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एक्यूआई 411: जलाया जा रहा कूड़ा और हो रहा निर्माण

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Wed, 10 Nov 2021 11:00 PM IST
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pollution
नुमाइश प्रदर्शनी के मैदान में कूड़े में लगी आग। - फोटो : BULANDSHAHR
एक्यूआई 411: जलाया जा रहा कूड़ा और हो रहा निर्माण
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बुलंदशहर। नमी और सड़कों से उठने वाली धूल की वजह से प्रदूषण में फिर बढ़ोत्तरी होने लगी है। कूड़ा जलाने पर पाबंदी न लगने और निर्माण कार्य बंद न किए जाने से धूल और धुएं के हानिकारक कण की वजह से बुधवार को जिले का एक्यूआई 411 मापा गया। जनपद देश के सबसे प्रदूषित 141 शहरों में चौथे नंबर पर रहा। प्रदूषण की रोकथाम के लिए न तो पालिका और न ही प्रदूषण विभाग द्वारा कोई कार्रवाई की जा रही है।
दिवाली पर जिले में वायु प्रदूषण का स्तर बढ़कर 444 पर पहुंच गया था। इसके बाद धीरे-धीरे वायु प्रदूषण के स्तर में सुधार देखने को मिल रहा था। लेकिन जिम्मेदारों के जागरूक न होने की वजह से जनपद के हालात फिर बिगड़ने लगे हैं। बुधवार को नगर के नुमाइश मैदान समेत कई स्थानों पर कूड़े के ढेर से धुआं उठता रहा। जबकि कूड़े के ढेर के पास से प्रशासनिक और अन्य अफसर गुजरते रहे लेकिन किसी ने भी कूड़े पर पानी डलवाना या आग लगाने वाले पर कार्रवाई करना उचित नहीं समझा।
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नगर में सीवर लाइन डालने का कार्य भी जारी है। सीवर लाइन डालने के बाद सड़क का निर्माण न होने से यमुनापुरम, गंगानगर, चांदपुर रोड़, ईदगाह रोड, स्याना बस अड्डा और शिकारपुर रोड आदि पर सड़कों से धूल उड़ती रही। यहां पर न तो कार्यदायी संस्था द्वारा पानी का छिड़काव कराया गया और न ही पालिका द्वारा छिड़काव कराया जा रहा है। वहीं, वायु प्रदूषण बढ़ने से सांस के रोगियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जिससे प्रतिदिन रोगी जिला अस्पताल और निजी अस्पताल तक की दौड़ लगा रहे है।
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वायु प्रदूषण के लिए ये विभाग भी हैं जिम्मेदार
पालिका द्वारा जहां नियमित पानी का छिड़काव कराने के साथ कूड़ा जलाने वालों पर अंकुश लगाना चाहिए। वहीं, प्रदूषण विभाग द्वारा भी कार्रवाई नहीं की जा रही है। स्याना रोड पर गांव कुदैना में प्रतिदिन एक फैक्ट्री से दिन-रात धुआं निकलता रहता है। यातायात विभाग द्वारा भी प्रमुख चौराहों पर आए दिन लगने वाले जाम की समस्या का समाधान नहीं किया जा रहा। साथ ही पूर्ति विभाग व खाद्य विभाग द्वारा ढाबा, होटल और रेस्टोरेंट आदि में ईंधन के रूप में प्रयुक्त लकड़ी व कोयले के प्रयोग पर रोक नहीं लगाई जा रही। इतना ही नहीं जिलेभर की कई सड़कों की बदहाल दशा सुधार के नाम पर महज खानापूर्ति की गई। बड़े निर्माण कार्यस्थलों पर उड़ने वाले धूल के कणों और निर्माण सामग्री को ढककर रखने एवं पानी का छिड़काव जैसे कार्यों में निरंतरता का अभाव बना हुआ है। वहीं, जिले के बेसिक, माध्यमिक एवं उच्च शिक्षा वाले संस्थानों में प्रदूषण और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कार्यक्रमों का अभाव बना हुआ है। अगर कार्यक्रमों का आयोजन किया जाए तो छात्र-छात्राएं कई लोगों को जागरूक कर सकेंगे। इसके अलावा अवैध खनन रोकने के लिए खनन विभाग ने कोई कार्रवाई नहीं की। वहीं, शहर के गलीकूचों में संचालित क्लीनिक और नर्सिंग होम से निकलने वाले बायोमेडिकल वेस्ट का उचित निस्तारण नहीं किया गया। जिले का अग्निशमन एवं राजस्व विभाग प्रतिबंधित इलाकों में आतिशबाजी छोड़ने व बिक्री पर रोक नहीं लगा सका। वहीं एआरटीओ विभाग द्वारा कंडम वाहनों के परिचालन रोकने संबंधी प्रयास को भी सफलता नहीं मिल सकी। कृषि विभाग द्वारा पराली जलाने के मामलों में भी सैटेलाइट पर निर्भर रहना पड़ रहा है।
एक दिन में 23 एक्यूआई की बढ़त
शहर के बीचों बीच प्रदूषण की मात्रा में बुधवार को 23 एक्यूआई की बढ़ोत्तरी हुई है। मंगलवार को जिले का एक्यूआई जहां 388 मापा गया था तो बुधवार को बढक़र 411 पर पहुंच गया। जिससे जनपद देश के सबसे प्रदूषित शहरों में चौथे नंबर पर रहा। हालांकि बुधवार को गाजियाबाद पहले तो हापुड़ तीसरे नंबर पर रहा।
इन शहरों का रहा सर्वाधिक एक्यूआई
शहर का नाम एक्यूआई
गाजियाबाद 428
पानीपत 417
हापुड़ 412
बुलंदशहर 411
कैथल 410
बागपत 409
जिंद 407
ये बरतें एहतियात
- बाहर निकलने पर मास्क का प्रयोग अवश्य करें।
- सुबह की सैर के लिए न निकलें। बीमार, बुजुर्ग और बच्चों को सुबह-शाम बाहर न घूमने दें। घर में ही योगाभ्यास और प्राणायाम करें।
- खुले में व्यायाम न करें। खुले में जल्दी-जल्दी सांस लेने से प्रदूषण के तत्व फेफड़ों में अधिक मात्रा में चले जाते हैं। इसलिए घर या जिम में व्यायाम करें।

- पीने के लिए नियमित रूप से गुनगुना पानी लें। खानपान सादा रखें और समय से भोजन लें।
वातावरण में नमी के कारण धूल की परतें वातावरण में जमा रहती है। बुधवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक बढ़कर 411 तक पहुंच गया। वायु गुणवत्ता सूचकांक में सुधार के लिए अधीनस्थ अफसरों को निर्देश दिए गए हैं। - सपना श्रीवास्तव, क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड अधिकारी
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