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धान की अच्छी कीमत मिलने से खिले किसानों के चेहरे

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Mon, 19 Sep 2022 10:24 PM IST
सार

धान की अच्छी कीमत मिलने से खिले किसानों के चेहरेसिकंदराबाद।चालू वर्ष में धान की अच्छी कीमत मिलने से किसान खुश हैं।जबकि पिछले साल धान का रेट दो हजार रुपये के आसपास था और किसानों को अपनी उपज का भी दाम नहीं मिल सका था।

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विस्तार

धान की अच्छी कीमत मिलने से खिले किसानों के चेहरे
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सिकंदराबाद। चालू वर्ष में धान की अच्छी कीमत मिलने से किसान खुश हैं। मंडी में धान लेकर पहुंच रहे किसान के चेहरों पर फसल के अच्छे दाम मिलने की खुशी देखी जा सकती है। धान की 1509 प्रजाति 3780 रुपये प्रति क्विंटल बिक रही है।
क्षेत्र में बड़ी संख्या में किसान धान की खेती करते हैं। धान की फसल किसानों की आय के मुख्य स्रोतों में से एक है। सिकंदराबाद अनाज मंडी में धान लेकर पहुंचे किसान रमेश, महेंद्र, सोहनपाल, रोशनलाल, रतन सिंह, आदि ने बताया कि इस वर्ष बारिश कम होने के कारण धान की लागत में वृद्धि हुई है। धान की अगेती प्रजाति 1509 के गत वर्ष के 2800 रुपये प्रति क्विंटल के मुकाबले इस वर्ष प्रति क्विंटल 3780 रुपये मिल रहे हैं। भविष्य में और भी दाम बढ़ने की संभावना है। लागत अधिक आने के बावजूद भी मंडी में दाम अच्छे होने के कारण उन्हें लाभ हो रहा है। फसल के अच्छे दाम मिलने से वह खुश हैं।
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मंडी में धान की अगेती प्रजाति एक सितंबर से पहुंचनी शुरू हो गई थी। एक सितंबर को 18 क्विंटल धान मंडी पहुंचा था। जिसके बाद से लगातार किसान मंडी में अपना धान बेचने के लिए मंडी पहुंच रहे हैं। सोमवार तक मंडी के आढ़ती 35 क्विंटल धान की खरीद कर चुके हैं।
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- भूपेंद्र सिंह सिरोही, प्रभारी सचिव, मंडी समिति
जिले में 90 हजार हेक्टेयर में है धान की फसल
इस बार जिले में 90 हजार हेक्टेयर से अधिक भूमि में धान की फसल उगाई गई है। इस बार बारिश कम होने के कारण किसानों ने किसी तरह फसल पकवार तक पहुंचाने का काम किया है। अब रुक-रुक कर जगह-जगह हो रही बारिश के चलते किसानों को अपनी फसल की चिंता भी सता रही है। जिले की मंडियों में इस बार धान का रेट अच्छा मिलने से भी किसानों को आस है कि इस बार दाम अच्छा मिलेगा। जबकि पिछले साल धान का रेट दो हजार रुपये के आसपास था और किसानों को अपनी उपज का भी दाम नहीं मिल सका था। जिले में बासमती धान की ही खेती की जाती है।

जिले भर की दूसरी मंडियों में पहुंच रहा धान
केवीके के वैज्ञानिक डॉ. विवेकराज का कहना है कि इस समय धान की फसल की जगह-जगह कटाई चल रही है लेकिन बारिश होने के कारण रुक गई है। खेतों में फसल कटाई के लिए भी खड़ी है और किसान कटाई की तैयारी पूरी कर चुके हैं। मौसम साफ होते ही धान की कटाई में तेजी आ जाएगी। इसके लिए किसान मजदूरों से भी संपर्क करने लगे हैं। अधिकतर किसानों ने स्वयं ही फसल की कटाई और उठाई की तैयारी कर ली है।
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