी।
नारी शक्ति स्वयं सहायता समूह की अध्यक्ष संगीता चौहान ने बताया वह बैंक सखी भी हैं। इसी साल जनवरी में उन्होंने गांव की महिलाओं को रोजगार देने की योजना बनाई। पहले उन्होंने सिलाई सेंटर चलाने को सोचा लेकिन बाद में पता चला कि ग्रामीण आजीविका मिशन से संस्था बनाने पर ऋण मिलता है। फिर उन्होंने संस्था बनाने के लिए मिशन के अधिकारियों से संपर्क किया। मिशन में संस्था रजिस्टर्ड करवाकर पहले गांव की दस महिलाआें को जोड़ा। इनमें समा, नाजमीन, महजवीन, सीना, समा, सबनम, नईमा, बहीदा और हमीरा शामिल हैं। संस्था बनने पर 15 हजार की राशि मिली और इसी राशि से इन महिलाओं से बाजार से हल्दी, मिर्च, धनिया, जीरा आदि मसाले लाकर इनकी पैकिंग करवाने की शुरूआत करवाई। साथ ही गरम मसाला बनाना और बेसन बनाकर उसकी पैकिंग करने का काम भी शुरू करवाया। इसका नतीजा यह रहा कि महिलाओं के पैकिंग के मसाले और बेसन की मांग गांव में बढ़ने लगी। आसपास के गांव के लोग भी इन्हें खरीदने आने लगे।
3.60 लाख के ऋण की स्वीकृति का भी इंतजार
नारी शक्ति स्वयं सहायता समूह संस्था की अध्यक्ष संगीता चौहान ने बताया कि अभी कई तरह की परेशानियों का भी सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीण आजीविका मिशन से 3.60 लाख का ऋण लेने के लिए फाइल तैयार करवाकर बैंक भिजवाई गई थी। लेकिन जनवरी से अब तक ऋण नहीं मिला। यह राशि नहीं मिलने से काम आगे नहीं बढ़ पा रहा है। इसके लिए लगातार मिशन और बैंक के चक्कर भी लगाने पड़ रहे हैं। यदि ऋण मिल जाए तो इस कार्य को बड़े स्तर पर चलाने के साथ और महिलाओं को जोड़ने में आसानी हो जाएगी।
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नारी शक्ति स्वयं सहायता समूह संस्था की ऋण संबंधित फाइल को तैयार कर संबंधित बैंक को भेजा जा चुका है। अब इस पर बैंक ही कार्रवाई करेगा। संस्था की मदद करने के लिए मिशन पूरी तरह से तैयार है। - सौरभ शाक्य, जिला प्रबंधक, ग्रामीण आजीविका मिशन
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बुलंदशहर। गांव अगौता निवासी संगीता चौहान ने नारी शक्ति स्वयं सहायता समूह बनाकर गांव की महिलाओं को स्वावलंबी बनाने का बीड़ा उठाया है। उन्होंने संस्था से 10 महिलाओं को जोड़ कर मसालों की पैकिंग कर बेचने की शुरूआत करवाई है। इससे उनकी अच्छी कमाई होने लगी है। संगीता का कहना है कि वह संस्था से करीब 50 महिलाओं को जोड़कर रोजगार देंगी।
नारी शक्ति स्वयं सहायता समूह की अध्यक्ष संगीता चौहान ने बताया वह बैंक सखी भी हैं। इसी साल जनवरी में उन्होंने गांव की महिलाओं को रोजगार देने की योजना बनाई। पहले उन्होंने सिलाई सेंटर चलाने को सोचा लेकिन बाद में पता चला कि ग्रामीण आजीविका मिशन से संस्था बनाने पर ऋण मिलता है। फिर उन्होंने संस्था बनाने के लिए मिशन के अधिकारियों से संपर्क किया। मिशन में संस्था रजिस्टर्ड करवाकर पहले गांव की दस महिलाआें को जोड़ा। इनमें समा, नाजमीन, महजवीन, सीना, समा, सबनम, नईमा, बहीदा और हमीरा शामिल हैं। संस्था बनने पर 15 हजार की राशि मिली और इसी राशि से इन महिलाओं से बाजार से हल्दी, मिर्च, धनिया, जीरा आदि मसाले लाकर इनकी पैकिंग करवाने की शुरूआत करवाई। साथ ही गरम मसाला बनाना और बेसन बनाकर उसकी पैकिंग करने का काम भी शुरू करवाया। इसका नतीजा यह रहा कि महिलाओं के पैकिंग के मसाले और बेसन की मांग गांव में बढ़ने लगी। आसपास के गांव के लोग भी इन्हें खरीदने आने लगे।
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3.60 लाख के ऋण की स्वीकृति का भी इंतजार
नारी शक्ति स्वयं सहायता समूह संस्था की अध्यक्ष संगीता चौहान ने बताया कि अभी कई तरह की परेशानियों का भी सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीण आजीविका मिशन से 3.60 लाख का ऋण लेने के लिए फाइल तैयार करवाकर बैंक भिजवाई गई थी। लेकिन जनवरी से अब तक ऋण नहीं मिला। यह राशि नहीं मिलने से काम आगे नहीं बढ़ पा रहा है। इसके लिए लगातार मिशन और बैंक के चक्कर भी लगाने पड़ रहे हैं। यदि ऋण मिल जाए तो इस कार्य को बड़े स्तर पर चलाने के साथ और महिलाओं को जोड़ने में आसानी हो जाएगी।
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नारी शक्ति स्वयं सहायता समूह संस्था की ऋण संबंधित फाइल को तैयार कर संबंधित बैंक को भेजा जा चुका है। अब इस पर बैंक ही कार्रवाई करेगा। संस्था की मदद करने के लिए मिशन पूरी तरह से तैयार है। - सौरभ शाक्य, जिला प्रबंधक, ग्रामीण आजीविका मिशन