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गलत आपरेशन से टांग कटने पर चिकित्सक को देना होगा हर्जाना
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गलत आपरेशन से टांग कटने पर चिकित्सक को देना होगा हर्जाना
बुलंदशहर। सड़क दुर्घटना में घायल का गलत आपरेशन के कारण टांग कट जाने के मामले में जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने निजी अस्पताल के चिकित्सक को दोषी माना है। चिकित्सक पर पीड़ित के इलाज में आए खर्च को ब्याज समेत देने का आदेश सुनाया है।
अहार थाना क्षेत्र के गांव नगला मायापुर निवासी नेमपाल सिंह ने जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि मई 2017 को हादसे में वह गंभीर रूप से घायल हो गए। अदिति राजौरा हॉस्पिटल में उन्होंने इलाज कराया। चिकित्सक डा. अजय कुमार ने 55 हजार रुपये लेकर दाईं टांग का आपरेशन किया थज्ञ। इसके बाद हालत बिगड़ने पर उन्हें हायर मेडिकल सेंटर रेफर कर दिया गया। मेरठ में एक निजी अस्पताल में उपचार के दौरान पता चला कि चिकित्सक अजय कुमार ने गलत आपरेशन कर दिया है। जान बचाने के लिए टांग काटनी पड़ी। इसके बाद उन्होंने डा. अजय कुमार से इलाज में खर्च हुए करीब चार लाख रुपये की क्षतिपूर्ति की मांग की। वह राजी नहीं हुए।
जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने चिकित्सक को दोषी माना है। इलाज में खर्च हुए चार लाख रुपये में छह प्रतिशत वार्षिक ब्याज जोड़कर आगामी दो माह के अंदर देने का निर्णय सुनाया है। पांच हजार रुपये वाद व्यय के भी देने का आदेश दिया है। चिकित्सक के पंजीकरण के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए आदेश की एक प्रति चेयरमैन राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग, डीएम और सीएमओ को भी भेजा है।
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आपरेशन के बाद सूखने लगी थी टांग
पीड़ित ने बताया कि आपरेशन के बाद धीरे धीरे टांग सूखने और पीली पड़ने लगी थी। मेरठ के चिकित्सकों ने बताया था कि आपरेशन के दौरान पैर की नसें कट गई थीं। इस कारण घुटने से नीचे टांग ने काम करना बंद कर दिया। टांग नहीं कटाने पर जान को भी खतरा था।
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बुलंदशहर। सड़क दुर्घटना में घायल का गलत आपरेशन के कारण टांग कट जाने के मामले में जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने निजी अस्पताल के चिकित्सक को दोषी माना है। चिकित्सक पर पीड़ित के इलाज में आए खर्च को ब्याज समेत देने का आदेश सुनाया है।
अहार थाना क्षेत्र के गांव नगला मायापुर निवासी नेमपाल सिंह ने जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि मई 2017 को हादसे में वह गंभीर रूप से घायल हो गए। अदिति राजौरा हॉस्पिटल में उन्होंने इलाज कराया। चिकित्सक डा. अजय कुमार ने 55 हजार रुपये लेकर दाईं टांग का आपरेशन किया थज्ञ। इसके बाद हालत बिगड़ने पर उन्हें हायर मेडिकल सेंटर रेफर कर दिया गया। मेरठ में एक निजी अस्पताल में उपचार के दौरान पता चला कि चिकित्सक अजय कुमार ने गलत आपरेशन कर दिया है। जान बचाने के लिए टांग काटनी पड़ी। इसके बाद उन्होंने डा. अजय कुमार से इलाज में खर्च हुए करीब चार लाख रुपये की क्षतिपूर्ति की मांग की। वह राजी नहीं हुए।
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जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने चिकित्सक को दोषी माना है। इलाज में खर्च हुए चार लाख रुपये में छह प्रतिशत वार्षिक ब्याज जोड़कर आगामी दो माह के अंदर देने का निर्णय सुनाया है। पांच हजार रुपये वाद व्यय के भी देने का आदेश दिया है। चिकित्सक के पंजीकरण के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए आदेश की एक प्रति चेयरमैन राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग, डीएम और सीएमओ को भी भेजा है।
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आपरेशन के बाद सूखने लगी थी टांग
पीड़ित ने बताया कि आपरेशन के बाद धीरे धीरे टांग सूखने और पीली पड़ने लगी थी। मेरठ के चिकित्सकों ने बताया था कि आपरेशन के दौरान पैर की नसें कट गई थीं। इस कारण घुटने से नीचे टांग ने काम करना बंद कर दिया। टांग नहीं कटाने पर जान को भी खतरा था।