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रालोद की चुनावी नैया में सबसे ज्यादा बागी सवार
अमर उजाला/बुलंदशहर
Updated Sat, 21 Jan 2017 11:31 PM IST
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गुड्डू पंडित
- फोटो : ब्यूरो
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चुनावी रण में उतरने के लिए रालोद को बागियों का सहारा मिल गया है। रालोद ने जिले की पांच सीटों बुलंदशहर, सिकंदराबाद, स्याना, शिकारपुर और अनूपशहर पर अपने उम्मीदवार तय कर दिए हैं। ये सभी कांग्रेस, भाजपा, सपा से मात खाए प्रत्याशी हैं। ये बात और है कि पार्टी ने अब तक खुर्जा और डिबाई विधानसभा सीट पर अभी प्रत्याशी की घोषणा नहीं की है।
भाजपा और सपा से बगावत कर पार्टी में आए नेताओं को रालोद मुखिया का आशीर्वाद मिल गया है। पार्टी ने जिले की पांच विधानसभा सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा कर दी। सभी सीटों पर बागी नेताओं को प्रत्याशी बनाया गया है। बुलंदशहर सीट पर सपा से निष्कासित विधायक गुड्डू पंडित को प्रत्याशी बनाया गया है। उनके भाई मुकेश पंडित को शिकारपुर विधानसभा से रालोद का उम्मीदवार बनाया है।
अनूपशहर विधानसभा सीट पर भाजपा के पूर्व विधायक होशियार सिंह को रालोद का प्रत्याशी बनाया गया है। इसके अलावा स्याना सीट पर सपा को छोड़कर आए ठाकुर सुनील सिंह को प्रत्याशी बनाया गया है। सिकंदराबाद सीट पर पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष और वर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष हरेंद्र यादव की पत्नी आशा यादव को उम्मीदवार बनाया गया है।
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बाकी दो सीटों पर पार्टी ने किसी को प्रत्याशी घोषित नहीं किया है। हालांकि खुर्जा सीट पर बसपा के पूर्व प्रत्याशी रहे मनोज गौतम रालोद में शामिल हो चुके हैं। बागियों की लंबी फेहरिस्त और रालोद के साथ बड़ी वजह एकमुश्त जाट वोटर बताए जा रहे हैं।
जिनके सहारे इन बागियों को उम्मीद है कि उनकी चुनावी नैया वैतरणी पार कर जाएगी, लेकिन खुर्जा एकमात्र ऐसी सीट है जहां बसपा के पूर्व प्रत्याशी मनोज गौतम का टिकट अब तक साफ नहीं हो पाया। इसकी वजह यहां रालोद के एक पुराने नेता का भी मजबूत दावा है।
बागियों के रालोद में जाने की एक बड़ी वजह यह भी है कि पिछले एक दशक से पर्याप्त जनाधार के बावजूद पार्टी अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रही है। इस बार पूरी उम्मीद है कि अजित सिंह की परंपरागत राजनीति और जयंत की हाइटेक सोच इलाके में जाट वोटरों को लुभाने के साथ अल्पसंख्यकों के लिए भाजपा का विकल्प भी बन सकती है।
पूर्व विधायक रालोद में हुए शामिल
अनूपशहर विधानसभा से दो बार विधायक रहे होशियार सिंह ने शनिवार देर शाम रालोद का दामन थाम लिया। उन्हें पार्टी नेता जयंत चौधरी ने सदस्यता ग्रहण कराई। होशियार सिंह ने रालोद का दामन थामने के बाद भाजपा पर धोखा देने का आरोप लगाया। वहीं भाजपा नगर अध्यक्ष रामपाल लोधी ने कहा कि वह पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी के साथ हैं। पार्टी प्रत्याशी को पूरी मजबूती के साथ चुनाव लड़ाया जाएगा। रामपाल सिंह ने कहा कि पार्टी बड़ी होती है, व्यक्ति नहीं। पार्टी के साथ पूरी निष्ठा से जुड़े रहेंगे।
हापुड़ से चुनाव लड़ेंगी अंजू मुस्कान
बुलंदशहर लोकसभा सीट पर सांसद का चुनाव लड़ चुकी अंजू मुस्कान को हापुड़ विधानसभा से उम्मीदवार बनाया गया है। अंजू मुस्कान 2014 में बुलंदशहर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ी थीं। वह कांग्रेस-रालोद की संयुक्त प्रत्याशी थी। हालांकि चुनाव में उन्हें करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा था।
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भाजपा और सपा से बगावत कर पार्टी में आए नेताओं को रालोद मुखिया का आशीर्वाद मिल गया है। पार्टी ने जिले की पांच विधानसभा सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा कर दी। सभी सीटों पर बागी नेताओं को प्रत्याशी बनाया गया है। बुलंदशहर सीट पर सपा से निष्कासित विधायक गुड्डू पंडित को प्रत्याशी बनाया गया है। उनके भाई मुकेश पंडित को शिकारपुर विधानसभा से रालोद का उम्मीदवार बनाया है।
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अनूपशहर विधानसभा सीट पर भाजपा के पूर्व विधायक होशियार सिंह को रालोद का प्रत्याशी बनाया गया है। इसके अलावा स्याना सीट पर सपा को छोड़कर आए ठाकुर सुनील सिंह को प्रत्याशी बनाया गया है। सिकंदराबाद सीट पर पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष और वर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष हरेंद्र यादव की पत्नी आशा यादव को उम्मीदवार बनाया गया है।
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बाकी दो सीटों पर पार्टी ने किसी को प्रत्याशी घोषित नहीं किया है। हालांकि खुर्जा सीट पर बसपा के पूर्व प्रत्याशी रहे मनोज गौतम रालोद में शामिल हो चुके हैं। बागियों की लंबी फेहरिस्त और रालोद के साथ बड़ी वजह एकमुश्त जाट वोटर बताए जा रहे हैं।
जिनके सहारे इन बागियों को उम्मीद है कि उनकी चुनावी नैया वैतरणी पार कर जाएगी, लेकिन खुर्जा एकमात्र ऐसी सीट है जहां बसपा के पूर्व प्रत्याशी मनोज गौतम का टिकट अब तक साफ नहीं हो पाया। इसकी वजह यहां रालोद के एक पुराने नेता का भी मजबूत दावा है।
बागियों के रालोद में जाने की एक बड़ी वजह यह भी है कि पिछले एक दशक से पर्याप्त जनाधार के बावजूद पार्टी अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रही है। इस बार पूरी उम्मीद है कि अजित सिंह की परंपरागत राजनीति और जयंत की हाइटेक सोच इलाके में जाट वोटरों को लुभाने के साथ अल्पसंख्यकों के लिए भाजपा का विकल्प भी बन सकती है।
पूर्व विधायक रालोद में हुए शामिल
अनूपशहर विधानसभा से दो बार विधायक रहे होशियार सिंह ने शनिवार देर शाम रालोद का दामन थाम लिया। उन्हें पार्टी नेता जयंत चौधरी ने सदस्यता ग्रहण कराई। होशियार सिंह ने रालोद का दामन थामने के बाद भाजपा पर धोखा देने का आरोप लगाया। वहीं भाजपा नगर अध्यक्ष रामपाल लोधी ने कहा कि वह पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी के साथ हैं। पार्टी प्रत्याशी को पूरी मजबूती के साथ चुनाव लड़ाया जाएगा। रामपाल सिंह ने कहा कि पार्टी बड़ी होती है, व्यक्ति नहीं। पार्टी के साथ पूरी निष्ठा से जुड़े रहेंगे।
हापुड़ से चुनाव लड़ेंगी अंजू मुस्कान
बुलंदशहर लोकसभा सीट पर सांसद का चुनाव लड़ चुकी अंजू मुस्कान को हापुड़ विधानसभा से उम्मीदवार बनाया गया है। अंजू मुस्कान 2014 में बुलंदशहर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ी थीं। वह कांग्रेस-रालोद की संयुक्त प्रत्याशी थी। हालांकि चुनाव में उन्हें करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा था।