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किशोरी से दुष्कर्म मामले में दोषी को 22 साल कारावास
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जिला एवं सत्र न्यायालय।
- फोटो : BULANDSHAHR
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किशोरी से दुष्कर्म मामले में दोषी को 22 साल कारावास
बुलंदशहर। दसवीं की छात्रा (15) को अगवा कर दुष्कर्म के मामले में पॉक्सो कोर्ट के विशेष न्यायाधीश गुलाम मुस्तफा ने अभियुक्त को 22 साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर 20 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। कोर्ट ने गवाहों और दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद सजा के प्रश्न पर आदेश दिया।
विशेष लोक अभियोजक पॉक्सो महेश कुमार सिंह राघव और धर्मेंद्र राघव ने बताया कि बीबीनगर थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति ने 30 जून 2019 को तहरीर दी थी। उसने बताया था कि देर रात करीब साढ़े दस बजे उसने अपनी पोती से पीने के लिए पानी मांगा। पोती उन्हें पानी देकर चली गई। आरोप है कि रात करीब 11 बजे उनके घर के पिछले दरवाजे की कुंडी बजी तो उनकी पोती ने ही दरवाजा खोला। देखा कि गांव निवासी युवक विनोद पुत्र रामपाल सिंह था। विनोद ने पोती के सिर पर तमंचा रख कर उसे आतंकित किया और अगवा कर एक खेत में ले जाकर दुष्कर्म किया। साथ ही पोती को धमकी दी कि यदि किसी को बताया तो वह उसे जान से मार देगा। पुलिस ने तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी थी।
26 माह बाद मिला न्याय
पीड़िता को न्यायालय से करीब 26 माह के इंतजार के बाद न्याय मिला है। वारदात 22 जून 2019 की है। वहीं, फैसला आने के बाद से परिजनों में मायूसी है। उनका कहना है कि वह आरोपी को और कड़ी सजा मिलने की आस लगाए हुए थे।
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यह गवाह हुए पेश
विशेष लोक अभियोजक पॉक्सो अधिनियम महेश कुमार सिंह राघव और धर्मेंद्र राघव की ओर से मामले में कुल सात गवाह पेश किए गए। पहला गवाह वादी, दूसरा गवाह पीड़िता, तीसरा गवाह महिला कांस्टेबल डिंपल सिंह, चौथा गवाह वादिया का रिश्तेदार, पांचवां गवाह अरुण कुमार सिंह, प्रधानाचार्य, छठवां गवाह डॉ. सुधा शर्मा और सातवां गवाह विवेचक उपनिरीक्षक प्रताप सिंह को पेश किया गया। इसके अलावा मामले में 12 प्रपत्रीय साक्ष्य पेश किए गए।
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बुलंदशहर। दसवीं की छात्रा (15) को अगवा कर दुष्कर्म के मामले में पॉक्सो कोर्ट के विशेष न्यायाधीश गुलाम मुस्तफा ने अभियुक्त को 22 साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर 20 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। कोर्ट ने गवाहों और दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद सजा के प्रश्न पर आदेश दिया।
विशेष लोक अभियोजक पॉक्सो महेश कुमार सिंह राघव और धर्मेंद्र राघव ने बताया कि बीबीनगर थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति ने 30 जून 2019 को तहरीर दी थी। उसने बताया था कि देर रात करीब साढ़े दस बजे उसने अपनी पोती से पीने के लिए पानी मांगा। पोती उन्हें पानी देकर चली गई। आरोप है कि रात करीब 11 बजे उनके घर के पिछले दरवाजे की कुंडी बजी तो उनकी पोती ने ही दरवाजा खोला। देखा कि गांव निवासी युवक विनोद पुत्र रामपाल सिंह था। विनोद ने पोती के सिर पर तमंचा रख कर उसे आतंकित किया और अगवा कर एक खेत में ले जाकर दुष्कर्म किया। साथ ही पोती को धमकी दी कि यदि किसी को बताया तो वह उसे जान से मार देगा। पुलिस ने तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी थी।
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26 माह बाद मिला न्याय
पीड़िता को न्यायालय से करीब 26 माह के इंतजार के बाद न्याय मिला है। वारदात 22 जून 2019 की है। वहीं, फैसला आने के बाद से परिजनों में मायूसी है। उनका कहना है कि वह आरोपी को और कड़ी सजा मिलने की आस लगाए हुए थे।
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यह गवाह हुए पेश
विशेष लोक अभियोजक पॉक्सो अधिनियम महेश कुमार सिंह राघव और धर्मेंद्र राघव की ओर से मामले में कुल सात गवाह पेश किए गए। पहला गवाह वादी, दूसरा गवाह पीड़िता, तीसरा गवाह महिला कांस्टेबल डिंपल सिंह, चौथा गवाह वादिया का रिश्तेदार, पांचवां गवाह अरुण कुमार सिंह, प्रधानाचार्य, छठवां गवाह डॉ. सुधा शर्मा और सातवां गवाह विवेचक उपनिरीक्षक प्रताप सिंह को पेश किया गया। इसके अलावा मामले में 12 प्रपत्रीय साक्ष्य पेश किए गए।