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आरटीई : इस बार चार नहीं पांच चरणों में हाेंगे ऑनलाइन आवेदन
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बुलंदशहर। शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत गरीब व जरूरतमंद बच्चों को निजी स्कूलों में पढ़ाई का मौका देने के लिए इस साल दिसंबर से पहले चरण की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। इस बार यह प्रक्रिया चार की जगह पांच चरणों की होगी। ई-लॉटरी के माध्यम से बच्चों का चयन किया जाएगा।
गरीब बच्चों को निजी स्कूलों में प्रवेश दिलाने के लिए निशुल्क व अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत निजी विद्यालयों में पहली कक्षा की 25 फीसदी सीटों पर गरीब परिवारों के बच्चों को प्रवेश दिलाया जाता है। इसके लिए सरकार निजी विद्यालयों को प्रतिपूर्ति के रूप में प्रति बच्चा निर्धारित रुपये हर माह देती है।
प्रतिवर्ष बेसिक शिक्षा विभाग गरीब परिवारों के बच्चों को आरटीई के तहत निजी विद्यालयों में प्रवेश दिलाता है। इससे अलग-अलग तिथियों में आवेदन और स्कूल आवंटन की प्रक्रिया की जाती है। इस बार यह प्रक्रिया एक दिसंबर से शुरू होगी। पहले यह प्रक्रिया चार चरणों में अपनाई जाती थी लेकिन इस बार पांच चरणों में हाेगी। पांचवें चरण में ऐसे बच्चों को स्कूल आवंटित किए जाएंगे जो दूसरे वार्डों या ग्राम पंचायतों के होंगे।
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बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. लक्ष्मीकांत पांडेय ने बताया कि आवेदन करने वाले बच्चों और उनके अभिभावकों के आधार कार्ड अनिवार्य किए गए हैं। एक दिसंबर से इस बार आवेदन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। निजी स्कूलों में प्रवेश पाने के लिए अभिभावकों को अपने बच्चों के सभी दस्तावेज तैयार कराने होंगे।
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गरीब बच्चों को निजी स्कूलों में प्रवेश दिलाने के लिए निशुल्क व अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत निजी विद्यालयों में पहली कक्षा की 25 फीसदी सीटों पर गरीब परिवारों के बच्चों को प्रवेश दिलाया जाता है। इसके लिए सरकार निजी विद्यालयों को प्रतिपूर्ति के रूप में प्रति बच्चा निर्धारित रुपये हर माह देती है।
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प्रतिवर्ष बेसिक शिक्षा विभाग गरीब परिवारों के बच्चों को आरटीई के तहत निजी विद्यालयों में प्रवेश दिलाता है। इससे अलग-अलग तिथियों में आवेदन और स्कूल आवंटन की प्रक्रिया की जाती है। इस बार यह प्रक्रिया एक दिसंबर से शुरू होगी। पहले यह प्रक्रिया चार चरणों में अपनाई जाती थी लेकिन इस बार पांच चरणों में हाेगी। पांचवें चरण में ऐसे बच्चों को स्कूल आवंटित किए जाएंगे जो दूसरे वार्डों या ग्राम पंचायतों के होंगे।
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बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. लक्ष्मीकांत पांडेय ने बताया कि आवेदन करने वाले बच्चों और उनके अभिभावकों के आधार कार्ड अनिवार्य किए गए हैं। एक दिसंबर से इस बार आवेदन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। निजी स्कूलों में प्रवेश पाने के लिए अभिभावकों को अपने बच्चों के सभी दस्तावेज तैयार कराने होंगे।