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सिस्टम से हार रहा पाक से जंग जीतने वाला फौजी

Sat, 27 Feb 2021 04:36 PM IST
गाजियाबाद ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो,बुलंदशहर
अमर उजाला ब्यूरो,बुलंदशहर Published by: गाजियाबाद ब्यूरो Updated Sat, 27 Feb 2021 04:36 PM IST
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retired army man seek for justice
सेवा निवृत नबाब सिंह। - फोटो : BULANDSHAHR

जहांगीराबाद थाना क्षेत्र के गांव रौंडा निवासी नवाब सिंह पुत्र होशियार सिंह ने एक बार फिर अफसरों को शिकायती पत्र भेजा है। जिसमें उन्होंने बताया कि वह सेना से सेवानिवृत्त हैं। वर्ष 1971 में उन्होंने पाकिस्तान के साथ हुए युद्ध में भी लोहा लिया था और दुश्मन की गोली अपने सीने पर खाकर देश की सेवा की थी। उन्होंने बताया कि सेना से सेवानिवृत्त होने के बाद वह अपने गांव में ही रहकर खेतीबाड़ी करने लगे। उनका पुत्र भी अब सेना में देश सेवा कर रहा है। गांव में उनकी जमीन पर दबंगों ने अवैध रुप से कब्जा कर लिया है।

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आरोपियों ने चकरोड को अपने खेत में मिला लिया है और पीड़ित के खेत से चकरोड निकाल दी है। जिससे उनके खेत का काफी रकबा कम हो गया है। इस संबंध में उन्होंने पूर्व में कई बार डीएम-एसएसपी से शिकायत की थी। जिसके बाद उनकी शिकायत पर एक बार डीएम और एसएसपी ने आदेश भी कर दिए कि संबंधित थाना और तहसील प्रशासन उनकी जमीन से अवैध कब्जे को मुक्त कराए। लेकिन, इसके बावजूद सिस्टम की लापरवाही और ढुलमुल रवैये के कारण उनकी जमीन को अभी तक कब्जा मुक्त नहीं कराया गया है। पीड़ित ने एक बार फिर एसएसपी और डीएम से गुहार लगाई है। लेकिन, इस बार भी नतीजा सिफर ही नजर आ रहा है।
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कर्नल ने उत्पीड़न की शिकायत की थी एसएसपी से
बीते दिनों सेना के एक कर्नल ने बुलंदशहर एसएसपी को पत्र भेजा था। जिसमें उन्होंने रिटायर्ड जवान नवाब सिंह के उत्पीड़न की बात कही थी। साथ ही मामले में निष्पक्ष जांच करा कर कार्रवाई के लिए कहा था। इसके बावजूद वृद्ध रिटायर्ड जवान को कोई मदद नहीं मिल सकी है।
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वीरता पुरस्कार से किया गया था सम्मानित
रिटायर्ड जवान नवाब सिंह ने बताया कि पाकिस्तान से हुए युद्ध में जीत के बाद भारत सरकार ने उन्हें वीरता चक्र से सम्मानित किया था लेकिन आज के युग में उस सम्मान के भी कोई मायने नहीं रह गए हैं, कोई उनकी सुनने को तैयार ही नहीं है।

मामले में तहसील प्रशासन के साथ स्थानीय पुलिस को भेजने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। मामले को गंभीरता से लेकर कार्रवाई करने के भी संबंधित थाने को निर्देश दिए गए हैं। - संतोष कुमार सिंह, एसएसपी

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