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Bulandshahar News: 500 गांवों में 40 करोड़ से बनेंगी सड़क व नाली
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बुलंदशहर। जिले के 500 गांव के लोगों के लिए अच्छी खबर है। इन गांव में 40 करोड़ रुपये से जल्द ही सड़क और नाली निर्माण कराया जाएगा। साथ ही स्ट्रीट लाइटें लगाई जाएंगी। इससे लोगों को क्षतिग्रस्त सड़क और अंधेरे से निजात मिलेगी।
जिले में 946 ग्राम पंचायतों के अधीन 1170 राजस्व गांव हैं। इनमें से 500 से अधिक गांव ऐसे हैं, जहां की सड़के क्षतिग्रस्त हो गई हैं। गांव में बिजली आने के बाद भी अंधेरा रहता है। बरसात में लोगों को घरों से बाहर निकलने में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। अब इन लोगों को परेशानी नहीं झेलनी पड़ेगी। शासन ने गांव में सड़क निर्माण, नाली निर्माण और स्ट्रीट लाइट के लिए 40 करोड़ रुपये बजट जिला पंचायत को जारी किया है। जिला पंचायत सितंबर माह में टेंडर प्रक्रिया पूरी करेगा। अक्तूबर माह से निर्माण कार्य शुरू हो जाएंगे। गांव में पानी निकासी की समस्या भी दूर की जाएगी।
गांव के चौराहों व धार्मिक स्थलों पर लगाई जाएंगी तीन हजार हाईमास्क लाइटें
बुलंदशहर। जिले के ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाले लोगों के लिए एक अच्छी खबर है। जिला पंचायत उनके लिए एक अच्छी पहल करने जा रही है। इसके तहत गांव के चौराहों और धार्मिक स्थलों पर तीन हजार हाईमास्क लाइटें लगेंगी। लाइट खरीदने की अनुमति लेने के लिए जिला पंचायत की ओर से शासन को पत्र भी लिखा गया है।
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बुलंदशहर जिले में धार्मिक स्थलों की कमी नहीं है। जिले में कई ऐसे धार्मिक स्थल हैं, जो महाभारतकाल से भी जुड़े हैं। इनमें सबसे पहले नाम अहार में अवंतिका देवी मंदिर, इसी क्षेत्र में सिद्धेश्वर महादेव मंदिर के अलावा अनूपशहर, कर्णवास और नरौरा क्षेत्र स्थित गांव बैलोन में देवी मंदिर समेत अन्य धार्मिक स्थल शामिल हैं। इन धार्मिक स्थलों की पहचान और ख्याति तो दूर-दूर तक है, लेकिन इनके विकास और संरक्षण के लिए कोई खास प्रयास नहीं किए गए। पर्यटन की दृष्टि से भी इन प्रमुख स्थानों की अभी तक उपेक्षा ही होती आई है। हालांकि जिला प्रशासन की ओर से कई बार प्रयास किए गए। बावजूद इसके कोई सफलता नहीं मिल सकी। कुछ ही स्थानों पर कुछ जरूरी सुविधाएं हो सकी हैं। वहीं, गांव के प्रमुख चौराहों पर प्रकाश व्यवस्था न होने के कारण रात के समय अंधेरा रहता है। लेकिन अब जिला पंचायत की ओर से गांव के प्रमुख चौराहों और धार्मिक स्थलों पर प्रकाश व्यवस्था करने के लिए तीन हजार हाईमास्क लाइट लगाने की पहल की गई है। अधिकारियों ने बताया कि इसके लिए शासन से अनुमति लेने के लिए पत्र लिख दिया गया है।
जिला पंचायत ने 500 गांवों में सड़क व नाली बनाने की तैयारी पूरी हो चुकी है। टेंडर प्रक्रिया पूरी होते ही काम शुरू करा दिया जाएगा। वहीं, दूसरी ओर गांव के चौराहों व धार्मिक स्थलों पर हाईमास्क लाइट लगाने की मंजूरी मिलने का इंतजार है। - धर्मजीत त्रिपाठी, अपर मुख्य अधिकारी, जिला पंचायत
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जिले में 946 ग्राम पंचायतों के अधीन 1170 राजस्व गांव हैं। इनमें से 500 से अधिक गांव ऐसे हैं, जहां की सड़के क्षतिग्रस्त हो गई हैं। गांव में बिजली आने के बाद भी अंधेरा रहता है। बरसात में लोगों को घरों से बाहर निकलने में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। अब इन लोगों को परेशानी नहीं झेलनी पड़ेगी। शासन ने गांव में सड़क निर्माण, नाली निर्माण और स्ट्रीट लाइट के लिए 40 करोड़ रुपये बजट जिला पंचायत को जारी किया है। जिला पंचायत सितंबर माह में टेंडर प्रक्रिया पूरी करेगा। अक्तूबर माह से निर्माण कार्य शुरू हो जाएंगे। गांव में पानी निकासी की समस्या भी दूर की जाएगी।
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गांव के चौराहों व धार्मिक स्थलों पर लगाई जाएंगी तीन हजार हाईमास्क लाइटें
बुलंदशहर। जिले के ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाले लोगों के लिए एक अच्छी खबर है। जिला पंचायत उनके लिए एक अच्छी पहल करने जा रही है। इसके तहत गांव के चौराहों और धार्मिक स्थलों पर तीन हजार हाईमास्क लाइटें लगेंगी। लाइट खरीदने की अनुमति लेने के लिए जिला पंचायत की ओर से शासन को पत्र भी लिखा गया है।
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बुलंदशहर जिले में धार्मिक स्थलों की कमी नहीं है। जिले में कई ऐसे धार्मिक स्थल हैं, जो महाभारतकाल से भी जुड़े हैं। इनमें सबसे पहले नाम अहार में अवंतिका देवी मंदिर, इसी क्षेत्र में सिद्धेश्वर महादेव मंदिर के अलावा अनूपशहर, कर्णवास और नरौरा क्षेत्र स्थित गांव बैलोन में देवी मंदिर समेत अन्य धार्मिक स्थल शामिल हैं। इन धार्मिक स्थलों की पहचान और ख्याति तो दूर-दूर तक है, लेकिन इनके विकास और संरक्षण के लिए कोई खास प्रयास नहीं किए गए। पर्यटन की दृष्टि से भी इन प्रमुख स्थानों की अभी तक उपेक्षा ही होती आई है। हालांकि जिला प्रशासन की ओर से कई बार प्रयास किए गए। बावजूद इसके कोई सफलता नहीं मिल सकी। कुछ ही स्थानों पर कुछ जरूरी सुविधाएं हो सकी हैं। वहीं, गांव के प्रमुख चौराहों पर प्रकाश व्यवस्था न होने के कारण रात के समय अंधेरा रहता है। लेकिन अब जिला पंचायत की ओर से गांव के प्रमुख चौराहों और धार्मिक स्थलों पर प्रकाश व्यवस्था करने के लिए तीन हजार हाईमास्क लाइट लगाने की पहल की गई है। अधिकारियों ने बताया कि इसके लिए शासन से अनुमति लेने के लिए पत्र लिख दिया गया है।
जिला पंचायत ने 500 गांवों में सड़क व नाली बनाने की तैयारी पूरी हो चुकी है। टेंडर प्रक्रिया पूरी होते ही काम शुरू करा दिया जाएगा। वहीं, दूसरी ओर गांव के चौराहों व धार्मिक स्थलों पर हाईमास्क लाइट लगाने की मंजूरी मिलने का इंतजार है। - धर्मजीत त्रिपाठी, अपर मुख्य अधिकारी, जिला पंचायत