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सांस लेने लायक नहीं जिले की हवा, एक्यूआई तीन सौ के पार

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Thu, 27 Oct 2022 10:24 PM IST
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सांस लेने लायक नहीं जिले की हवा, एक्यूआई तीन सौ के पार
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बुलंदशहर। दिवाली पर प्रतिबंध के बावजूद आतिशबाजी छोड़े जाने से प्रदूषण लाल श्रेणी में चल रहा है। दिवाली के बाद बृहस्पतिवार को शहर का एक्यूआई (एयर क्वालिटी इंडेक्स) तीन सौ के पार चल रहा है। बृहस्पतिवार को शहर का एक्यूआई 329 तो खुर्जा का एक्यूआई 316 मापा गया। ऐसे में बुलंदशहर देश के सबसे प्रदूषित शहरों में आठवें नंबर पर और खुर्जा नौवें नंबर पर रहा। संबंधित विभाग वायु प्रदूषण रोकने के प्रयास के नाम पर महज खानापूर्ति कर रहे हैं।
जनपद की हवा की गुणवत्ता पिछले माह से खराब चल रही है। इसका बड़ा कारण हवा की गति धीमी रहना है। वहीं, दिवाली पर आतिशबाजी पर प्रतिबंध लगने के बाद अभी तक आतिशबाजी जारी है। इनसे निकलने वाले धुएं की वजह से प्रतिदिन वायु प्रदूषण बढ़ रहा है। बुधवार शाम से बढ़ना शुरू हुआ एक्यूआई का स्तर बृहस्पतिवार को भी लाल श्रेणी में शामिल रहा। जिससे सांस और अस्थमा के रोगियों की परेशानी बढ़ गई। इससे आंखों में जलन और त्वचा रोग का खतरा बढ़ गया। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार एक्यूआई बढ़ने से हर वर्ग के लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। अगर तेज हवा चलती है या बारिश होती है तो इससे छुटकारा मिल सकता है। जिला प्रशासन लोगों से पुआल, कूड़ा न जलाने, निर्माण कार्य न करने की अपील कर रहे हैं। इसके बावजूद जगह-जगह कूड़ा आदि अभी भी जलाया जा रहा है।
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बरतें सावधानी, हो सकती है परेशानी
एक्यूआई बढ़ने पर आसमान में धूल-धुएं के कण के साथ-साथ सल्फर डाई ऑक्साइड जैसी नुकसानदायक गैसें भी होती हैं। इनके असर से पर्यावरण में ऑक्सीजन कम हो जाती है। वहीं, ये गैसें सांस के जरिये शरीर में जाकर नुकसान पहुंचाती हैं। सांस रोगियों को ऐसे वातावरण में घर से बाहर निकलने से परहेज करना चाहिए। साथ ही अगर स्मॉग के रहते बारिश होती है तो इससे भी हानिकारक गैस पानी के साथ नीचे आएगी। इसलिए इस बारिश में नहीं भीगना चाहिए।
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बढ़ रहे खांसी के मरीज
जिला अस्पताल के वरिष्ठ परामर्शदाता डॉ. परवेंद्र सिंह ने बताया कि वायु प्रदूषण के चलते खांसी के मरीजों की संख्या भी बढ़ने लगी है। पहले जहां नाममात्र मरीज खांसी की समस्या को लेकर अस्पताल पहुंचते थे। वहीं, अब अस्पताल में 25 से 30 मरीज प्रतिदिन आ रहे हैं। वायु प्रदूषण से बचने के लिए सभी को खासकर छोटे बच्चे, बीमार, बुजुर्ग आदि को अधिक सावधानी बरतने की आवश्यकता है। घर से बाहर निकलते समय मास्क और चश्मा आदि का प्रयोग करें।

प्रदूषण से बचाव के उपाय
- मुंह और नाक पर कपड़ा रखकर घर से बाहर निकले।
- पेड़ और हरियाली वाले स्थान पर अधिक समय बिताएं।
- दमा-सांस के मरीज बहुत जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलें।
- सांस लेने में किसी भी तरह की परेशानी होने पर तत्काल चिकित्सक की सलाह लें।
- सुबह और शाम के समय टहलने से बचें।
सबसे प्रदूषित शहरों का एक्यूआई
शहर का नाम एक्यूआई
गाजियाबाद - 373
ग्रेटर नोएडा - 368
धरुहेरा - 364
गुरुग्राम - 362
दिल्ली - 354
नोएडा - 354
मोतीहारी - 343
कैथल - 332
बुलंदशहर - 329
खुर्जा - 316
हापुड़ - 301
लगातार क्षेत्र में जाकर धूल उड़ने वाले क्षेत्रों में पानी का छिड़काव कराने को कहा गया है। साथ ही खुले में रखी निर्माण सामग्री के लिए उसे ढककर रखने के निर्देश दिए हैं। आतिशबाजी होने और हवा न चलने के कारण भी एक्यूआई में बढ़ोत्तरी हो रही है। - सपना श्रीवास्तव, क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड अधिकारी
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