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समय से पहले क्रय केंद्रोें पर बंद हुई खरीद
ब्यूरो/अमर उजाला, बुलंदशहर
Updated Fri, 27 May 2016 10:44 PM IST
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गेहूं
- फोटो : अमर उजाला
जनपद में गेहूं खरीद निर्धारित समय से एक माह पूर्व बंद हो गई है। दरअसल, 15 जून तक विपणन विभाग को 1.53 लाख एमटी गेहूं की खरीद करनी थी, मगर विभाग ने अभी तक मात्र 23,650 एमटी गेहूं खरीद सका है।
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खास बात यह है कि 20 मई से क्रय केंद्रों पर गेहूं खरीद बंद है। वहीं, समर्थन मूल्य से अधिक रेट मिलने पर अनाज मंडियों में गेहूं की आवक जारी है। जनपद में एक अप्रैल से 93 क्रय केंद्रों पर गेहूं की खरीद शुरू हुई थी। 18 मई तक केंद्रों पर 23,650 मीट्रिक टन गेहूं खरीद लिया गया था।
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अब जिले के सभी केंद्रों पर गेहूं खरीद बंद है। कारण गेहूं की आवक नहीं होने बताया जा रहा है। हालांकि अनाज मंडियों में हर रोज 80 से 100 एमटी गेहूं खरीदा बेचा जा रहा है।
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दरअसल मंडियों में गेहूं का रेट 1600 रुपये प्रति क्विंटल से भी ऊपर पहुंच गया है। जबकि सरकारी क्रय केंद्रों पर गेहूं का रेट 1525 रुपये हें। 1525 रुपये में भी पेमेंट की टेंशन किसानों को होती है।
बता दें कि गेहूं खरीद नहीं होने से जनपद में एफसीआई के अधिकांश गोदाम खाली रह जाएंगे। ऐसे में एमडीएम और राशन की योजनाओं पर ग्रहण लग सकता है। गेहूं खरीद का लक्ष्य यदि पूरा नहीं हुआ तो सीजन में खाद्यान संकट बढ़ सकता है।
बता दें कि राशन और एमडीएम में गेहूं की जरुरत पड़ती है। एफसीआई का चांदपुर बुलंदशहर, खुर्जा और सिकंदराबाद में गोदाम हैं।
लक्ष्य का 18 फीसदी हुई खरीद
इस बार शासन ने जिले को 1.53 लाख एमटी गेहूं खरीद का लक्ष्य दिया था। लक्ष्य के सापेक्ष मात्र 18 फीसदी गेहूं की खरीद हो सकी है।
गेहूं खरीद कमोबेश बंद हो गई है। अब तक करीब 23,650 एमटी गेहूं खरीदा जा चुका है। खरीद लक्ष्य की करीब 18 प्रतिशत हुई है। कम उत्पादन होने से लक्ष्य की प्राप्ति नहीं हो पाई है। - वीके विदवा, जिला विपणन अधिकारी