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सीजेएम और सीनियर डिवीजन सिविल कोर्ट का बहिष्कार, धरना आज से
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सीजेएम और सीनियर डिवीजन सिविल कोर्ट का बहिष्कार, धरना आज से
बुलंदशहर। डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन और सिविल बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने बृहस्पतिवार को सिविल बार एसोसिएशन के सभागार में संयुक्त बैठक आयोजित की। बैठक में पदाधिकारियों व अधिवक्ताओं ने सीजेएम और सीनियर डिवीजन सिविल कोर्ट में फैले भ्रष्टाचार के खिलाफ अनिश्चितकालीन बहिष्कार और कोर्ट के बाद धरना देने का ऐलान किया है। उन्होंने अन्य न्यायालयों में कार्य जारी रखने की बात कही है।
डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सुमन कुमार सिंह राघव और सिविल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष ठाकुर दिनेश सिंह ने बताया कि बृहस्पतिवार को दोनों बार की संयुक्त बैठक सिविल बार के सभागार में आयोजित की गई। दोनों पदाधिकारियों ने बताया कि सीजेएम न्यायालय और सीनियर डिवीजन सिविल न्यायालय का अधिवक्ता अनिश्चितकाल के लिए बहिष्कार करेंगे। जब तक कि इन न्यायालयों से भ्रष्टाचार को पूरी तरह से खत्म नहीं कर दिया जाता है, तब तक लड़ाई जारी रहेगी। इन न्यायालयों के न्यायिक अधिकारियों का स्थानांतरण होने तक विरोध जारी रहेगा। बहिष्कार के अलावा अधिवक्ता इन दो न्यायालयों के बाहर धरने पर भी बैठेंगे। जबकि, अन्य न्यायालयों में कार्य विधिवत रहेगा। बैठक में सिविल बार के महासचिव गौरव माहेश्वरी, डिस्ट्रिक्ट बार के महासचिव जितेंद्र कुमार लोधी, एडवोकेट चौधरी दिनेश सिंह, विजय कुमार, कपिल मोहन, गौरव सिंह समेत सैकड़ों अधिवक्ता मौजूद रहे।
संयुक्त बार एसोसिएशन ने किया विचार का अनुरोध
संयुक्त बार एसोसिएशन से जुड़े अधिवक्ताओं ने बैठक की। जिसमें उन्होंने दो न्यायालयों के बहिष्कार के निर्णय को एकतरफा और व्यक्तिगत द्वेष की भावना से लेना करार दिया। बैठक में कहा कि 30 अगस्त को हुई संयुक्त बैठक में सिर्फ दो न्यायालयों के बहिष्कार का निर्णय लिया गया, जबकि अन्य मामले भी बैठक में रखे गए थे। ऐसे में इस निर्णय को मानना उचित नहीं है। इसके साथ अधिवक्ताओं ने डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन और सिविल बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों से अनुरोध किया है कि बहिष्कार के निर्णय पर पुन: विचार कर संयुक्त सभा बुलाकर उचित बिंदुओं पर पुन: प्रस्ताव लाया जाए।
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बुलंदशहर। डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन और सिविल बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने बृहस्पतिवार को सिविल बार एसोसिएशन के सभागार में संयुक्त बैठक आयोजित की। बैठक में पदाधिकारियों व अधिवक्ताओं ने सीजेएम और सीनियर डिवीजन सिविल कोर्ट में फैले भ्रष्टाचार के खिलाफ अनिश्चितकालीन बहिष्कार और कोर्ट के बाद धरना देने का ऐलान किया है। उन्होंने अन्य न्यायालयों में कार्य जारी रखने की बात कही है।
डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सुमन कुमार सिंह राघव और सिविल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष ठाकुर दिनेश सिंह ने बताया कि बृहस्पतिवार को दोनों बार की संयुक्त बैठक सिविल बार के सभागार में आयोजित की गई। दोनों पदाधिकारियों ने बताया कि सीजेएम न्यायालय और सीनियर डिवीजन सिविल न्यायालय का अधिवक्ता अनिश्चितकाल के लिए बहिष्कार करेंगे। जब तक कि इन न्यायालयों से भ्रष्टाचार को पूरी तरह से खत्म नहीं कर दिया जाता है, तब तक लड़ाई जारी रहेगी। इन न्यायालयों के न्यायिक अधिकारियों का स्थानांतरण होने तक विरोध जारी रहेगा। बहिष्कार के अलावा अधिवक्ता इन दो न्यायालयों के बाहर धरने पर भी बैठेंगे। जबकि, अन्य न्यायालयों में कार्य विधिवत रहेगा। बैठक में सिविल बार के महासचिव गौरव माहेश्वरी, डिस्ट्रिक्ट बार के महासचिव जितेंद्र कुमार लोधी, एडवोकेट चौधरी दिनेश सिंह, विजय कुमार, कपिल मोहन, गौरव सिंह समेत सैकड़ों अधिवक्ता मौजूद रहे।
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संयुक्त बार एसोसिएशन ने किया विचार का अनुरोध
संयुक्त बार एसोसिएशन से जुड़े अधिवक्ताओं ने बैठक की। जिसमें उन्होंने दो न्यायालयों के बहिष्कार के निर्णय को एकतरफा और व्यक्तिगत द्वेष की भावना से लेना करार दिया। बैठक में कहा कि 30 अगस्त को हुई संयुक्त बैठक में सिर्फ दो न्यायालयों के बहिष्कार का निर्णय लिया गया, जबकि अन्य मामले भी बैठक में रखे गए थे। ऐसे में इस निर्णय को मानना उचित नहीं है। इसके साथ अधिवक्ताओं ने डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन और सिविल बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों से अनुरोध किया है कि बहिष्कार के निर्णय पर पुन: विचार कर संयुक्त सभा बुलाकर उचित बिंदुओं पर पुन: प्रस्ताव लाया जाए।
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