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25 लाख की रोजाना वसूली फिर भी 22 किलोमीटर में आठ सौ गड्ढे

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Wed, 04 Aug 2021 11:18 PM IST
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pit on haighway
हाईवे पर गढ्ढों से गुजरते वाहन। - फोटो : KHURJA
25 लाख की रोजाना वसूली फिर भी 22 किलोमीटर में आठ सौ गड्ढे
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खुर्जा। सफर को सुहाना बनाने के लिए बनाए गए नेशनल हाईवे-91 पर गड्ढों की भरमार हो गई है। बारिश के बाद तो इसकी हालत और भी खराब हो गई है। मामन फ्लाईओवर से अलीगढ़ बॉर्डर तक करीब 22 किलोमीटर में करीब आठ सौ गड्ढे हो गए हैं। प्रतिदिन हाईवे से करीब 25 हजार वाहन गुजरते हैं। उधर, हाईवे अथॉरिटी वाहन चालकों को सुविधा देने के नाम पर प्रतिदिन 25 लाख का टोल टैक्स वसूल रही है।
अलीगढ़ के गभाना टोल और सिकंदराबाद-दादरी बॉर्डर पर बने टोल पर लगातार वसूली की जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत भी की गई लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
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2014 में हुआ था निर्माण
लोगों के आवागमन को सुगम बनाने के लिए वर्ष 2014 में अलीगढ़-गाजियाबाद नेशनल हाइवे 91 का निर्माण पूरा किया गया था। वाहनों से वसूले जाने वाले टोल में कई बार बढोतरी की गई, लेकिन सुविधाएं नहीं बढ़ाई गईं। हाईवे पर जगह-जगह गड्ढों के कारण वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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इन स्थानों पर हो गए हैं गड्ढे
हाईवे-91 पर मामन फ्लाईओवर, कोतवाली देहात के पास, कैलाश अस्पताल के पास हर कदम पर गड्ढे देखने को मिल जाएंगे। वहीं अरनिया क्षेत्र में दशहरा, मुनि आदि गांवों के पास हाईवे पर गड्ढे हादसों का सबब बन रहे हैं। यही नहीं कई जगह सड़क उखड़ गई है और बजरी बिखरी पड़ी हैं। ऐसे में वाहनों के फिसलने का खतरा बना रहता है। कई बार लोग गड्ढों से खुद को बचाने के चक्कर में दुर्घटनाग्रस्त हो जाते हैं।
मरम्मत के कुछ दिन बाद फिर हो जाते हैं गड्ढे
हाईवे पर हुए गड्ढों को भरने के लिए साल में कई बार मरम्मत किया जाता है। लेकिन कुछ दिन के बाद फिर से स्थिति जस की तस हो जाती है। एक तरफ गड्ढों को भरने का काम किया जाता है तो दूसरी तरफ से उखड़ने शुरू हो जाते हैं।
लाइटें जलती नहीं, शौचालय बदहाल
हाइवे पर पड़ने वाले फ्लाईओवर पर लगाई गई कई लाइटें खराब पड़ी हैं। ऐसे में रात के समय अंधेरा रहता है। इसके अलावा शौचालय की व्यवस्था नहीं है। जहां शौचालय हैं भी वह भी जर्जर हालत में हैं।

हादसा होने पर नहीं समय पर नहीं पहुंचती एंबुलेंस
हाईवे पर हादसा होने पर दस मिनट में एंबुलेंस पहुंचने का नियम है। लेकिन दुर्घटना में घायल को अस्पताल पहुंचाने के लिए एंबुलेंस का इंतजार करना पड़ता है। ऐसी कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं जब एंबुलेंस न पहुंचने पर घायल को निजी वाहन से अस्पताल पहुंचाना पड़ा है। कई बार समय से एंबुलेंस न पहुंचने के कारण गंभीर घायल की जान तक चली जाती है।
बात कर कराया जाएगा समाधान
हाईवे पर गड्ढों की समस्या गंभीर है। इस संबंध में एनएचएआई के अधिकारियों से बात कर समस्या का समाधान करवाया जाएगा।
लवी त्रिपाठी, एसडीएम खुर्जा
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