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एक्यूआई: संकट बरकरार, 260 मापा गया जिले का एक्यूआई

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Thu, 27 Oct 2022 12:22 AM IST
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हवा की सेहत में नहीं हुआ सुधार, लाल निशान पर पहुंचा एक्यूआई
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बुलंदशहर। जिले का एक्यूआई का स्तर अभी भी खतरे के करीब चल रहा है। बुधवार को दिवाली के बाद दूसरे दिन शहर का एक्यूआई 260 मापा गया। जो देशभर के सबसे प्रदूषित शहरों में 18वें नंबर पर रहा। जिले के एक्यूआई में जल्द गिरावट नहीं हुई तो लोगों के स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव पड़ेगा और सांस लेना दूभर हो सकता है।
दिवाली पर आतिशबाजी पर भले ही प्रतिबंध था। इसके बावजूद रविवार से मंगलवार देर रात तक लोग आतिशबाजी करते रहे। इनसे निकलने वाले धुंए से खूब वायु प्रदूषण हुआ। सोमवार शाम से जिले का एक्यआई बढ़ना शुरू हुआ जो मंगलवार को लाल निशान को पार कर गया और देश में दूसरे नंबर का सबसे प्रदूषित शहर रहा, वहीं बुधवार को शहर की वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) में गिरावट दर्ज की गई। इस दौरान शहर का एक्यूआई 266 मापा गया। स्वास्थ्य अफसरों के अनुसार वायु गुणवत्ता सूचकांक 200 से अधिक होने पर सांस रोगियों की समस्या में तेजी से बढ़ोत्तरी होगी। इसके कारण सीने में जलन और सांस फूलने की समस्या आ सकती है।
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पर्यावरणविद राजेंद्र पथिक ने बताया कि वायु प्रदूषण को बढ़ने से रोकने के लिए लोगों को भी आगे आना होगा। पर्यावरण प्रदूषण करने की जगह पौधरोपण कर उसे स्वच्छ बना सकते है। साथ ही वायु प्रदूषण का कारण बन रहे वाहनों आदि का कम से कम संचालन करें तो भी काबू पाया जा सकता है।
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कूड़ा जलाने से होती है हवा अधिक जहरीली
कूड़ा जलाने, प्लास्टिक जलाने से कार्बन, कार्बन मोनो ऑक्साइड, नाइट्रस ऑक्साइड आदि गैस निकलती हैं। जो कि वातावरण को प्रदूषित करती हैं। साथ ही फैक्ट्रियां के शहर के बाहर स्थापित होने से कम प्रदूषण फैलता है। मुख्य प्रदूषण वाहनों के आवागमन से सड़क पर धूल उड़ने वाली धूल फैलाती है। बुधवार को मुस्लिम डिग्री कॉलेज के पीछे, रेलवे स्टेशन रोड, स्याना रोड आदि स्थानों पर कूड़ा जलता नजर आया।
कुछ दिन सुबह टहलने से करें परहेज
जिला अस्पताल के चिकित्सक डॉ. परवेंद्र सिंह ने बताया कि सुबह मौसम ठंडा रहता है। कोहरा और ओस का भी असर शुरू हो गया है। इस वजह से कार्बन के कण वायुमंडल के निचले स्तर पर रहते हैं। अगर आप सुबह टहलने निकलते हैं और खुली हवा में सांस लेते है तो कार्बन के ये कण ऑक्सीजन के साथ आपके शरीर में पहुंच जाते है। ये कण दमा के मरीजों के लिए अधिक खतरनाक है। ऐसे में कुछ दिन सुबह टहलने से परहेज करें। अगर जाएं भी तो मुंह पर मास्क या कपड़ा का प्रयोग करें, जिससे दूषित हवा नुकसान न पहुंचा सके।
दिल्ली-एनसीआर में हापुड़ रहा सबसे आगे
सीपीसीबी द्वारा जारी की गई रिपोर्ट के अनुसार देश के 166 सबसे प्रदूषित शहरों में मुजफ्फरनगर का एक्यूआई 359 रहने पर पहले नंबर पर रहा। जबकि दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में शामिल हापुड़ का एक्यूआई 302 मापा गया। इसके बाद गाजियाबाद का 276, दिल्ली का 270, नोएडा का 262, बुलंदशहर का 260, मेरठ का 250, ग्रेटर नोएडा का 215 और खुर्जा का 213 एक्यूआई रहा।

वातावरण बदलाव और दिवाली पर छोड़ी गई आतिशबाजी के कारण एक्यूआई में लगातार इजाफा हो रहा है। वायु प्रदूषण रोकने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। जल्द ही वायु प्रदूषण फैलाने वाले कारखानों और फैक्ट्रियों पर कार्रवाई की जाएगी। - सपना श्रीवास्तव, क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड अधिकारी
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