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करोड़ों का कारोबार ठप, शहर में बंद..देहात में खुले बाजार
अमर उजाला ब्यूरो, बुलंदशहर
Updated Mon, 04 Apr 2016 10:13 PM IST
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सर्राफ आंदोलन
- फोटो : अमर उजाला
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एक्साइज ड्यूटी के विरोध में प्रदेश बंद का जनपद में अच्छा खासा असर देखने को मिला। जिला मुख्यालय समेत कई नगरों में बाजार बंद रहे। हालांकि कुछ जगह बाजार खुले। बंद से जिले में करोड़ों का व्यापार प्रभावित हुआ है।
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सर्राफा व्यापार एसोसिएशन की 33 वें दिन जारी हड़ताल को विभिन्न व्यापार संगठनों ने सोमवार को अपना समर्थन दिया। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल, पश्चिमी उ.प्र. उद्योग व्यापार मंडल, उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार संगठन, उद्योग व्यापार मंडल, उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल, व्यापारी सुरक्षा फोरम, बार एसोसिएशन आदि ने अपना समर्थन दिया।
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सोमवार सुबह से ही व्यापारी नेता बंद को सफल बनाने के लिए सक्रिय हो गए। जो दुकानें खुली मिल रही थीं, उन्हें व्यापारी नेता बंद करा रहे थे। व्यापारियों ने हुकार भरी कि जब तक केंद्र सरकार काले कानून को वापस नहीं लेगी, तब तक सर्राफा व्यापारियों की हड़ताल जारी रहेगी।
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व्यापार संगठनों के अनुसार, सोमवार को हुए बंद से करीब दो से पांच अरब रुपये के नुकसान का आंकलन है। वहीं, बाजार बंद से पेट्रोल पंप, अस्पताल, पैथोलॉजी लैब, फुटकर मेडिकल स्टोर अलग रहे। थोक दवा दुकानों का बंद को समर्थन रहा।
सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा ज्ञापन
सभी व्यापार संगठनों ने सर्राफा व्यापारियों के समर्थन में सिटी मजिस्ट्रेट के माध्यम से प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजा। इस मौके पर व्यापारी नेता नरेन्द्र अग्रवाल, विकास शर्मा, प्रताप सिंह वर्मा, संजय अग्रवाल, अनिल देशभक्त, अंकुर अग्रवाल, अरुण वर्मा, कैलाश चंद्र गर्ग, चौधरी बिजेन्द्र सिंह, सुनील कुमार चीन, नीरज जिंदल, सुमित माहेश्वरी, दीपू गर्ग, अशोक वर्मा, अजय मौजूद रहे।
अधिवक्ताओं ने भी दिया समर्थन
सर्राफा व्यापारियों के समर्थन में हुए बंद का समर्थन अधिवक्ताओं ने भी किया। सिविल बार एसोसिएशन ने व्यापारियों के बंद का समर्थन किया। एसोसिएशन के सचिव सुमन राधव ने बताया कि प्रांतीय कार्यकारिणी के आह्वान पर बंद का समर्थन किया गया। केंद्र सरकार को एक्साइज ड्यूटी हटानी चाहिए।
गुलावठी में साथ नहीं आए दूसरे व्यापारी
सर्राफा व्यापारियों के समर्थन में अन्य बाजार बंद नहीं हुए। सर्राफा दुकानों को छोड़कर नगर में सभी दुकान खुली रही। मंडी में भी सामान्य दिनों की तरह कारोबार हुआ। व्यापारी नेता रमेश चंद जैन, राजीव गोयल, वेदप्रकाश जिंदल का कहना है कि सर्राफा व्यापारियों द्वारा उनसे बंद के लिए कोई संपर्क नहीं किया गया।
बुगरासी में कस्बे के स्वर्णकारों के अलावा अन्य सभी व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठानाें को रोज की तरह खोला। व्यापारियों का कहना है कि बाजार बंद की सूचना नहीं दी गई थी। हालांकि स्वर्णकारों के प्रतिष्ठान सोमवार को भी बंद रहे।
सिकंदराबाद में बंदी की घोषणा बेअसर
सिकंदराबाद में एक्साईज डयूटी के विरोध में अनिशचित हड़ताल कर रहे सर्राफ करोबारियों की बाजार बंदी की घोषणा बेअसर रही। नगर में आम दिनों की तरह बाजार में दुकाने खुली रही। रोज की तरह बाजारों में चहल पहल दिखाई दी। नगर में मुख्य बाजार, चौधरीवाड़ा, वैधवाड़ा, बाजार माधोदास,कबाड़ी बाजार, बड़ा बाजार में अधिकतर दुकाने खुली रही। बाजार में भी आम दिनों की तरह चहल पहल दिखाई दी।
वित्त मंत्री के पुतले की अंतिम यात्रा निकाली
एक्साइज ड्यूटी लगाने के विरोध में व्यापारियों ने वित्त मंत्री की अंतिम यात्रा निकालकर प्रदर्शन किया और अनूपशहर स्टैंड पर नेहरूजी की प्रतिमा के समक्ष वित्त मंत्री का पुतला फूंका। इस मौके पर नवनीत वर्मा, अंबरीश वर्मा, मनमोहन अग्रवाल, संजय गोपाल, प्रभात बंसल, अमित बंसल, आलोक बंसल, विजय वर्मा मौजूद रहे।
औरंगाबाद में बंद का आह्वान हुआ फ्लॉप
व्यापार मंडलों द्वारा बाजार बंद को किया गया आह्वान फ्लॉप साबित हुआ। यूपी उद्योग व्यापार मंडल और उद्योग व्यापार मंडल उत्तर प्रदेश के महज 8-10 कार्यकर्ता इकट्ठा हो सके। सुबह 10 बजे तक बंद का असर दिखा, इसके बाद धीरे-धीरे दुकान खुलती चली गईं।
व्यापारी नेता दुकान बंद कराने पहुंचे तो व्यापारियों ने दुकानें बंद करने से साफ इंकार कर दिया। पुरानी सब्जी मंडी में व्यापारी नेताओं की एक व्यापारी से दुकान बंद करने को लेकर जमकर झड़प हुई। अहमदगढ़ मेंकस्बे में अन्य दुकान तो छोड़िए सर्राफा व्यापारियों की दुकानें भी खुली नजर आईं।
कस्बे की सभी दुकानें सामान्य रूप से खुली हुई थी। न तो सर्राफा व्यापारियों का और न ही अन्य व्यापारियों का बंद को कोई समर्थन था।