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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bulandshahar News ›   Patients forced to seek treatment amidst broken windows and doors

Bulandshahar News: टूटी खिड़की और दरवाजों के बीच इलाज कराने को मजबूर मरीज

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Sat, 21 Feb 2026 12:20 AM IST
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खुर्जा। महिला चिकित्सालय में टूटी खिड़की और दरवाजों के बीच मरीजों को उपचार कराना पड़ रहा है। ऐसे में वार्ड में भर्ती मरीजों को रात के समय सर्द हवाओं और दिन भर धूल का सामना करना पड़ता है। कुपोषण कक्ष की खिड़की का कांच भी टूटा पड़ा है, जहां से धूल उड़ती रहती है।
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खुर्जा के श्री लक्ष्मनदास जटिया राजकीय महिला चिकित्सालय में गंदगी व अव्यवस्थाओं का अंबार लगा हुआ है। मरीजों व तीमारदारों की शिकायत के बावजूद कोई सुधार नहीं हो रहा है। बुधवार को अस्पताल में अपनी पत्नी को लेकर पहुंचे अजय ने बताया कि प्रसव से पूर्व उनकी भाभी को वार्ड में भर्ती किया गया।
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वार्ड की खिड़कियों के कांच टूटे हुए थे, जहां से ठंडी हवा आ रही थी। स्वास्थ्यकर्मियों से कहा गया तो उन्होंने कह दिया कि चादर ओढ़ लो, जिससे ठंड नहीं लगेगी। इसके अलावा देखा गया तो वार्ड के बाहर बने कुपोषण कक्ष की खिड़की भी टूटी पड़ी थी। वहीं, टीकाकरण कक्ष का दरवाजा भी करीब एक महीने से टूटा पड़ा है, जिस कारण कक्ष पूरी तरह बंद भी नहीं होता है।
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स्वास्थ्यकर्मियों को मजबूरी में दरवाजा खोलकर ही जाना पड़ता है। ऐसे आवारा पशु के अंदर आने का खतरा बना रहता है। यह समस्या वार्ड व टीकाकरण कक्ष ही नहीं अन्य कक्ष व ओपीडी हॉल में भी है। अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. गौरव सक्सेना ने बताया कि अस्पताल में टूटे दरवाजे और खिड़कियों की मरम्मत कराई जाएगी। इसके लिए कर्मचारियों से कहा गया है।
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