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पौधों और बीज की जांच के लिए बुलंदशहर में बनेगी देश की पहली लैब

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Tue, 28 Jun 2022 10:09 PM IST
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plant tasting lab
पौधों और बीज की जांच के लिए बुलंदशहर में बनेगी देश की पहली लैब
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बुलंदशहर। आस्ट्रेलिया की मेलबर्न यूनिवर्सिटी द्वारा पैदावार बढ़ाने के लिए पौधों और बीज की जांच की जाएगी। इसके लिए जिले में देश की पहली लैब स्थापित की जाएगी। मंगलवार को यूनिवर्सिटी की एक टीम ने मौके पर पहुंचकर किसानों से बातचीत करते हुए लैब के कार्य और सुविधा के बारे में जानकारी दी। जिले में 80 फीसदी से अधिक लोग खेती पर निर्भर हैं। बड़ी संख्या में किसान फसलों में लगने वाली बीमारी, खराब गुणवत्ता का बीज, पर्याप्त पैदावार न होना और पौधों का बीच में ही सूख जाने से परेशान रहते हैं। इसके चलते किसानों की आय पर बुरा असर पड़ता है। अब आस्ट्रेलिया के मेलबर्न शहर में बनी ला ट्रोब यूनिवर्सिटी की ओर से किसानों की समस्या को दूर करने के लिए कदम उठाया जा रहा है।
मंगलवार को जिला पंचायत सभागार में आस्ट्रेलिया से आए हर्षवर्धन और माइकल ने किसानों के साथ बैठक की। बताया कि प्रतिवर्ष 100 मिलियन आस्ट्रेलियन डॉलर का भारत और आस्ट्रेलिया इनोवेशन फंड पहले से ही निर्धारित है। इसी फंड से जिले में देश की पहली लैब स्थापित की जाएगी। लैब में विभिन्न फसलों के बीज, पौधों की जांच की जाएगी और उनमें पैदा होने वाली बीमारी का उपचार करने के साथ ही खराब पौधों को नष्ट किया जाएगा और स्कैनर के माध्यम से पहले ही रिपोर्ट दी जाएगी कि इस पौधे से कितनी पैदावार होगी। लैब में जांच के बाद पैदा होने वाली फसल की गुणवत्ता अच्छी होगी और पैदावार अधिक होने के कारण किसानों को अन्य देशों में भी फसल बेचने की सुविधा होगी। जिले में लैब लगाए जाने के बाद उम्मीद है कि हरियाणा और पंजाब के किसानों की फसल की जांच भी यहीं से की जा सकेगी। इस कार्य के लिए सरकार और आस्ट्रेलिया सरकार के बीच पहले ही अनुबंध हो चुका है। मौके पर अपर मुख्य अधिकारी विद्या शंकर पांडेय, धर्मेंद्र चौधरी, पिंटू प्रमुख, नितिन बालियान मौजूद रहे।
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तीन एकड़ में बनेगी लैब
हर्षवर्धन ने बताया कि लैब के निर्माण के लिए करीब तीन एकड़ जमीन की आवश्यकता होगी। जमीन उपलब्ध कराने के लिए जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. अंतुल तेवतिया ने सहमति दी। लैब निर्माण पर करीब 20 मिलियन आस्ट्रेलियन डॉलर (120 करोड़) रुपये का खर्च आएगा। इस लैब में प्रतिदिन 80 लाख पौधों की जांच कर रिपोर्ट दी जा सकेगी। इसके अलावा लैब में साइंटिस्ट और अन्य लोगों को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे।
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भारत-आस्ट्रेलिया काउंसिल करेगी लैब को संचालित
माइकल ने बताया कि लैब का संचालन मेलबर्न यूनिवर्सिटी, भारत सरकार और भारत-आस्ट्रेलिया काउंसिल द्वारा किया जाएगा। इसमें किसानों के पौधों व बीज की जांच फ्री में की जाएगी। इसके लिए किसानों को अपने खेत में लगाई गई पौध में से कुछ पौधे मिट्टी सहित लाने होंगे। साथ ही लैब में तैनात साइंटिस्ट को जानकारी देनी होगी कि उक्त खेत में क्या फसल और कब लगाई थी। इसके अलावा पड़ोस के खेत में लगाई गई फसल की जानकारी भी देनी होगी।

आस्ट्रेलिया और भारत सरकार के बीच प्रोजेक्ट को लेकर पहले ही अनुबंध हो चुका है। अब टीम ने संपर्क किया है। प्रोजेक्ट किसानों की आय बढ़ाने और खेती को आधुनिक बनाने के लिए अहम होगा। इसके लिए जमीन की तलाश की जा रही है। जल्द आगे की कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. अंतुल तेवतिया, अध्यक्ष, जिला पंचायत
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