{"_id":"6273f537c70be84e50500d84","slug":"roads-bulandshahr-news-gbd2379395135","type":"story","status":"publish","title_hn":"जरा संभलकर चलें, सड़कों पर हैं जानलेवा गड्ढे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जरा संभलकर चलें, सड़कों पर हैं जानलेवा गड्ढे
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जरा संभलकर चलें, सड़कों पर हैं जानलेवा गड्ढे
बुलंदशहर। सड़कों पर जानलेवा गड्ढे हैं। संभलकर चलने में ही समझदारी है। चुनाव से पहले गड्ढे भरे गए थे, लेकिन फिर से हालात बदतर हो रहे हैं। मुख्य मार्गों के साथ गलियों के हालात भी खस्ता हैं। एक अनुमान के मुताबिक जिले में करीब 700 किलोमीटर सड़कें क्षतिग्रस्त हैं। सड़कों के गहरे गड्ढों की वजह से आए दिन दोपहिया वाहन सवार गिरकर चोटिल हो रहे हैं। हाल ही में औरंगाबाद-जहांगीराबाद मार्ग पर गड्ढे में बाइक गिरने से महिला की मौत हो गई थी। सिकंदराबाद, स्याना और पहासू क्षेत्र में भी राहगीरों की जान जा चुकी है।
गड्ढों से परेशान हैं 50 गांवों के लोग
गुलावठी का नवीन मंडी मार्ग कई वर्षों से क्षतिग्रस्त है। यहां बड़ी मंडी होने के कारण गुलावठी क्षेत्र के 50 गांव के अलावा आसपास के लोगों का भी आवागमन रहता है। इस समय गेहूं और सरसों की फसल लेकर किसान मंडी पहुंच रहे हैं। उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। भैंसा बुग्गी और घोड़ा तांगे वाले किसानों को ज्यादा दिक्कत हो रही है। पिछले दिनों कई बुग्गियां पलट चुकी हैं। किसान रोहताश सिंह तेवतिया, ब्रजपाल सिंह तेवतिया, वैभव वर्मा ने बताया कि कई बार सड़क निर्माण की मांग कर चुके हैं, लेकिन प्रशासन ने कोई सुनवाई नहीं की है।
24 हजार की आबादी का नहीं किसी को ख्याल
ऊंचागांव से पोटा बादशाहपुर मार्ग पूरी तरह क्षतिग्रस्त है। जगह-जगह गड्ढे हैं। यह सात किलोमीटर लंबा मार्ग है। क्षतिग्रस्त सड़क के कारण आए दिन लोग गिरकर घायल हो जाते हैं। इस मार्ग पर 12 से अधिक गांव हैं। इन गांवों में करीब 24 हजार लोग निवास करते हैं। साइकिल से आने जाने वाले लोग और छात्र-छात्राओं को ज्यादा दिक्कत होती है। अधिकतर लोग खरीदारी और उपचार कराने के लिए ऊंचागांव कस्बे में आते हैं।
विज्ञापन
इन विभागों को करना है काम
लोक निर्माण विभाग समेत सिंचाई विभाग, ग्राम्य विकास अभिकरण, जल निगम, नगर पालिका व पंचायत के साथ प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम सड़क योजना के तहत इन सड़कों का निर्माण हुआ है। इन पर हिचकोले खाते वाहन से यात्रियों को आने जाने में अतिरिक्त समय लग रहा है तो कई बार गड्ढों के कारण हादसे हो रहे हैं। मेरठ-बदायूं स्टेट हाईवे, बुगरासी क्षेत्र, स्याना क्षेत्र, अहार, अनूपशहर, सिकंदराबाद, गुलावठी समेत अन्य क्षेत्रों की सड़कों की हालत खस्ता है।
चुनाव से पहले भरे गड्ढे थोडे़े दिन में उखड़े
चुनाव से पहले लोक निर्माण विभाग ने गड्ढे भरवाए थे, लेकिन कुछ समय बाद ही गड्ढों में भरी सामग्री बिखर गई। वहां पर छोटे गड्ढों की जगह बड़े गड्ढे हो गए।
बोले लोग -
समस्या के समाधान के लिए जल्द से जल्द गड्ढे भरने की प्रक्रिया शुरू होनी चाहिए। - प्रिंस तेवतिया
गड्ढे नहीं भरे गए तो बारिश हालात और खराब हो जाएंगे। जल्द कार्य करने की जरूरत है। - मनू पंडित
विज्ञापन
बुलंदशहर। सड़कों पर जानलेवा गड्ढे हैं। संभलकर चलने में ही समझदारी है। चुनाव से पहले गड्ढे भरे गए थे, लेकिन फिर से हालात बदतर हो रहे हैं। मुख्य मार्गों के साथ गलियों के हालात भी खस्ता हैं। एक अनुमान के मुताबिक जिले में करीब 700 किलोमीटर सड़कें क्षतिग्रस्त हैं। सड़कों के गहरे गड्ढों की वजह से आए दिन दोपहिया वाहन सवार गिरकर चोटिल हो रहे हैं। हाल ही में औरंगाबाद-जहांगीराबाद मार्ग पर गड्ढे में बाइक गिरने से महिला की मौत हो गई थी। सिकंदराबाद, स्याना और पहासू क्षेत्र में भी राहगीरों की जान जा चुकी है।
गड्ढों से परेशान हैं 50 गांवों के लोग
गुलावठी का नवीन मंडी मार्ग कई वर्षों से क्षतिग्रस्त है। यहां बड़ी मंडी होने के कारण गुलावठी क्षेत्र के 50 गांव के अलावा आसपास के लोगों का भी आवागमन रहता है। इस समय गेहूं और सरसों की फसल लेकर किसान मंडी पहुंच रहे हैं। उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। भैंसा बुग्गी और घोड़ा तांगे वाले किसानों को ज्यादा दिक्कत हो रही है। पिछले दिनों कई बुग्गियां पलट चुकी हैं। किसान रोहताश सिंह तेवतिया, ब्रजपाल सिंह तेवतिया, वैभव वर्मा ने बताया कि कई बार सड़क निर्माण की मांग कर चुके हैं, लेकिन प्रशासन ने कोई सुनवाई नहीं की है।
विज्ञापन
24 हजार की आबादी का नहीं किसी को ख्याल
ऊंचागांव से पोटा बादशाहपुर मार्ग पूरी तरह क्षतिग्रस्त है। जगह-जगह गड्ढे हैं। यह सात किलोमीटर लंबा मार्ग है। क्षतिग्रस्त सड़क के कारण आए दिन लोग गिरकर घायल हो जाते हैं। इस मार्ग पर 12 से अधिक गांव हैं। इन गांवों में करीब 24 हजार लोग निवास करते हैं। साइकिल से आने जाने वाले लोग और छात्र-छात्राओं को ज्यादा दिक्कत होती है। अधिकतर लोग खरीदारी और उपचार कराने के लिए ऊंचागांव कस्बे में आते हैं।
विज्ञापन
इन विभागों को करना है काम
लोक निर्माण विभाग समेत सिंचाई विभाग, ग्राम्य विकास अभिकरण, जल निगम, नगर पालिका व पंचायत के साथ प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम सड़क योजना के तहत इन सड़कों का निर्माण हुआ है। इन पर हिचकोले खाते वाहन से यात्रियों को आने जाने में अतिरिक्त समय लग रहा है तो कई बार गड्ढों के कारण हादसे हो रहे हैं। मेरठ-बदायूं स्टेट हाईवे, बुगरासी क्षेत्र, स्याना क्षेत्र, अहार, अनूपशहर, सिकंदराबाद, गुलावठी समेत अन्य क्षेत्रों की सड़कों की हालत खस्ता है।
चुनाव से पहले भरे गड्ढे थोडे़े दिन में उखड़े
चुनाव से पहले लोक निर्माण विभाग ने गड्ढे भरवाए थे, लेकिन कुछ समय बाद ही गड्ढों में भरी सामग्री बिखर गई। वहां पर छोटे गड्ढों की जगह बड़े गड्ढे हो गए।
बोले लोग -
समस्या के समाधान के लिए जल्द से जल्द गड्ढे भरने की प्रक्रिया शुरू होनी चाहिए। - प्रिंस तेवतिया
गड्ढे नहीं भरे गए तो बारिश हालात और खराब हो जाएंगे। जल्द कार्य करने की जरूरत है। - मनू पंडित