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50 स्कूली वाहनों का पंजीयन निलंबित
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50 स्कूली वाहनों का पंजीयन निलंबित
बुलंदशहर। बच्चों की सुरक्षा को लेकर जिले का सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (एआरटीओ) ने अब सख्ती बरतनी शुरू कर दी है। विभाग ने साफ कर दिया है कि 10 साल पुराने निजी स्कूली वाहन अब सड़कों पर नहीं दौड़ पाएंगे। एआरटीओ कार्यालय से 50 वाहनों के पंजीकरण को निलंबित कर दिया गया है। संबंधित वाहन स्वामी जल्द फिटनेस सर्टिफिकेट प्राप्त नहीं करते हैं तो उनका रजिस्ट्रेशन निरस्त कर दिया जाएगा। पंजीयन निलंबित किए गए वाहन संचालकों द्वारा पिछले आठ साल से फिटनेस नहीं कराई है।
गाजियाबाद में हुए स्कूली बस में हादसे के बाद अनफिट वाहनों के खिलाफ शासन और संभागीय परिवहन नींद से जागा। इसके बाद 23 अप्रैल से लगातार अनफिट स्कूली वाहनों पर कार्रवाई कर रहा है। साथ ही बिना फिटनेस सड़कों पर दौड़ लगा रहे वाहन संचालकों को फिटनेस कराने के लिए नोटिस भेजा गया। नोटिस मिलने के बाद भी 50 वाहन स्वामियों ने वाहनों की फिटनेस नहीं करवाई। इसलिए इनके खिलाफ परिवहन विभाग ने कार्रवाई करते हुए पंजीयन प्रमाणपत्र को मोटर वाहन अधिनियम 1988 की धारा 53 के तहत तीन माह के लिए निलंबित कर दिया है।
आठ साल से नहीं कराई फिटनेस
विभागीय अफसरों के अनुसार 2014 से 2019 के बीच 50 वाहनों की फिटनेस अवधि समाप्त हो गई। इसके बाद संबंधित वाहन स्वामियों ने फिटनेस प्रमाणपत्र प्राप्त नहीं किया। इसमें 2014 में छह वाहन, 2015 में 12 वाहन, 2016 में 10 वाहन, 2017 में सात वाहन, 2018 में 14 वाहन और 2019 में एक वाहन की फिटनेस नहीं हुई है। इसके बाद के वर्षों में भी इन वाहनों की फिटनेस नहीं करवाई गई। वहीं, विभागीय अफसरों द्वारा अनफिट वाहनों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। जिले में पिछले 15 दिन में 47 स्कूली वाहन सीज किए गए तो 107 स्कूली वाहनों का चालान काट चार लाख दो हजार रुपये का जुर्माना वसूला जा चुका है।
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बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए फिटनेस न कराने वाले 50 स्कूली वाहनों का तीन माह के लिए पंजीयन निलंबित कर दिया है। संबंधित वाहन सड़कों पर चलते मिले तो सीज करने की कार्रवाई की जाएगी। पंजीयन प्रमाण पत्र को मोटर वाहन अधिनियम 1988 की धारा 53 के तहत 3 माह के लिए निलंबित किया गया है। - मोहम्मद कय्यूम, एआरटीओ प्रशासन
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बुलंदशहर। बच्चों की सुरक्षा को लेकर जिले का सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (एआरटीओ) ने अब सख्ती बरतनी शुरू कर दी है। विभाग ने साफ कर दिया है कि 10 साल पुराने निजी स्कूली वाहन अब सड़कों पर नहीं दौड़ पाएंगे। एआरटीओ कार्यालय से 50 वाहनों के पंजीकरण को निलंबित कर दिया गया है। संबंधित वाहन स्वामी जल्द फिटनेस सर्टिफिकेट प्राप्त नहीं करते हैं तो उनका रजिस्ट्रेशन निरस्त कर दिया जाएगा। पंजीयन निलंबित किए गए वाहन संचालकों द्वारा पिछले आठ साल से फिटनेस नहीं कराई है।
गाजियाबाद में हुए स्कूली बस में हादसे के बाद अनफिट वाहनों के खिलाफ शासन और संभागीय परिवहन नींद से जागा। इसके बाद 23 अप्रैल से लगातार अनफिट स्कूली वाहनों पर कार्रवाई कर रहा है। साथ ही बिना फिटनेस सड़कों पर दौड़ लगा रहे वाहन संचालकों को फिटनेस कराने के लिए नोटिस भेजा गया। नोटिस मिलने के बाद भी 50 वाहन स्वामियों ने वाहनों की फिटनेस नहीं करवाई। इसलिए इनके खिलाफ परिवहन विभाग ने कार्रवाई करते हुए पंजीयन प्रमाणपत्र को मोटर वाहन अधिनियम 1988 की धारा 53 के तहत तीन माह के लिए निलंबित कर दिया है।
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आठ साल से नहीं कराई फिटनेस
विभागीय अफसरों के अनुसार 2014 से 2019 के बीच 50 वाहनों की फिटनेस अवधि समाप्त हो गई। इसके बाद संबंधित वाहन स्वामियों ने फिटनेस प्रमाणपत्र प्राप्त नहीं किया। इसमें 2014 में छह वाहन, 2015 में 12 वाहन, 2016 में 10 वाहन, 2017 में सात वाहन, 2018 में 14 वाहन और 2019 में एक वाहन की फिटनेस नहीं हुई है। इसके बाद के वर्षों में भी इन वाहनों की फिटनेस नहीं करवाई गई। वहीं, विभागीय अफसरों द्वारा अनफिट वाहनों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। जिले में पिछले 15 दिन में 47 स्कूली वाहन सीज किए गए तो 107 स्कूली वाहनों का चालान काट चार लाख दो हजार रुपये का जुर्माना वसूला जा चुका है।
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बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए फिटनेस न कराने वाले 50 स्कूली वाहनों का तीन माह के लिए पंजीयन निलंबित कर दिया है। संबंधित वाहन सड़कों पर चलते मिले तो सीज करने की कार्रवाई की जाएगी। पंजीयन प्रमाण पत्र को मोटर वाहन अधिनियम 1988 की धारा 53 के तहत 3 माह के लिए निलंबित किया गया है। - मोहम्मद कय्यूम, एआरटीओ प्रशासन