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स्कूल का पानी बच्चों के लिए जानलेवा
अमर उजाला, बुलंदशहर
Updated Wed, 03 Feb 2016 10:59 PM IST
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परिषदीय विद्यालयों का पानी पीने लायक नहीं है। जल निगम की रिपोर्ट तो कम से कम यही कह रही है। सुखलालपुर स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय के पानी में नाइट्रेट की मात्रा सामान्य से 61 मिग्रा. प्रति लीटर अधिक पाई गई है।
नाइट्रेट की अधिकता स्कूल के बच्चों की सेहत के लिए खतरनाक बताई गई है। इससे बच्चों के लीवर और किडनी खराब हो सकते हैं। डीएम ने सभी विद्यालयों में पेयजल की जांच का आदेश सीडीओ को दे दिया है।
परिषदीय विद्यालयों में सरकारी हैंडपंपों के द्वारा दूषित पेयजल की सप्लाई की शिकायत के बाद ग्राम्य विकास विभाग ने जहांगीराबाद के गांव टिटोटा में जूनियर हाईस्कूल के हैंडपंप से पानी का नमूना लिया।
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सिकंदराबाद के सुखलालपुर में भी जूनियर हाईस्कूल से पानी की सैंपलिंग की गई थी। सदर के गांव गंगेरवा में जूनियर हाईस्कूल से पानी का नमूना जांच को भेजा गया।
अरनिया खुर्द में प्राथमिक विद्यालय और यही श्रीराम के यहां से पानी का एक ओर नमूना भरा गया। इसके अलावा शिकारपुर देहात में खंड विकास कार्यालय में पानी की सैंपलिंग कराई गई।
सुखलाल परिषदीय विद्यालय के हैंडपंप का पानी बच्चों को पिलाने से फिलहाल रोक दिया है। जनपद के सभी स्कूलों में पेयजल की जांच कराई जाएगी। जहां जहां पानी दूषित होगा वहा हैंडपंपों को चिंहित कर पेयजल की वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी। - बी. चंद्रकला, डीएम, बुलंदशहर
पीने के पानी में यदि नाइट्रेट की मात्रा सामान्य से अधिक है तो शरीर में एसिड बनेगा। भोजन नहीं पचेगा। पेट फूल सकता है। उल्टियां आएंगी। आतों में बनने वाला एंजाइम कम या नहीं बनेगा। यदि ऐसे पानी को बच्चे पीते हैं तो लीवर और किडनी में खतरे की आशंका बढ़ जाएगी। - डा. दीपक ओहरी, सीएमओ
सुखलालपुर के उच्च प्राथमिक विद्यालय के पानी में नाइट्रेट की मात्रा 45 मिली लीटर के स्थान पर 61 मिलीलीटर पाई गई है। कई दूसरे स्कूलों के पानी की बी जांच कर रिपोर्ट जल्द सौंप दी जाएगी। -दिगपाल शर्मा, लैब टैक्निशियन, जन निगम
जल निगम की जांच में सुखलालपुर स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय से लिए गए पानी के सैंपल में नाइट्रेट तत्व की मात्रा 61 मिग्रा/प्रति लीटर पाई गई। पेयजल में नाइट्रेट की अधिकतम मात्रा 45 मिग्रा. प्रति लीटर चाहिए।
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नाइट्रेट की अधिकता स्कूल के बच्चों की सेहत के लिए खतरनाक बताई गई है। इससे बच्चों के लीवर और किडनी खराब हो सकते हैं। डीएम ने सभी विद्यालयों में पेयजल की जांच का आदेश सीडीओ को दे दिया है।
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परिषदीय विद्यालयों में सरकारी हैंडपंपों के द्वारा दूषित पेयजल की सप्लाई की शिकायत के बाद ग्राम्य विकास विभाग ने जहांगीराबाद के गांव टिटोटा में जूनियर हाईस्कूल के हैंडपंप से पानी का नमूना लिया।
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सिकंदराबाद के सुखलालपुर में भी जूनियर हाईस्कूल से पानी की सैंपलिंग की गई थी। सदर के गांव गंगेरवा में जूनियर हाईस्कूल से पानी का नमूना जांच को भेजा गया।
अरनिया खुर्द में प्राथमिक विद्यालय और यही श्रीराम के यहां से पानी का एक ओर नमूना भरा गया। इसके अलावा शिकारपुर देहात में खंड विकास कार्यालय में पानी की सैंपलिंग कराई गई।
सुखलाल परिषदीय विद्यालय के हैंडपंप का पानी बच्चों को पिलाने से फिलहाल रोक दिया है। जनपद के सभी स्कूलों में पेयजल की जांच कराई जाएगी। जहां जहां पानी दूषित होगा वहा हैंडपंपों को चिंहित कर पेयजल की वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी। - बी. चंद्रकला, डीएम, बुलंदशहर
पीने के पानी में यदि नाइट्रेट की मात्रा सामान्य से अधिक है तो शरीर में एसिड बनेगा। भोजन नहीं पचेगा। पेट फूल सकता है। उल्टियां आएंगी। आतों में बनने वाला एंजाइम कम या नहीं बनेगा। यदि ऐसे पानी को बच्चे पीते हैं तो लीवर और किडनी में खतरे की आशंका बढ़ जाएगी। - डा. दीपक ओहरी, सीएमओ
सुखलालपुर के उच्च प्राथमिक विद्यालय के पानी में नाइट्रेट की मात्रा 45 मिली लीटर के स्थान पर 61 मिलीलीटर पाई गई है। कई दूसरे स्कूलों के पानी की बी जांच कर रिपोर्ट जल्द सौंप दी जाएगी। -दिगपाल शर्मा, लैब टैक्निशियन, जन निगम
जल निगम की जांच में सुखलालपुर स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय से लिए गए पानी के सैंपल में नाइट्रेट तत्व की मात्रा 61 मिग्रा/प्रति लीटर पाई गई। पेयजल में नाइट्रेट की अधिकतम मात्रा 45 मिग्रा. प्रति लीटर चाहिए।