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पीएम की योजना को आइना, खुले में शौच जा रहीं केजीवी की छात्राएं
ब्यूरो/अमर उजाला, बुलंदशहर
Updated Mon, 10 Apr 2017 11:19 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों को यदि आप मॉडल मानकर चल रहे हो तो मुगालते के शिकार हैं। हकीकत यह है कि कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय स्याना की बच्चियां खुले में शौच करने के लिए मजबूर हैं। विद्यालय में शौचालय चालू हालत में नहीं है।
शौचालय में पानी का बंदोबस्त तक नहीं किया गया है। शौचालयोें में दरवाजे भी नहीं हैं। बदइंतजामी के हालात इस कदर हावी हैं कि एक बेड पर तीन तीन बच्चियों को रात गुजारनी पड़ती है। सीडीओ के निरीक्षण में विद्यालय में बदइंतजामी सामने आई है।
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केंद्र की मोदी और राज्य की योगी सरकार खुले में शौच को लेकर भले ही गंभीर हो, लेकिन बेसिक शिक्षा विभाग के अफसर कतई संजीदा नहीं दिख रहे हैं। सोमवार को सीडीओ जसजीत कौर ने स्याना में कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय का औचक निरीक्षण किया।
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सीडीओ ने बताया कि ग्राउंड फ्लोर और प्रथम तल पर बने शौचालय चालू हालत में नहीं थे। गंदगी हद दर्जें की थी। वॉश बेसिन नहीं थे। शौचालय में पानी का इंतजाम भी नहीं था। ऐसे में बच्चियों को खुले में शौच के लिए जाना पड़ता है।
यह विभाग के उन अफसरोें के लिए शर्मनाक तस्वीर है, जिनपर अमल कराने की जिम्मेदारी है। विद्यालय में बेड की संख्या कम होेने से रात में एक बेड पर तीन तीन बच्चियों को सोना पड़ता है। स्वच्छ पेयजल के लिए आरओ भी नहीं था।
आरओ अनिवार्य रुप से होना चाहिए। किचन में आटा, चावल, दाल, नमक और सब्जियां आदि नहीं थी। ऐसे हालात तब हैं जब विद्यालय के खजाने में साढ़े नौ लाख रुपये जमा हैं। बताया गया है कि 28 मार्च को बीएसए के पास रसद, गददे और चादर की डिमांड भेज दी गई थी। इसके बावजूद अब तक सप्लाई नहीं हुई।
स्याना बालिका विद्यालय में वार्डन की तैनाती नहीं है। ऐसे में सरकारी मशीनरी का बालिका सुरक्षा का दावा खोखला है। बता दें कि वार्डन की मुख्य जिम्मेदारी बच्चियों की देखभाल और सुरक्षा करना होता है।
सीडीओ जसजीत कौर ने बताया कि क्रिटिकल गैप से इंटरलॉकिंग टाइल्स और कटीले तार लगाने के लिए 7.50 लाख रुपये दिए गए थे। टाइल्स का काम पूरा करा लिया गया है। कटीले तार लगाने का काम शुरू ही नहीं हुआ है। निरीक्षण में शौचालय मिला टूटा फूटा दरवाजे भी थे गायब
बीडीओ को नोटिस
लखावटी ब्लाक में बीडीओ 10 बजे के बजाय 10:55 बजे पहुंची थी। सीडीओ ने बीडीओ को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। सीडीओ सोमवार को ब्लाक का निरीक्षण करने गई थी। फाइलों का रखरखाव भी ठीक नहीं था। अलमारियों में जंग लगा हुआ था।