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समधी के दांव से चित हुए समधी
अमर उजाला/बुलंदशहर
Updated Sat, 11 Mar 2017 10:48 PM IST
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अनिल कुमार
- फोटो : ब्यूरो
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कहते हैं कि राजनीति में रिश्तों की कोई जगह नहीं होती। यह कहावत शिकारपुर सीट पर सटीक बैठती है। यहां समधी को समधी से करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा। शिकारपुर विधानसभा सीट पर भाजपा के टिकट पर चुनाव जीते अनिल शर्मा और बसपा के टिकट पर चुनाव लड़े मुकुल उपाध्याय एक-दूसरे के समधी हैं।
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अनिल शर्मा के बेटे कुश की शादी 2014 में मुकुल उपाध्याय के बड़े भाई विनोद के बेटी के साथ हुई है। अनिल शर्मा 2012 का विधानसभा चुनाव बसपा के टिकट पर ही शिकारपुर से लड़े थे, लेकिन उन्हें सपा के मुकेश पंडित से शिकस्त का सामना करना पड़ा था।
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2014 में अनिल शर्मा के पार्टी छोड़ने के बाद बसपा ने शिकारपुर विधानसभा सीट पर मुकुल उपाध्याय को पार्टी का विधानसभा प्रभारी बनाया। मुकुल उपाध्याय 2012 का चुनाव डिबाई विधानसभा सीट से बसपा के टिकट पर लड़े थे, लेकिन उन्हें सपा विधायक गुड्डू पंडित से करारी शिकस्त झेलनी पड़ी थी।
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2017 के विधानसभा चुनाव में अनिल शर्मा और मुकुल उपाध्याय एक-दूसरे के खिलाफ ताल ठोक रहे थे, लेकिन सियासी पिच पर माहिर अनिल शर्मा ने अपने ही समधी मुकुल उपाध्याय को े चुनावी शिकस्त दी।