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Bulandshahar News: अस्पतालाें में नहीं हैं चिकित्सक, फार्मासिस्ट संभाल रहे ओपीडी की कमान
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ऊंचागांव सीएचसी पर बुखार के मरीज लाइन में लगकर इंतजार करते हुए। संवाद
बुलंदशहर। जिले में बुखार का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है, लेकिन सरकारी अस्पतालों की हालत बद से बदतर है। बृहस्पतिवार को अमर उजाला की टीम ने जिलेभर के प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के साथ जिला अस्पताल का भ्रमण किया तो कहीं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में निजी लैब के कर्मचारी ब्लड सैंपल लेते नजर आए, तो कहीं ओपीडी में चिकित्सक ही नहीं मिले।चिकित्सकों की जगह फार्मासिस्ट को ही ओपीडी की कमान संभालनी पड़ रही।
जिला अस्पताल में नहीं मिल रही पूरी दवाई
जिला अस्पताल की ओपीडी में बुखार के मरीजों की लंबी लाइन लगी रही। मरीज पुष्पम और नीतू ने बताया कि बुखार होने पर दो दवाई अस्पताल के अंदर से दीं। बाकी दवाइयां बाहर के मेडिकल स्टोर से लेने के लिए कहा। कुछ ब्लड की जांच अस्पताल के बजाय बाहर से कराने को लिखीं। यह ओपीडी में कुछ बाहर के लोग इलाज करते देखे गए। सीएमएस डाॅ. राजीव प्रसाद ने बताया कि बाहरी लोगों को कई बार ओपीडी से भगाया गया है। दोबारा ओपीडी में मिलने पर पुलिस कार्रवाई कराई जाएगी।
डेढ़ वर्ष से चिकित्सक लापता, फार्मासिस्ट कर रहे इलाज
जहांगीरपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर तैनात किए गए चिकित्सक डाॅ. दीपक कुमार करीब डेढ़ साल से अनुपस्थित चल रहे हैं। उनके न होने पर केंद्र पर तैनात फार्मासिस्ट ही मरीजों का उपचार कर दवाइयां वितरित करते हैं। मरीज देवेंद्र ने बताया कि पैसे के अभाव में सरकारी अस्पताल में दवाई लेने के लिए आना पड़ता है। कई बार चिकित्सक न होने की बात कहकर वापस भेज दिया जाता है। सीएचसी प्रभारी जेवर डा. मोहम्मद शर्फे जिया ने बताया कि चिकित्साधिकारी को लिखकर अवगत करा दिया गया है। एक अन्य चिकित्सक की मांग की गई है।
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जिला महिला अस्पताल के बेड पर नहीं मिली चादर
जिला महिला अस्पताल में प्रसव के बाद महिलाओं को तीसरे तल पर बने वार्डों में भर्ती किया जाता है। बृहस्पतिवार को दोपहर एक बजे एक भी बेड पर चादर नहीं बिछी हुई थी। तीमारदार महिला सुनीता ने बताया कि बेड पर बिछाने के लिए चादर मांगी तो स्टॉफ ने मना कर दिया। तीमारदार घर से लाकर चादर बिछा रहे हैं। मेडिकल कालेज की प्राचार्य डा. मनीषा जिंदल ने बताया कि वार्ड आया की लापरवाही मिलने पर उसे चेतावनी देकर चादर बिछाने के निर्देश दिए हैं।
आयुष चिकित्सक ने संभाली ओपीडी
ऊंचागांव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर 1.20 बजे एलोपैथी चिकित्सक के स्थान पर आयुष चिकित्सक मरीजों का उपचार करते मिले। करीब 200 मरीजों का बृहस्पतिवार को उपचार किया गया। सीएचसी प्रभारी डाॅ. शलभ कुमार भारती ने बताया कि वह मुख्यालय बैठक में हैं। चार दिन से लगातार ड्यूटी दे रहे सीएचसी पर तैनात एक चिकित्सक बृहस्पतिवार को अवकाश पर थे। उच्चाधिकारियों से एक और चिकित्सक की मांग की गई है।
निजी लैब का कर्मचारी लेता मिला सैंपल
डिबाई सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर 11:55 बजे दो चिकित्सक लापता थे। उनके स्थान पर एक फार्मासिस्ट प्रभात कुमार मरीजों का उपचार करते मिले। केंद्र में स्थित पैथलॉजी लैब के बाहर निजी लैब का एक कर्मचारी ब्लड सैंपल लेता हुआ नजर आया। निजी लैब के कर्मचारी ने 10 से अधिक सैंपल लिए। इलाज कराने आए सतीश ने बताया कि सरकारी अस्पताल की लैब पर जांच कराने आया था, यहां बैठे कर्मचारी ने जांच न होने की बात कहकर बाहर बैठे निजी लैब के कर्मचारी को सैंपल देने के लिए कहा।
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जिला अस्पताल में नहीं मिल रही पूरी दवाई
जिला अस्पताल की ओपीडी में बुखार के मरीजों की लंबी लाइन लगी रही। मरीज पुष्पम और नीतू ने बताया कि बुखार होने पर दो दवाई अस्पताल के अंदर से दीं। बाकी दवाइयां बाहर के मेडिकल स्टोर से लेने के लिए कहा। कुछ ब्लड की जांच अस्पताल के बजाय बाहर से कराने को लिखीं। यह ओपीडी में कुछ बाहर के लोग इलाज करते देखे गए। सीएमएस डाॅ. राजीव प्रसाद ने बताया कि बाहरी लोगों को कई बार ओपीडी से भगाया गया है। दोबारा ओपीडी में मिलने पर पुलिस कार्रवाई कराई जाएगी।
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डेढ़ वर्ष से चिकित्सक लापता, फार्मासिस्ट कर रहे इलाज
जहांगीरपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर तैनात किए गए चिकित्सक डाॅ. दीपक कुमार करीब डेढ़ साल से अनुपस्थित चल रहे हैं। उनके न होने पर केंद्र पर तैनात फार्मासिस्ट ही मरीजों का उपचार कर दवाइयां वितरित करते हैं। मरीज देवेंद्र ने बताया कि पैसे के अभाव में सरकारी अस्पताल में दवाई लेने के लिए आना पड़ता है। कई बार चिकित्सक न होने की बात कहकर वापस भेज दिया जाता है। सीएचसी प्रभारी जेवर डा. मोहम्मद शर्फे जिया ने बताया कि चिकित्साधिकारी को लिखकर अवगत करा दिया गया है। एक अन्य चिकित्सक की मांग की गई है।
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जिला महिला अस्पताल के बेड पर नहीं मिली चादर
जिला महिला अस्पताल में प्रसव के बाद महिलाओं को तीसरे तल पर बने वार्डों में भर्ती किया जाता है। बृहस्पतिवार को दोपहर एक बजे एक भी बेड पर चादर नहीं बिछी हुई थी। तीमारदार महिला सुनीता ने बताया कि बेड पर बिछाने के लिए चादर मांगी तो स्टॉफ ने मना कर दिया। तीमारदार घर से लाकर चादर बिछा रहे हैं। मेडिकल कालेज की प्राचार्य डा. मनीषा जिंदल ने बताया कि वार्ड आया की लापरवाही मिलने पर उसे चेतावनी देकर चादर बिछाने के निर्देश दिए हैं।
आयुष चिकित्सक ने संभाली ओपीडी
ऊंचागांव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर 1.20 बजे एलोपैथी चिकित्सक के स्थान पर आयुष चिकित्सक मरीजों का उपचार करते मिले। करीब 200 मरीजों का बृहस्पतिवार को उपचार किया गया। सीएचसी प्रभारी डाॅ. शलभ कुमार भारती ने बताया कि वह मुख्यालय बैठक में हैं। चार दिन से लगातार ड्यूटी दे रहे सीएचसी पर तैनात एक चिकित्सक बृहस्पतिवार को अवकाश पर थे। उच्चाधिकारियों से एक और चिकित्सक की मांग की गई है।
निजी लैब का कर्मचारी लेता मिला सैंपल
डिबाई सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर 11:55 बजे दो चिकित्सक लापता थे। उनके स्थान पर एक फार्मासिस्ट प्रभात कुमार मरीजों का उपचार करते मिले। केंद्र में स्थित पैथलॉजी लैब के बाहर निजी लैब का एक कर्मचारी ब्लड सैंपल लेता हुआ नजर आया। निजी लैब के कर्मचारी ने 10 से अधिक सैंपल लिए। इलाज कराने आए सतीश ने बताया कि सरकारी अस्पताल की लैब पर जांच कराने आया था, यहां बैठे कर्मचारी ने जांच न होने की बात कहकर बाहर बैठे निजी लैब के कर्मचारी को सैंपल देने के लिए कहा।