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मना किया था मत जा हरेंद्र... वो नहीं माना

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Tue, 24 May 2022 10:18 PM IST
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road accident
मना किया था मत जा हरेंद्र... वो नहीं माना
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बुलंदशहर। मासूम वंश और हार्दिक का शव घर पहुंचते ही दादी लिपटकर बिलखने लगी। कहने लगी कि मना किया था.. मत जा हरेंद्र, मेरा मन नहीं कर रहा है लेकिन वह नहीं माना। कहने लगा, बाबा ने बुलाया है। परिवार के साथ दर्शन कर जल्द ही वापस लौट आऊंगा। हादसे में हरेंद्र के दो मासूम बेटों, चचेरी बहन, एक दोस्त और एक साले की मौत हुई है।
हरेंद्र ने कुछ समय पहले ही परिवार, दोस्त और रिश्तेदारों के साथ केदारनाथ-बद्रीनाथ जाने की योजना बनाई थी। हरेंद्र के पिता और चाचा की पहले ही मौत हो चुकी है। डर से मां ने यात्रा पर जाने से मना किया था लेकिन वह नहीं माना। सोमवार को यात्रा पर जाने के लिए उसने काहिरा गांव निवासी जसवंत की स्कॉर्पियो किराये पर ली। देर शाम को हरेंद्र कार से पत्नी रिंकी, पुत्र हार्दिक माहौर और वंश माहौर, चचेरी बहन शालू, बहन बेबी और दोस्त दीपांशू के साथ शिकोहाबाद अपनी ससुराल गया। जहां से उसने साले पारस, साली सिंकी और दामिनी को साथ लिया। इसके बाद यह लोग वापस तड़के करीब साढ़े तीन बजे बुलंदशहर पहुंचे। कार से दो बैग निकालकर घर पर रखा। सुबह करीब चार बजे सभी लोग कार में बैठे और भोलेनाथ के जयकारे लगाते हुए यात्रा पर निकल गए। घर से दस किलोमीटर दूर ही मेरठ हाईवे पर हादसे का शिकार हो गए। हादसे ने हंसते-खेलते परिवारों को उजाड़ दिया। हरेंद्र के दो मासूम बेटों और चचेरी बहन की जान चली गई, साले पारस की मौत से ससुराल में भी कोहराम मचा हुआ है। पारस तीन बहनों में इकलौता भाई था। सोमवार दोपहर को उसके परिजन पोस्टमार्टम के बाद शव को अपने साथ शिकोहाबाद ले गए। हरेंद्र के दोस्त दीपांशू की मौत के बाद उसके परिजनों का भी रो-रो कर बुरा हाल है।
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चालक बोला एक घंटे सो लूं, फिर चलते हैं
बताया जा रहा है कि सुबह हरेंद्र के घर से चलने से पूर्व चालक ने कहा था कि रातभर चलने के कारण अभी उसे नींद आ रही है। एक घंटे सोने के बाद आगे की यात्रा पर निकलते हैं लेकिन कार में बैठे लोगों ने कहा कि हापुड़ या कहीं और चलकर कुछ देर आराम करेंगे। आशंका जताई जा रही है कि चालक को झपकी लगने से ही हादसा हुआ है। हालांकि पुलिस अभी जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होने की बात कह रही है।
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बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हुई कार
कार की कंडक्टर साइड का पूरा हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका है। हादसे के बाद कार के अंदर शव क्षत-विक्षत हालत में पड़े हुए थे। एक मासूम का शव कार से निकलकर सड़क पर पड़ा हुआ था। हाईवे से गुजर रहे जिन लोगों ने भी इस दृश्य को देखा वह सिहर उठे।

हादसे का कारण जानने के लिए कार चालक जसवंत व अन्य घायलों से पूछताछ की जाएगी। अभी सभी घायल बदहवास हालत में हैं। होश में आने पर ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। - संतोष कुमार सिंह, एसएसपी
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